असम भीषण बाढ़ से जूझ रहा है, लेकिन असम पर्यटन की ब्रांड एंबेसडर प्रियंका चोपड़ा इसपर मौन रहीं

(PC: The Northeast Today)

बारिश का मौसम असम राज्य के लिए कई मुसीबतें लेकर आया और राज्य में बाढ़ की स्थिति से वहां की जनता को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। असम में आई बाढ़ के कारण अब तक करीब 20 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग बाढ़ में अभी भी फंसे हुए हैं। ब्रह्मपुत्र नदी का स्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर है। सूत्रों के अनुसार सिल्चर के अलावा अब गुवाहाटी भी बाढ़ की चपेट में आ सकता है। यही नहीं, असम का प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान 90 प्रतिशत से अधिक जलमग्न हो चुका है।  

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार असम के 28 जिलों के के 3181 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं, लाखों लोग इससे प्रभावित हैं। 90,000 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई हैं तो वहीं इससे 10 लाख से ज्यादा पशु भी प्रभावित हुए हैं। जहां असम सरकार एनडीआरएफ़ और राज्य के आपदा प्रबंधन के कर्मचारियों सहित राहत-बचाव कार्य में लगी हुई है। वहीं कुछ जगहों पर आरएसएस जैसे स्वयंसेवक संगठनों ने भी लोगों को बाढ़ से सकुशल बाहर निकालने के लिए व्यक्तिगत प्रयास प्रारम्भ कर दिये हैं। पीएम मोदी ने स्वयं असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को त्वरित सहायता के आश्वासन भी दिए हैं। लेकिन जिस व्यक्ति के इस विषय पर काफी समय तक मौन रहने से कई लोग आक्रोशित हुए, वो है अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा।  

अब असम राज्य से भला प्रियंका चोपड़ा का क्या संबंध है? दरअसल प्रियंका चोपड़ा असम पर्यटन की ब्रांड एंबेसडर है। असम की बाढ़ को सुर्खियों में आए चार दिन से भी ज़्यादा हो चुके हैं, लेकिन प्रियंका चोपड़ा ने इस विषय पर कोई पोस्ट नहीं किया था लेकिन आलोचनाओं के बाद प्रियंका को ट्वीट कर दुःख व्यक्त करने का समय मिला। उनके हाल के सोशल मीडिया पोस्ट या तो किसी सौन्दर्य अभियान का प्रचार कर रहे हैं या फिर बतौर यूनिसेफ़ की गुडविल एंबेसडर होने के नाते विश्व भर की युवा लड़कियों के हालातों के बारे में अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं-

परंतु प्रियंका चोपड़ा ने असम के बाढ़ पर कोई कार्य करना तो दूर, एक सांत्वना भरा ट्वीट तक नहीं किया था। उनके इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल पर पर भी असम से संबंधित कोई भी पोस्ट नहीं दिखे।

 

ऐसे में कई सोशल मीडिया यूजर्स ने प्रियंका चोपड़ा को उनकी मौसमी सक्रियता के लिए जमकर लताड़ा भी –

प्रियंका चोपड़ा की मौसमी सक्रियता से सभी परिचित हैं। उनके पास पिछले वर्ष बांग्लादेश के कॉक्स बाज़ार में रह रहे अवैध रोहिंग्या शरणार्थियों से मिलकर उनके दुख दर्द जानने के लिए पूरा पूरा समय था। उनके पास ‘क्वांटिको’ सीरीज़ में हिन्दू आतंकवाद की मिथ्या प्रचारित करने के लिए भी काफी समय था। पर असम किस मुश्किल घड़ी से गुजर रहा उसके बारे में जानने का समय नहीं था। यही नहीं प्रियंका के पास दिवाली के समय लोगों को पटाखे न छुड़ाने का ‘फरमान’ सुनाने का भी समय था, जिसका ढोंग उन्हीं के विवाह में उजागर हो गया, जब विवाहस्थल यानि जोधपुर के उमेद भवन पैलेस पर खूब पटाखे छुड़ाए गये थे –

rightlog के आर्टिकल के बाद प्रियंका चोपड़ा ने एक ट्वीट कर अपनी सांत्वना व्यक्त की है। मतलब ये है कि आलोचनाओं का सामना करने के बाद प्रियंका चोपड़ा को असम की हालत पर ट्वीट करने का ख्याल आया।

ऐसे में अब राज्य सरकार को उन्हें असम पर्यटन के ब्रांड एंबेसडर के पद से अविलंब हटाना चाहिए, और उसे एंबेसडर बनाना चाहिए जो वास्तव में राज्य के लोगों और उसकी सभ्यता को महत्व दे।

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