दिल्ली में बन रहा है एक और कैराना

कैराना दिल्ली

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भारत की राजधानी नई दिल्ली में हिंदू परिवार को पलायन के मजबूर होना पड़े इससे बड़ी चिंताजनक बात क्या हो सकती है। ऐसा लगता है कि अब दिल्ली का ब्रह्मपुरी इलाका देश का दूसरा कैराना बनने जा रहा है। यहां सांप्रदायिक तनाव के कारण हिंदू परिवारों को घर के बाहर मकान बिकाऊ हैं का बोर्ड लगाना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में स्थित कैराना हाल के वर्षों में हिंदुओं के पलायन की वजह से चर्चा में रहा है। कैराना से, जम्मू कश्मीर से, तो कुछ आगरा से हिंदू पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं और अब नॉर्थ ईस्ट दिल्ली का ब्रह्मपुरी इलाका भी हिंदुओं के पलायन से चर्चा में है। इस्लामी चरमपंथियों ने दिल्ली के निवासियों को अपने स्थान से पलायन करने के लिए मजबूर करने के लिए अराजकता फैला रहे हैं। ब्रह्मपुरी इलाके के हिंदू परिवारों ने अपने घर के आगे ‘ये मकान बिकाऊ’ है का बोर्ड लगाया है और मुस्लिम समुदाय के सदस्यों के बढ़ते हस्तक्षेप के कारण अपने स्थानीय निवास से दूर जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इसकी शुरुआत एक मकान को मस्जिद में बदलने को लेकर शुरू हुआ था।  ब्रह्मपुरी कॉलोनी सीलमपुर निर्वाचन क्षेत्र में आता है जहां ये घटना दो समुदायों के बीच की है। यहां काफी लंबे समय से दर्जनों मुस्लिम परिवार रहते हैं और इसी गली में लगभग 30 हिंदू परिवार रहते हैं। एक खाली पड़े मकान में कुछ लोग मस्जिद बनाने की कोशिशों में लगे हैं। इसी को लेकर 9 अगस्त की रात सैकड़ों लोग यहां जमा होकर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद सुचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत करने की कोशिश की लेकिन मुस्लिम समुदाय के मन में कुछ और ही था वो पुलिस की बात मानने को तैयार नहीं थे। स्थिति समान्य भी हो जाती लेकिन मुस्लिम समुदाय का एक सदस्य विवादित स्थान पर नमाज पढ़ने पहुंच गया जिसके बाद ये विवाद और बढ़ गया और क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गयी। गली में रहने वाले हिंदू परिवार इस तनाव से इतने डरे हैं कि उन्होंने गली में निकलना छोड़ दिया है तो कुछ अब पलायन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

वहीं मुस्लिम समुदाय के कुछ नेता सामने आये हैं और इस विवाद को और बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। विधायक हाजी इशराक खान का बयान भी मामले को शांत करने से जुड़ा था। उन्होंने कहा, यहां दशकों से दोनों समुदाय मिलजुल कर रहते आये हैं लेकिन कुछ लोग इस माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। पूर्व विधायक मतीन अहमद ने भी कहा कि मस्जिद निर्माण को लेकर गली के कुछ लोगों को आपत्ति है। हम नहीं चाहते हैं कि मस्जिद निर्माण की वजह से यहां सालों से रह रहे निवासी अपना मकान बेचकर यहां से जाएं।

ब्रह्मपुरी इलाके के हिंदू निवासियों ने 9 अगस्त से शुरू हुए विवाद और सांप्रदायिक तनाव से दूर रहने के लिए अपने मकानों पर ‘मकान बिकाऊ’ है का बोर्ड लगा दिया है। ये शर्मनाक है कि मुख्यधारा की मीडिया ने इस मामले पर चुप्पी साधने का विकल्प चुना और अभी तक इस मामले को देखते हुए धर्म आधारित आतंक का टैग भी नहीं दिया क्योंकि यहां पीड़ित परिवार हिंदू है न की मुस्लिम। कट्टरपंथियों को मुस्लिम समुदाय से हिंसक और भय पैदा करने वाला कहना मुख्यधारा की मीडिया के लिए खुद की हार के जैसा होगा। पुलिस और राजनेताओं को इस मामले में जितनी जल्दी हो सके हस्तक्षेप करना चाहिए और स्थानीय निवासी अपने घरों और इलाके में सुरक्षित महसूस करे ये सुनिश्चित करना चाहिए अन्यथा वो दिन दूर नहीं जब देश की राजधानी भी सांप्रदायिक तनाव का शिकार हो जाएगी और मुस्लिम कट्टरपंथियों की वजह से लोग पलायन करने के लिए मजबूर हो जायेंगे।

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