दिग्गी राजा को फिर पड़ा हिंदूफोबिया का दौरा, गैर मुस्लिमों को बताया ISI का एजेंट

दिग्विजय सिंह कांग्रेस

PC: Webdunia

कांग्रेस नेता व मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह एक बार फिर से अपने विवादित बयानों के कारण चर्चा में हैं। शनिवार को भिंड में एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे दिग्गी राजा ने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए मुस्लिमों से ज्यादा गैर मुसलमान लोग जासूसी कर रहे हैं।

दिग्विजय सिंह यहीं नहीं रूके उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से भी इस बारे में ट्वीट कर कहा- ”बजरंग दल व बीजेपी के आईटी सेल के पदाधिकारी द्वारा ISI से पैसे लेकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हुए मध्य प्रदेश पुलिस ने पकड़ा है। मैंने यह आरोप लगाया है जिस पर मैं आज भी क़ायम हूं। चैनल वाले ये सवाल बीजेपी से क्यों नहीं पूछते।

इस दौरान दिग्विजय सिंह फिर से कांग्रेस का पुराना सुर दोहराते हुए दिखे जो कभी राहुल गांधी आम चुनाव के वक्त अपनी जनसभाओं में कहा करते थे वही फिर से दिग्गी राजा ने कहा। उन्होंने कहा- “बीजेपी और संघ के साथ हमारी वैचारिक लड़ाई है। इन्होंने आजादी के आंदोलन में कभी हिस्सा नहीं लिया। 1947 से पहले ये लोग कहां थे? जब इंदिरा गांधी ने पाकिस्‍तान के दो टुकड़े कर दिए थे, तब ये लोग कहां थे? इसलिए हमको सबक देने की जरूरत नहीं है।” यानी जनता की समस्याओं से लेना देना नहीं है, देश हित के बारे में नहीं सोचना है बस भाजपा व आरएसएस से लड़ाई लड़कर दिग्गी राजा राजनीति करना चाहते हैं। जिसे आम चुनाव 2019 में जनता ने नकार दिया है।

पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने किया पलटवार

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के विवादित बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा ‘दिग्विजय सिंह जानबूझकर ऐसी बयानबाजी करते हैं। वह और उनके नेता पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं। उनकी विश्वसनीयता बची नहीं है। मैं उनके बयान को इसलिए गंभीरता से नहीं लेता, क्योंकि सारा देश संघ और भाजपा की देशभक्ति से परिचित है। हमें दिग्विजय जी के प्रमाण की जरूरत नहीं है। दिग्विजय सिंह, ओसामा जी और हाफिज जी कहने वाले नेता हैं। वह विवादित बयान इसलिए देते हैं, ताकि सुर्खियों में बने रहें। वे और उनके नेता जो पाकिस्तान चाहता है, वो बोलते हैं। ऐसे नेता को मैं गंभीरता से नहीं लेता और न देश लेता है।’

दिग्गी राजा का नक्सलवाद से जुड़ चुका है नाम

बता दें कि गैर मुस्लिमों को आतंक से जुड़ा कहने वाले दिग्गी राजा का खुद नक्सलवाद से कनेक्शन रहा है। दरअसल भीमा-कोरेगांव मामले में एक पत्र सामने आया था जिससे सनसनी फैल गई थी। पत्र में 1991 में हुए राजीव गांधी की हत्या की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी जान से मारने की शाजिश रचे जाने की पुष्टि हुई थी। जिसके कारण पुलिस ने भीमा-कोरेगांव मामले में कई शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी करके लगभग 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस समेत तमाम कथित लिबरल पार्टियां और वामपंथी संगठनों में खलबली मच गई थी। इस पत्र में एक से बढ़कर एक खुलासे हुए थे। पत्र से इस बात की पुष्टि हुई थी कि प्रदर्शन को कांग्रेस का समर्थन था और एक बार फिर से ये सबित हो गया है कि कांग्रेस पार्टी मुस्लिमों का समर्थन करती है क्योंकि नक्सलियों के पत्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का नाम सामने आया था।

इन बयानों से साफ पता चलता है कि दिग्विजय सिंह एक बार फिर से मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति में हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका पाकिस्तान प्रेम किसी से छिपा नहीं है। चाहे वह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखिया हाफिज सईद को ‘साहेब’ कहकर संबोधित करने की हो या फिर अल-कायदा के मारे गए कुख्यात आतंकी ओसामा बिन लादेन को ओसामाजी कहने की हो, हर बार वे अपना पाकिस्तान प्रेम दिखा देते हैं।

खैर कुछ भी हो, दिग्गी राजा अपने बयानों से कांग्रेस को डूबाने के लिए बढ़िया तरिका खोज लिए हैं और पार्टी हाईकमान की चुप्पी इसी बात की तरफ संकेत देती है कि वे भी इन बयानों से सहमत हैं।

Exit mobile version