मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में सबसे पहले रोजगार पर करेगी काम

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PC: News18

‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास’ के एजेंडे के तहत सरकार बनाने वाली भाजपा ने सरकार बनने से पहले ही अपने वादों को पूरा करने की दिशा में कदम उठाना शुरू कर दिया है। यह स्पष्ट हो गया है कि मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में सबसे पहले रोजगार प्रदान करने के अवसरों को बढ़ाने के प्रयास करेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नीति आयोग और केंद्र सरकार ने चुनावों एक दौरान ही 100 दिनों का एजेंडा तैयार कर लिया था ताकि सरकार बनते ही इस दिशा में जल्द से जल्द कदम उठाया जा सकें। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने 75 हज़ार ऐसे पदों को निर्धारित किया है, जिनके लिए जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। केंद्र सरकार के बनते ही इसके लिए स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (एसएससी) को भर्ती प्रक्रिया को शुरू करने के लिए निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं। इन चुनावों के दौरान बेरोजगारी के असत्यापित आंकड़ों के बल पर विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरने की पूरी कोशिश की थी, जिसके जवाब में अब मोदी सरकार ने अपने 100 दिनों के एजेंडे को अब सबके सामने पेश किया है।

गौरतलब है कि इस साल के लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र जारी किए अपने घोषणापत्र में भाजपा ने प्रत्येक वर्ष 22 लाख नौकरी प्रदान करने का वादा किया था। अब इस वादे को पूरा करने के लिए मोदी सरकार सरकारी पदों पर भर्ती करने के साथ-साथ असंगठित क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने की कोशिशें करेगी। इसके लिए केंद्र सरकार जल्द ही कई नई योजनाओं की घोषणा कर सकती है। भारत एक युवा देश है जहां लगभग 65% आबादी 35 साल या उससे कम उम्र की है। ऐसे में रोजगार के अवसर प्रदान करने के प्रति भारत सरकार की ज़िम्मेदारी और ज़्यादा बढ़ जाती है। यही कारण है कि मोदी सरकार ने सबसे पहले रोजगार और शिक्षा क्षेत्र के संबंध में अपने 100 दिनों के एजेंडे को सामने रख अपनी भावी सरकार की कार्यप्रणाली का एक ब्लूप्रिंट तैयार किया है। मोदी सरकार उच्च शिक्षा क्षेत्र में खाली पड़े 5 लाख पदों पर भी जल्द से जल्द भर्ती करना चाहती है जिसके बाद ना सिर्फ रोजगार के अवसर पैदा होंगे, इसके साथ ही शिक्षा के स्तर में भी सुधार होगा।

बता दें कि इससे पहले भाजपा अपने 100 दिनों का एजुकेशन एजेंडा भी सबके सामने पेश कर चुकी है। बताया जा रहा है कि मानव संसाधन मंत्रालय ने आने वाले पांच सालों के लिए एक विज़न डॉक्यूमेंट बनाया है जिसमें देश में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कई मापदण्डों पर काम करने की बात लिखी है। इस विज़न डॉक्यूमेंट में शिक्षा की पहुंच, गुणवत्ता, स्तर, अनुसंधान, शिक्षा क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए अवसर और नई तकनीक के इस्तेमाल को लेकर नई नीति बनाने पर जोर देने की बात कही गयी है।

सरकार के गठन होने से पहले ही अपने विकासवादी विज़न को सामने रख पीएम मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि अपने वादों को पूरा करने के लिए वे पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और वे सरकार बनने के पहले दिन से ही देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का वहन करने में विश्वास रखते हैं।

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