आर माधवन के ब्राम्हणवेश से जले लेफ्ट लिबरल्स, ट्रोल करने वालों को दिया करारा जवाब

आर माधवन लेफ्ट लिबरल्स

PC: R Madhwan Twitter

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता रंगनाथन माधवन पिछले कुछ दिनों से अपनी बेबाकी व हाजिरजवाबी के कारण मीडिया में छाए हुए हैं। इस बार भी आर माधवन अपने बेबाक ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। गुरूवार को स्वतंत्रता दिवस और रक्षा बंधन के शुभ अवसर पर उन्होंने एक ट्वीट किया जिससे उन्हें कुछ लोग ट्रोल करने की कोशिश किए।

उक्त ट्वीट में माधवन, शुद्ध ब्राह्मण परिधान में रक्षा बंधन के साथ अवनि अवित्तम का उत्सव मनाते हुए दिखाई दे रहे थे। जिन्हें न पता हो, उनके लिए अवनि अवित्तम तमिलनाडु में एक ऐसा उत्सव है, जिसमें ब्राह्मण अपने जनेऊ को बदलने का अनुष्ठान करते हैं। यही नहीं, माधवन अपने पिता और अपने पुत्र के साथ दक्षिण भारतीय पारंपरिक परिधान में अपनी फोटो अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पोस्ट की –

जहां एक ओर कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने माधवन के धार्मिक व संस्कारी वेश की खूब प्रशंसा की, तो कई लेफ्ट लिबरल्स को उनका यह रूप भी बहुत चोट दे गया। कई लेफ्ट लिबरल्स ने सनातन धर्म के विरुद्ध अपनी कुंठा को उजागर करते हुए माधवन खूब ट्रोल किए।

https://twitter.com/LiberalMantri/status/1161913627852595200

https://twitter.com/ajithm69/status/1161968615043870720

https://twitter.com/jokelekar/status/1162234752121765889

 

 

 

लेफ्ट लिबरल्स के ट्वीट्स से एक बात साफ पता चलता है कि वे किसी भी स्थिति ऐसे व्यक्ति को स्वीकार नहीं करेंगे जो सरेआम सनातन धर्म की संस्कृति एवं उसकी परम्पराओं को खुलकर गले लगाए। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब लेफ्ट लिबरल्स को सनातन धर्म परंपरा से दिक्कत हुई हो। इससे पहले पीवी सिंधू जैसी स्टार खिलाड़ी को भी इन लिबरल्स ने अपनी कुंठा का शिकार बनाया था।

ऐसे ही लोकसभा चुनाव 2019 से पहले जब आर माधवन ने काँग्रेस को पीएम मोदी पर एक आपत्तीजनक ट्वीट के लिए खरी खोटी सुनाई थी, तो संजुक्ता बासु जैसे लेफ्ट लिबरल पत्रकारों एवं बुद्धिजीवियों ने उन्हें अपमानित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन माधवन ने बिना उनके स्तर तक गिरे छद्म बुद्धिजीवियों को शिष्टाचार का पाठ पढ़ाते हुए करारा जवाब दिया था।

इन सभी मामलों के बावजूद आर माधवन एक और कारण से लेफ्ट लिबरल्स के निशाने पर हैं। कारण यह है कि माधवन ‘रॉकेट्री – द नाम्बी इफैक्ट’ नाम से एक फिल्म बना रहे हैं, जो पूर्व इसरो वैज्ञानिक शंकरलिंगम नाम्बी नारायणन के जीवन पर आधारित है। दरअसल नाम्बी नारायणन एक ऐसी तकनीक की खोज कर चुके हैं, जो न सिर्फ देश की सैटेलाइट प्रक्षेपण का खर्चा बचाती है, बल्कि इसरो को नासा से सीधे टक्कर लेने के लिए तैयार भी मजबूती देती है। यानि जो इसरो आज विश्व भर में अपने किफ़ायती अन्तरिक्ष अभियानों के लिए विश्व प्रसिद्ध है, वो 1990 के दशक में भी संभव था और यह सिर्फ नारायणन के कारण ही हुआ।

जब इस खोज की जानकारी अमेरिकी एजेंसी सीआईए को लगी तो वह घबरा गई, और सीआईए की दबाव में तत्कालीन केरल की कांग्रेस सरकार ने नाम्बी नारायणन को झूठे आरोपों में फंसाकर न सिर्फ जेल भेजा, बल्कि उन्हें शारीरिक एवं मानसिक यातनाएँ भी दी। इस झूठे आरोप के कारण न केवल नाम्बी नारायणन की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची, बल्कि इसरो की स्पेस तकनीक 2 दशक पीछे चली गयी।  अब यदि कोई फिल्म कांग्रेस की भारत विरोधी नीतियों को उजागर करे तो यह देश के लिबरल्स को भला कैसे अच्छा लग सकता है? 

ऐसे में माधवन ने जिस तरह सनातन संस्कृति का मान रखते हुए उसे खुलेआम सराहा है, उससे निःसंदेह पूरे देश के सनातनी व भारतीय प्रेरित होंगे। हम आशा करते हैं कि वे आगे भी अपनी उत्कृष्ट फिल्मों से हमारा मनोरंजन करें, और अपनी बात को ऐसे ही बेबाकी से हमारे सामने रखें!

Exit mobile version