कांग्रेस के वो नेता जिन्होंने देश के प्रधानमंत्री का किया अपमान

मोदी कांग्रेस

PC: PunjabKesari

राजनीति में संवाद के गिरते स्तर ने भारतीय राजनीति की छवि को गिरा दिया है। आये दिन कोई न कोई नेता विवादित बोल के साथ सामने आता है। भारतीय राजनीति में पक्ष-विपक्ष एक दूसरे पर निशाना साधते रहे हैं और ये एक आम प्रक्रिया है लेकिन अपनी भाषा में अभद्रता और अमर्यादित शब्दों के इस्तेमाल ने आज राजनीति के स्तर को बहुत ही ओछा कर दिया है। हालांकि, इस सूची में कांग्रेस के नेता सबसे आगे चल रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री पर उनकी टिप्पणी ने उनके निम्न स्तर को दर्शाया है। सत्तारूढ़ पार्टी पर विपक्ष का हमला और लिए गये फैसले या कार्यों की आलोचना एक तरफ है और देश प्रधानमंत्री पर अभद्र हमले करना एकतरफ है। किसी भी व्यक्ति या पार्टी को ये शोभा नहीं देता कि वो देश के पीएम को अपमानित करे या उनके लिए अपमानजनक टिप्पणी करे क्योंकि अगर कोई नेता ही देश के पीएम का सम्मान नहीं करेगा तो भला आम जनता से किस तरह की उम्मीद की जाएगी? कांग्रेस पार्टी देश की सबसे पुरानी पार्टी है जिसने देश को कई महान नेता दिए हैं लेकिन भ्रष्टाचार, गरीबी, घोटाला भी इसी की देन है। खैर, इसकी चर्चा हम अक्सर ही करते रहे हैं लेकिन आज हम कांग्रेस के कुछ ऐसे नेताओं के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने अपनी भाषा से न सिर्फ देश के प्रधानमंत्री बल्कि धर्म तक का अपमान करते हैं। ये वो नेता हैं जिनके अनुसार एक गरीब को प्रधानमंत्री बनने का अधिकार नहीं है। ये वो नेता है जो गरीबी का मजाक उड़ाते हैं, देश के पीएम का मजाक उड़ाते हैं और यही नहीं धर्म को भी ये सियासी दंगल में घसीटते रहे हैं। चलिए एक नजर डालते हैं इन नेताओं पर:

मणिशंकर अय्यर

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर अपने विवादास्‍पद बयान को लेकर अक्‍सर विवादों में रहते हैं। इनके विवादित कांग्रेस के लिए सर दर्द बन गया था और कांग्रेस पार्टी को अपने नेता को कुछ समय के लिए निलंबित भी करना पड़ा था। अय्यर ने अपने एक बयान में कहा था, “मुझे लगता है कि ये आदमी बहुत ‘नीच’ किस्म का आदमी है, इसमें कोई सभ्यता नहीं है और ऐसे मौके पर इस किस्म की गंदी राजनीति की क्या आवश्यकता है।” मणिशंकर अय्यर के इस बयान की चौतरफा निंदा की गयी थी। बाद में विवाद बढ़ने पर अय्यर ने अपने बयान पर सफाई दी थी लेकिन इस बयान ने कांग्रेस की छवि को काफी नुकसान पहुंचाया था। चौतरफा निंदा के बाद पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने पर मणिशंकर अय्यर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था। हालांकि, बाद में इस निलंबन को वापस भी ले लिया गया था।

शशि थरूर

मणिशंकर अय्यर के बाद शशि थरूर कांग्रेस के ऐसे नेता हैं जो आये दिन ऐसे बयान देते हैं जो कांग्रेस के लिए सिरदर्द बन जाता है। निलंबन के बाद पार्टी में वापसी करने के बाद अय्यर चुप रहने लगे लेकिन  अब थरूर को चुप करना इस राष्ट्रीय पार्टी के लिए बहुत मुश्किल होता जा रहा है। कभी ‘हिंदू पाकिस्तान’ कभी ‘मुस्लिमों की तुलना में गाय’ ज्यादा सुरक्षित है जैसे बयान देते आये हैं और इस बार उन्होंने शिवलिंग और पीएम मोदी दोनों का ही अपमान किया है।

बंगलूरू के लिटरेचर फेस्टिवल में पहुंचे कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अपनी किताब ‘द पैराडॉक्सिकल प्राइम मिनिस्टर’ पर बात करते हुए आरएसएस सूत्रों के हवाले से मोदी को ‘शिवलिंग पर बैठा बिच्छू’ कह दिया। उन्होंने कहा, “एक असाधारण रूपक है, जिसका जिक्र आरएसएस के एक सूत्र ने एक पत्रकार से किया था। मैंने उसका संदर्भ अपनी किताब में दिया है। आरएसएस सूत्र ने कहा था कि मोदी शिवलिंग पर बैठे उस बिच्छू की तरह हैं, जिसे आप न तो हाथ से हटा सकते हैं और न ही चप्पल से मार सकते हैं।“ हिंदू धर्म हो या देश के मुखिया शशि थरूर ने अक्सर ही अपने बयान से देश के पीएम और लोगों की आस्था का अपमान किया है और एक बार फिर से उन्होंने यही किया है।

