अरीथा फ्रैंकलिन के अंतिम संस्कार के मौके पर एक बिशप ने एरियाना ग्रांडे के साथ की गंदी हरकत

एरियाना ग्रांडे बिशप

अमेरिका में अरीथा फ्रैंकलिन के अंतिम संस्कार के मौके पर हुई एक शर्मनाक घटना की पूरी दुनिया में आलोचना की जा रही है। बिशप चार्ल्स एच इलियस III ने फ्रेंकलिन के अंतिम संस्कार के मौके पर 25 वर्षीय एरियाना ग्रांडे को गलत तरीके से छुआ और आपत्तिजनक टिप्पणी भी की। इससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और सभी लोग बिशप की इस हरकत के लिए उनकी खूब आलोचना कर रहे हैं।

https://youtu.be/kJITX3V8cYU

शुक्रवार को यानी की 31 अगस्त को अमेरिका में दिवंगत गायिका अरीथा फ्रैंकलिन के अंतिम संस्कार के मौके पर डेट्रोइट में ग्रेटर ग्रेस टेम्पल में उनके दोस्त, परिवार के सदस्य, उनके फैंस, गायक और कई दिग्गज हस्तियां पहुंची थी। इस दौरान फ्रैंकलिन के सम्मान में कई संगीतकार उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे थे। गायिका एरियाना ग्रांडे ने भी उन्हें अपने परफॉरमेंस से श्रद्धांजलि दी। परफॉरमेंस खत्म होने के बाद एरियाना ग्रांडे मंच पर पहुंची जहां उन्हें बिशप चार्ल्स एच इलियस III ने उन्हें गलत तरीके से छुआ। बिशप ने एरियाना ग्रांडे को गले लगाया था और जब तक वो मंच पर थीं उन्हें गलत तरीके से पकड़ा था और इस दौरान उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी। इस दौरान गायिका एरियाना के चेहरे और हाव-भाव में असहजता साफ़ नजर आ रही थी लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी शायद वो दिवंगत गायिका अरीथा फ्रैंकलिन के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम को खराब नहीं करना चाहती थीं।

ये पहली बार नहीं है जब चर्च के धर्मगुरु ने इस तरह की हरकत की हो। भारत में न जाने ऐसे कितने ही मामले सामने आते हैं जहां पादरी पर ऐसे आरोप लगते रहे हैं। भारत में जिस तरह से रेप, यौन उत्पीड़न, भूमि घोटाले आदि कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं उससे कैथोलिक चर्च की दया, शान्ति और कल्याण की असलियत दुनिया के सामने आने लगी है। यही नहीं चर्च में बाल शोषण की समस्या पूरी दुनिया में लगातार बढ़ रही है। 1950 से 2010 तक ऑस्ट्रेलिया में काम करने वाले सभी पादरियों में से लगभग सात प्रतिशत पर बच्चों का यौन शोषण करने का आरोप लगा था। पोप फ्रांसिस ने बिशप जुआन बैरोस का बचाव किया था जिसपर बच्चों के यौन शोषण का आरोप है। विभिन्न लोगों ने माना है कि कैथोलिक चर्च के भीतर बाल यौन शोषण एक व्यवस्थित समस्या है। फादर माइकल बेकर पर चर्च में 30 वर्षों के कार्यकाल के दौरान 23 बच्चों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप है।

बिशप की ये हरकत सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी सभी लोग बिशप की आलोचना कर रहे हैं। विवाद बढ़ने पर बिशप ने अपनी हरकत के लिए माफ़ी भी मांग ली। बिशप ने कहा कि, “शायद मैंने अपनी सीमाएं पार की, शायद मैं ज्यादा ही दोस्ताना हो गया लेकिन मैं इसके लिए माफ़ी मांगता हूँ।” उन्होंने आगे कहा, “मैं व्यक्गितगत तौर पर आरियाना, उनके फैंस और इस घटना से जिसे भी चोट पहुंची है सबसे माफी चाहता हूं।“ ग्रांडे पहली महिला नहीं जिन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले इसी वर्ष ऐसी ही एक और घटना सामने आई थी जिसमें एक फ्रीलांस राइटर सोफी सेंट थॉमस को बिशप ने गलत तरीके से छुआ था जब वो अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हुई थीं।

अमेरिका में दिवंगत गायिका अरीथा फ्रैंकलिन के अंतिम संस्कार के दौरान जहां कई बड़े दिग्गज शामिल थे वहां इस तरह की घटना होना और भी ज्यादा शर्मनाक है कि एक धर्म गुरु एक आम महिला नहीं बल्कि एक स्टार को सार्वजनिक मंच पर इस तरह से छूता है और उसे ऐसा करने में तनिक भी भय नहीं लगता कि दुनिया उन्हें देख रही है ? ये क्या संदेश देता है? यहां ये समझने वाली बात है कि जब एक पॉप गायिका के साथ सार्वजनिक मंच पर इस तरह का व्यवहार हो सकता है तो सवाल ये उठता है कि आम महिला कितनी सुरक्षित है? चर्च को बिशप के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनीचाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की अन्य घटना न दोहराई जायें।

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