बिहार में सीट बंटवारे को लेकर महागठबंधन में आई दरार, तेजस्वी यादव ने बताया कांग्रेस को अहंकारी

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PC : livehindustan

उत्तर प्रदेश के बाद अब लग रहा है कि बिहार में भी कांग्रेस गठबंधन से बाहर हो सकती है। वह इसलिए क्योंकि बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर महागठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है। अब पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव ने एक ट्वीट कर कांग्रेस पर हमला बोला है। तेजस्वी ने ट्वीटर पर कांग्रेस को अहंकारी पार्टी कहा है। सीटों को लेकर खींचतान को जगजाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि अगर चंद सीटों को बढ़ाने के लिए आप जिद्द बनाए रखते हैं तो संविधान में आस्था रखने वाले न्यायप्रिय देशवासी माफ नहीं करेंगे।

तेजस्वी यादव ने ट्विटर पर लिखा, ‘संविधान और देश पर अभूतपूर्व संकट है। अगर अबकी बार विपक्ष से कोई रणनीतिक चुक हुई तो फिर देश में आम चुनाव होंगे या नहीं, कोई नहीं जानता? अगर अपनी चंद सीटें बढ़ाने और सहयोगियों की घटाने के लिए अहंकार नहीं छोड़ा तो संविधान में आस्था रखने वाले न्यायप्रिय देशवासी माफ़ नहीं करेंगे।’

गौरतलब है कि, बिहार में कांग्रेस और आरजेडी के बीच सीटों के बंटवारे पर विवाद बढ़ता जा रहा है। साल 2014 के आम चुनावों में बिहार में कांग्रेस ने सिर्फ दो सीटों पर जीत दर्ज की थी लेकिन खबरों की मानें तो इस बार वह गठबंधन में 15 सीटें चाहती है। इस समय महागठबंधन में कांग्रेस के अलावा आरजेडी, आरएलएसपी, हम, मुकेश साहनी की पार्टी और वामदल शामिल है। तेजस्वी यादव के इस ट्विट में डर साफ दिख रहा है। तेजस्वी को डर है कि कहीं कांग्रेस की सीटों को लेकर जिद की वजह से कही महागठबंधन में बिखराव न हो जाए।

अब तेजस्वी यादव ने यह ट्वीट कर इस हवा को और तेज कर दिया है कि महागठबंधन पर संकट मंडरा रहा है। इससे पहले राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कांग्रेस को धमकी दी थी। दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के अनुसार लालू ने कहा था कि कांग्रेस को सीट बंटवारे को लेकर हवा में बात करने से गुरेज करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट शब्दों में ये भी कहा कि कांग्रेस को क्षेत्रीय दलों का सम्मान करते हुए हैसियत के हिसाब से बात करनी चाहिए। कांग्रेस मनमुताबिक सीट के लिए लगातार बिहार में राजद पर दबाव बना रही है। हालांकि, राजद को अन्य घटक दलों को भी साथ लेकर चलना है ऐसे में कांग्रेस पार्टी है कि अपनी बात पर अड़ी हुई है। यही वजह है कि राजद अध्यक्ष ने साफ कह दिया कि अन्य क्षेत्रीय पार्टियों को देखते हुए हैसियत के हिसाब से बात करे।

महागठबंधन में सिर्फ कांग्रेस और आरजेडी के बीच ही विवाद नहीं है बल्कि सीटों को लेकर अन्य सहयोगी दल भी नाराज दिख रहे हैं। इनमें जीतनराम मांझी और वामदल शामिल हैं। महागठबंधन से वामदल को अलग रखा जा रहा है। वहीं, जीतनराम मांझी भी सम्मानजनक सीटें नहीं मिलने के कारण नाराज दिख रहे हैं। ऐसे में जीतनराम मांझी महागठबंधन से अलग होने का फैसला भी कर सकते हैं। कुल मिलाकर बिहार में महागठबंध पर इस समय संकट के बादल मंडरा रहे हैं जो कभी भी फट सकते हैं।

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