अल्पेश ठाकोर

हाल ही में गुजरात में 14 माह की बच्ची के साथ रेप की घटना के बाद गुजरात के लोगों  में उत्तर-भारतियों के खिलाफ नफरत का बीज बोने का आरोप कांग्रेस के नेता अल्पेश ठाकोर पर लगा था। उनके भाषण का एक विवादित वीडियो भी खूब वायरल हुआ था। पिछले साल दिसंबर में गुजरात में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन राहुल गांधी के करीबी अल्पेश ठाकोर ने देश के प्रधानमंत्री पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी भी की थी। अल्पेश ने तब टिप्पणी करते हुए कहा था, “मैंने मोदी की 35 साल पुरानी फोटो देखी है। वो मेरे जैसे काले थे इतने गोरे कैसे हो गए, लाल टमाटर जैसे। समझ लो, जो प्राइम मिनिस्टर हर दिन 4 लाख के मशरूम खा जाते हैं इसलिए वो गरीबों का खाना नहीं खाते।” अल्पेश ठाकोर से जुड़े और भी कई विवाद हैं जिसकी चर्चा हमने अपने एक आर्टिकल में भी किया है।

दिग्विजय सिंह

कभी कांग्रेस में एक महत्वपूर्ण दर्जा रखने वाले दिग्विजय सिंह को आज पार्टी में किनारा कर दिया गया है लेकिन आज भी वो अक्सर ही अपने बयानों से विवादों में रहते हैं। साल 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए गालीगलौज वाली फोटो ट्वीट की थी। दिग्विजय सिंह ने ये तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था, “ये तस्वीर मेरी नहीं है लेकिन खुद को इसे पोस्‍ट करने से रोक नहीं सका। जो भी व्‍यक्ति इससे संबंधित है उससे माफी मांगता हूँ, ‘मूर्ख बनाने की कला’ में वो श्रेष्‍ठ हैं।”  इसके अलावा इस तस्वीर पर लिखा है, “मेरी दो अचीवमेंट्स: 1.भक्‍तों को चु*** बनाया 2.चु*** को भक्‍त बनाया।”

https://twitter.com/digvijaya_28/status/905974911306313728

दिग्विजय सिंह के इस पोस्ट से सोशल मीडिया पर कांग्रेस और उन्हीं दोनों पर यूजर्स ने खून निशाना साधा था. उनका ये बयान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के स्तर को भी दर्शाता है

संजय निरुपम

कांग्रेस के मुंबई अध्यक्ष संजय निरुपम ने पीएम मोदी के खिलाफ विवादित टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘निरक्षर’ कहा था। निरुपम ने अपने बयान में कहा था, “ये दुर्भाग्य है कि देश के लोगों और युवाओं को अपने प्रधानमंत्री की डिग्री के बारे में जानकारी नहीं है।“ मोदी के जीवन पर आधारित फिल्म को बच्चों को दिखाए जाने पर उन्होंने कहा था, एक टीवी चैनल पर बात करते हुए संजय निरुपम ने कहा था, “बच्चों को राजनीति से दूर रखना चाहिए। मोदी जैसे अशिक्षित और निरक्षर व्यक्ति पर बनी फिल्म देखकर बच्चे क्या सीखेंगे?” पीएम मोदी को देश की जनता के अपने जनादेश से चुना है लजो देश और और जनता दोनों का प्रतिनिधित्व करते हैं ऐसे में उनके लिए इस तरह के शब्द इस्तेमाल करना कितना उचित है?

प्रणीति शिंदे

पूर्व गृहमंत्री सुशिल कुमार शिंदे की बेटी और सोलापुर दक्षिण से कांग्रेस की विधायक प्रणीति शिंदे अब देश के प्रधानमंत्री की तुलना एक मच्छर से की है। सोलापुर में एक रैली में प्रणीति शिंदे ने कहा, “हमारे देश में डेंगू का नया मच्छर है, इसका नाम ‘मोदी बाबा’ है। सबको बीमारी हो रही है उसकी वजह से। इसको झूठ बोलने की बीमारी लगी है। भाइयों, मैं महंगाई कम करूंगा, आपके खाते (अकाउंट) में 15 लाख रुपए जमा करूंगा।”

कांग्रेस की आईटी सेल प्रमुख और पूर्व सांसद दिव्या स्पंदना ने भी अपने एक पोस्ट में पीएम मोदी का अपमान किया था और उन्हें ‘चोर’ तक कहा था। कांग्रेस के नेताओं की फेहरिस्त काफी लंबी है जो आये दिन पीएम मोदी पर निशाना साधने के लिए अभद्र शब्दों का उपयोग करते हैं। देश के प्रधानमंत्री जो देश का प्रतिनिधित्व क्या इस पुरानी पार्टी के नेताओं को शोभा देता है? वास्तव में कांग्रेस हताश है सत्ता में आने के लिए और यही वजह है कि वो इस हताशा में राजनीतिक स्तर को गिरा दिया है जो बहुत ही शर्मनाक है। किसी नेता या देश के प्रधान का अपमान करके किसी चुनाव को जीता नहीं जा सकता और न ही देश की जनता का दिल जीता जा सकता है बल्कि उच्चतम कार्य और एक पुरानी पार्टी होने के नाते कांग्रेस को एक बेहतर विपक्षी पार्टी होने की मिसाल स्थापित करना चाहिए था लेकिन वो ऐसा करने में नाकाम रही है। झूठ, ढोंग और भ्रष्टाचार की नीति आज भी अपना रही है। कांग्रेस पार्टी को निश्चित रूप से अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में अपने नेताओं के विवादित बयान से नुकसान पहुंचने वाला है। बेहतर होगा कांग्रेस अपने नेताओं पर काबू रखे वरना अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस को और भी बुरे दिन देखने पड़ सकते हैं।

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