‘जो भी रेलवे संपत्ति या ट्रेनों में तोड़-फोड़ करेगा, उसे देखते ही गोली मार दी जाये’, रेलवे मंत्रालय

रेलवे

CAA को लेकर जहां देश के कुछ हिस्सों में हिंसक घटनाएँ देखने को मिल रही हैं, तो वहीं अब एक केंद्रीय मंत्री ने आगजनी कर रहे विरोध-प्रदर्शनकारियों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। दरअसल, केंद्रीय रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी ने अपने एक बयान में कहा है कि उन्होंने एक केंद्रीय मंत्री के तौर पर हिंसक विरोध प्रदर्शनकारियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दे दिये हैं। बता दें कि इससे पहले पश्चिम बंगाल में कुछ प्रदर्शनकारियों ने रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था और साथ ही रेलवे के परिचालन में भी बाधा उत्पन्न की थी। इसी के बाद केंद्रीय मंत्री का यह बयान आया।

रेल राज्य मंत्री ने हुब्बली में कहा, यदि कोई व्यक्ति रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहा है, तब मैं उस राज्य के मुख्यमंत्री से ‘सख्त कार्रवाई करने को कहूंगा, ठीक उसी तरह जैसे कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारत संघ में हैदराबाद के विलय के दौरान कदम उठाया था।’  यह पूछे जाने पर कि सख्त कार्रवाई से उनका मतलब क्या है, रेल राज्य मंत्री ने कहा, ”सख्त कार्रवाई का मतलब है कि देखते ही गोली मार दी जाए… ”। गौरतलब है कि हैदराबाद का भारत संघ में विलय भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार पटेल के नेतृत्व में पुलिस कार्रवाई के बाद किया गया था। पटेल ने निजाम और उसकी सेना को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया था। अब केंद्रीय रेल राज्य मंत्री चाहते हैं कि रेलवे पुलिस और प्रशासन भी हिंसा भड़का रहे प्रदर्शनकारियों से ऐसे ही निपटे।

अंगड़ी ने आगे कहा “रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास और स्वच्छता को सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात 13 लाख कर्मचारी काम करते हैं। लेकिन विपक्ष द्वारा समर्थित कुछ असामाजिक तत्व देश में समस्याएं पैदा कर रहे हैं”। बता दें कि इससे पहले मालदा में कुछ हिंसक प्रदर्शनकारियों ने भालुका रेलवे स्टेशन में तोड़-फोड़ मचाई थी। इसके अलावा इन गुंडों ने 5 ट्रेनों और 3 अन्य रेलवे स्टेशन्स को भी क्षति पहुंचाई थी। ये लोग ना सिर्फ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे, बल्कि आम लोगों को भी निशाना बना रहे थे। ऐसी खबरें आई थी कि इन गुंडों ने यात्रियों से भरी चलती ट्रेन को भी अपने पत्थरों से निशाना बनाया था। पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी लगातार इन गुंडों को भड़का रही हैं और अपने भड़काऊ बयानों से इन हिंसक प्रदर्शनों को हवा देने का काम कर रही हैं।

यह स्पष्ट है कि रेलवे की संपत्ति को हिंसक और उग्र भीड़ से खतरा है। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन ने भी इन प्रदर्शनों को लेकर इतना कडा रुख नहीं दिखाया है। हालांकि, अब केंद्रीय रेल राज्य मंत्री की ओर से इस बयान से यह स्पष्ट है कि वे इन उग्र प्रदर्शनकारियों को किसी भी सूरत बर्दाश्त नहीं किए जाएगा। इसकी अभी सबसे ज़्यादा ज़रूरत भी है।

 

Exit mobile version