पीएम मोदी ने लंदन में 2019 का चुनावी बिगुल बजा दिया है

पीएम मोदी लंदन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीबीएफसी के अध्यक्ष और गीतकार प्रसून जोशी द्वारा संचालित एक लाइव कार्यक्रम को संबोधित किया। ‘भारत की बात, सबके साथ’ नाम के इस कार्यक्रम को ब्रिटेन की राजधानी लंदन में वेस्टमिंस्टर के सेंट्रल हॉल में आयोजित किया गया था। अपने इस संबोधन से पीएम मोदी ने महान वक्ताओं के पदचिन्हों और महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जैसे प्रशंसित महान हस्तियों का अनुसरण किया है। बता दें कि 1946 में संयुक्त राष्ट्र महासभा की प्रथम बैठक भी लंदन के इसी हॉल में हुई थी। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी का संबोधन इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि इस लाइव कार्यक्रम में भारतीय नागरिकों ने उनसे सीधा सवाल पूछा और उन्होंने इन सवालों का सीधा जवाब दिया।

ब्रिटेन की राजधानी लंदन के वेस्टमिंस्टर के सेंट्रल हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रसून जोशी उनका इंटरव्यू ले रहे थे। इस दौरान प्रसून जोशी ने उनके शुरूआती जीवन से लेकर पीएम बनने तक के सफर से बातचीत शुरू की। हालांकि, पीएम मोदी ने किसी भी उपलब्धि के लिए खुद को श्रेय नहीं दिया। उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो रेलवे स्टेशन पर लड़ाई लड़ रहा था वो नरेंद्र मोदी थे लेकिन इस शाही महल में बैठा है वो 125 करोड़ भारतीयों का सेवक है।

सवालों के सीधे जवाब देते हुए पीएम मोदी ने ये स्वीकार किया कि भारतीय जनता में विकास के लिए धैर्य की कमी है। उन्होंने इस अधीरता का स्वागत किया और लोगों को महत्वाकांक्षी बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने ये भी कहा कि जिस दिन मेरी बेसब्री खत्म होगी उस दिन मैं देश के काम नहीं आऊंगा।

पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि देश में विकास के लिए जनता को आगे आने की जरूरत है। उन्होंने इस तथ्य पर प्रकाश डाला कि जब विकास जनता के लिए है तो जनता को विकास से जुड़ना भी होगा। उन्होंने कहा कि सरकार बस विकास का मात्र एक हथियार है। ऐसा नहीं होना चाहिए कि विकास के कार्य अकेले सरकार ही करे। सरकार विकास का एक हथियार जरुर है लेकिन बदलाव लाने का कोई एजेंट नहीं है। पीएम मोदी ने उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे भारतीय नागरिकों ने दलितों के बचाव  लिए गैस सब्सिडी को छोड़ दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष पर बड़े ही सहज तरीके से निशाना साधा और कहा कि कैसे एक नेता ने एक साल में सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर का कोटा नौ से बढ़ा कर 12 करने की बात कही थी। ये राहुल गांधी की संकुचित और छोटी सोच को दिखता है।

इस कार्यक्रम में उन्होंने एक आम व्यक्ति द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक्स पर पूछे गये सवाल का जिस तरह से जवाब दिया वो काफी महत्वपूर्ण था। पीएम मोदी ने इस प्रतिष्ठित मंच से बताया कि कैसे पाकिस्तान ने उरी हमले में टेंट में हमारे सेना के सो रहे जवानों पर हमला किया था। उन्होंने कहा कि मुझे सेना पर गर्व है कि उन्होंने अपने प्रकारम से पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया और हमारे शहीद जवानों को इस स्ट्राइक जरिये बड़ी श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर हुए सर्जिकल स्ट्राइक पर स्पष्ट कहा कि किसी को भी इस सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी देने से पहले हमने पाकिस्तान को फ़ोन करके कहा था कि अगर वो चाहें तो अपने आतंकियों के शवों को इकठ्ठा कर सकते हैं, भारतीय अधिकारियों को जवाब देने में पाकिस्तान के अधिकारी हिचकिचा रहे थे। यहां हमे ध्यान देना चाहिए कि सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर विपक्ष द्वारा किये गये दावों के विपरीत पीएम मोदी ने इस हमले के लिए कोई राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश नहीं की। वास्तव में उनका भाषण देश के सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान से भरा था और पाकिस्तान के आतंकियों द्वारा किये गये हमलों में शहीद हो चुके जवानों के प्रति दुःख की भावना भरी थी साथ ही पाकिस्तान के लिए क्रोध भी भरा था। जब उनसे कहा गया कि आप राजनीतिक षड्यंत्र और सर्जिकल स्ट्राइक पर विपक्ष द्वारा किये गये दावों पर क्या कहना चाहेंगे तब उन्होंने सीधा जवाब दिया कि, ‘मैं इस मंच का उपयोग राजनीतिक प्रतिद्वदियों की आलोचना के लिए नहीं करना चाहता लेकिन उम्मीद है ईश्वर सभी को सदबुद्धी देगा।‘ पीएम की वाकपटुता अपने आप में श्रेष्ठ और सराहनीय थी और उन्होंने सभी सवालों के स्पष्ट जवाब दिए यहां तक कि पूरा हॉल ‘भारत माता की जय’ और ‘वन्दे मातरम’ के नारों से गूंज उठा।

