यूपी का 24 फीसदी ज्यादा बढ़ा है राजस्व, योगी राज में हो रहा है विकास

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PC: Aajtak

अपनी सरकार के ढाई साल पूरे होने के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर भी काफी कुछ बोला और कहा कि उनका लक्ष्य 2025 तक उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का है। इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आर्थिक विकास की दर को तेज करने के लिए जो फैसले लिए गये हैं उसपर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमारी सरकार नए टैक्स रेट पर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के इन फैसलों का सबसे ज़्यादा फायदा उत्तर प्रदेश को ही पहुंचेगा।

बता दें कि इस दौरान सीएम योगी ने युवाओं के समक्ष नौकरी के संबंध में भी अपनी बातें रखीं। सीएम योगी ने कहा कि ‘हमने अभी तक दो लाख 25 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। प्रदेश में दो लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। साथ ही हमारी सरकार ने पांच लाख लोगों को रोजगार देने की पहल की है’। आगे उन्होंने बताया कि डिफेंस कॉरिडोर बनने से प्रदेश में बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा होंगी। बता दें कि उनकी सरकार महाराष्ट्र राज्य का मुक़ाबला करना चाहती है और वर्ष 2025 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन यूएस डॉलर तक ले जाना चाहती है। महाराष्ट्र सरकार भी वर्ष 2025 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन यूएस डॉलर तक ले जाना चाहती है। सीएम योगी ने यह भी कहा है कि इस सपने को पूरा करने के लिए वे IIM की मदद लेंगे और इसको लेकर IIM में मंथन लगातार जारी है।

इस वक्त जहां पूरे देश में आंशिक मंदी का माहौल है, ऐसे समय में भी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तेज गति से विकास कर रही है। जून के महीने में यूपी में इंडस्ट्रियल आउटपुट 3.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा जबकि पूरे देश में औसत विकास दर सिर्फ 2 प्रतिशत था। इसी तरह सीएम योगी के दावों के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार ने शहरों में 24 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली दी है जबकि इससे पहले कोई सरकार ऐसा नहीं कर पाई। योगी सरकार ने ढाई साल में सौभाग्य योजना व प्रदेश सरकार के सहयोग से 1.9 करोड़ बिजली कनेक्शन लोगों को दिए हैं।

ठीक इसी तरह कृषि सेक्टर में भी यूपी की विकास दर पूरे देश के औसत से बेहतर रही है। वर्ष 2017-18 में उत्तर प्रदेश में कृषि विकास दर 9.6 प्रतिशत रही थी जबकि इसी दौरान महाराष्ट्र में विकास दर सिर्फ ढाई प्रतिशत रही थी। इसी प्रकार जब पूरे देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मंदी की मार झेल रहा था, ठीक उसी समय यूपी में इस सेक्टर ने 7.4 प्रतिशत की दर से विकास किया।

आपको यह भी बता दें कि योगी सरकार के इस आधे कार्यकाल के दौरान यूपी सरकार के राजस्व में भी बढ़ोत्तरी हुई है। आंकड़े देखें तो अखिलेश यादव की पिछली सरकार की तुलना में इस सरकार का अभी तक 24 फीसदी ज्यादा राजस्व बढ़ा है। सरकार का कहना है कि यह सब भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने पर संभव हुआ है। सरकार के मुताबिक केंद्र की योजनाओं को सही से लागू करके ही उत्तर प्रदेश को यह उपलब्धि हासिल करने में सफलता हासिल हुई है।

सीएम योगी ने अपनी सरकार की पीठ थपथपाते हुए यह भी कहा कि ‘सुशासन, विकास और विश्वास से सरकार चल रही है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हर किसी पर कार्रवाई की है। इससे कोई समझौता न किया है न करेंगे। कामकाज की बदौलत उनकी सरकार ने जनता का विश्वास हासिल किया है’। शायद यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में भारी निवेश भी देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को यह भी बताया कि फरवरी 2018 में लखनऊ में हुए निवेशक सम्मेलन के बाद सूबे में निजी तथा सार्वजनिक क्षेत्र में कुल 2.75 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अगले वर्ष ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’(वैश्विक निवेशक सम्मेलन) का भी आयोजन किया जाएगा। सीएम योगी के नेतृत्व में राज्य के विकास को तेज गति हासिल हुई है और VIVO और सैमसंग जैसी कंपनियों ने राज्य में निवेश करने में अपनी रूचि दिखाई है। अगर आने वाले सालों में भी ऐसे ही यूपी विकास करता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब उत्तर प्रदेश भी देश के अन्य राज्यों की तरह ही देश के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएगा।

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