कठुआ रेप मामले पर विपक्ष ने खूब राजनीतिकरण किया और इस मामले का इस्तेमाल वो एक हथियार की तरह पीएम मोदी के खिलाफ कर रहे थे। यहां तक कि इस रेप मामले में राजनेताओं ने शर्मनाक तरीके से इसे सांप्रदायिक कोण दे दिया और इसपर राजनीतिकरण किया। हालांकि, पीएम मोदी ने कई ऐसे तर्क दिए और इन दावों पर उचित तरीके से विचार करने की बात कही। साथ ही इस जघन्य अपराध पर उन्होंने कहा कि बच्ची के साथ बलात्कार की घटना दर्दनाक है। क्या हम यह कहेंगे कि तुम्हारे समय में इतने होते थे और मेरे समय में इतने हुए। एक मासूम बच्ची के साथ बलात्कार की घटना पूरे देश के लिए शर्म की बात है और इस संवेदनशील मामले पर राजनीतिकरण नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान मुहीम के तहत शौचालय बनाने का काम शुरू किया और गैस स्टोव की व्यवस्था पर जोर दिया ताकि देश की सभी महिलाओं को भविष्य में और परेशानी न झेलनी पड़े उनका जीवन और सरल और सुगम बने। उन्होंने ये भी उल्लेख किया कि 18 हजार गांव जहां बिजली नहीं पहुंची है वहां बिजली पहुँचाने की घोषणा की थी जिसपर अभी भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा यही कुछ ऐसे सवाल हैं जो मुझे सोने नहीं देते और देश में बदलाव करने के लिए मेरे विश्वास को और दृण बनाते हैं।

कर्नाटक चुनाव से पहले ही कांग्रेस को जोरदार झटका लगा होगा जब पीएम मोदी ने भगवान बसवेश्वर के योगदान के संबंध में कर्नाटक से संतोष पाटिल द्वारा उठाए गये सवाल का जवाब दिया। इसका जवाब देते हुए पीएम ने कहा, भगवान बसवेश्वर ने अपना जीवन लोगों को समर्पित किया और कई मतभेदों और अंतरों के बावजूद उन्हें एकजुट करने के लिए काम किया।

इस पूरे कार्यक्रम की ख़ास बात रही पीएम मोदी का एक लाइव कार्यक्रम में लोगों के साथ जुड़ाव और जिस तरह से उन्होंने सभी सवालों के जवाब दिए वो सच में देश का एक सेवक ही दे सकता है, वो सेवक जिसमें देश को बदलने की सच्ची निष्ठा भरी है। इस प्रतिष्ठित मंच से उन्होंने कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की न ही किसी नेता का नाम लिया बल्कि इस कार्यक्रम के जरिये उन्होंने आम जनता के साथ एक उच्च स्तरीय का जुडाव कायम किया। इस कार्यक्रम में लोगों से सीधे बातचीत के दौरान कई मुश्किल सवाल भी किये गये थे और उन्होंने सभी का जवाब दिया। असल में उन्होंने विपक्ष के झूठे दावों और उनके मिथकों को भी तोड़ दिया है। उन्होंने इस कार्यक्रम में सर्जिकल स्ट्राइक हो या महिलाओं की सुरक्षा या हो गरीबी और राजनीतिक विवाद सभी का जवाब उन्होंने अपनी रिपोर्ट कार्ड में पेश किया। इस मंच से पीएम मोदी ने विपक्ष के लिए खतरे की घंटी भी बजा दी है। पीएम मोदी औपचारिक मंच पर बोल रहे थे और उन्होंने सीधे विपक्ष पर कुछ नहीं कहा। फिर भी उन्होंने विपक्ष को ध्वस्त कर दिया है। हाँ, अब विपक्ष के प्रति लोगों के क्रोध का अंदाजा हम जरुर लगा सकते हैं जो अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में उन्हें तब सामना करना पड़ेगा जब जनता पीएम मोदी को एक बार फिर से अपना प्रधान सेवक चुनेगी और विपक्ष हाथ मलता रह जायेगा।

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