TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीफ मामले में पति को फंसाने का आरोप, पुलिस ने किया मामला दर्ज

    पति से अलग होने के लिए साजिश :लखनऊ में गिरफ्तार हुई आमीना खातून और उसका प्रेमी

    राज्यपाल गहलोत के भाषण पूरा किए बिना चले जाने के बाद हंगामा हुआ

    कर्नाटक विधानसभा में राज्यपाल गहलोत के भाषण पूरा किए बिना चले जाने के बाद हंगामा हुआ

    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आवारा कुत्तों के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी

    सुप्रीम कोर्ट ने मेनका गांधी को लगाया फटकार, कसाब का दिया उदाहरण

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीफ मामले में पति को फंसाने का आरोप, पुलिस ने किया मामला दर्ज

    पति से अलग होने के लिए साजिश :लखनऊ में गिरफ्तार हुई आमीना खातून और उसका प्रेमी

    राज्यपाल गहलोत के भाषण पूरा किए बिना चले जाने के बाद हंगामा हुआ

    कर्नाटक विधानसभा में राज्यपाल गहलोत के भाषण पूरा किए बिना चले जाने के बाद हंगामा हुआ

    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आवारा कुत्तों के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी

    सुप्रीम कोर्ट ने मेनका गांधी को लगाया फटकार, कसाब का दिया उदाहरण

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

BHU, IIT मुंबई और अन्य यूनिवर्सिटीज ने खुलकर किया CAA का समर्थन परन्तु मीडिया को JNU और AMU से फुर्सत नहीं

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
18 December 2019
in मत
विश्वविद्यालय

PC:Hindustan Times

Share on FacebookShare on X

जब से नागरिकता  संशोधन अधिनियम आया तब से ही मुख्यधारा की मीडिया ’विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों द्वारा किये जा रहे विरोध की खबरें दिखाने में व्यस्त है। आश्चर्य की बात यह है कि इस एक्ट के समर्थन में आयोजित रैलियों को न तो टीवी में दिखाया गया न ही वेबपोर्टल्स पर और ना ही प्रिंट या अखबार में छापा गया है।

कई विश्वविद्यालय हैं जहां किसी प्रकार का विरोध नहीं है और वह इस कानून से खुश नहीं है तो दुखी भी नहीं है। यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ 22 यूनिवर्सिटीज़ में ही हो रहा है जिसमें से 4 में प्रमुख रूप से। ठीक इसके उलट इस कानून का समर्थन करने वाले छात्रों की विरोध करने वालों से अधिक संख्या है।

संबंधितपोस्ट

पति से अलग होने के लिए साजिश :लखनऊ में गिरफ्तार हुई आमीना खातून और उसका प्रेमी

कर्नाटक विधानसभा में राज्यपाल गहलोत के भाषण पूरा किए बिना चले जाने के बाद हंगामा हुआ

सुप्रीम कोर्ट ने मेनका गांधी को लगाया फटकार, कसाब का दिया उदाहरण

और लोड करें

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रों ने मंगलवार को सीएए और एनआरसी के समर्थन में एक रैली आयोजित की, लेकिन मुख्यधारा की मीडिया एजेंसियों में से किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि समाचार एजेंसी यूएनआई इस कहानी को कवर करेगी। यह आयोजन CAA को पारित करने के लिए सरकार को धन्यवाद करने के लिए भी था। वहीं राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानNITसूरत में छात्रों ने विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों द्वारा फैलाये जा रहे फर्जी खबरों की निंदा की।

Now BHU comes out in support for #CAA_NRC

Just hear the slogans 🔥
– Algaaovaad, Marx-varx, Naxalwaad ki kabr khudegi BHU ki dharti se
– Hum le kar rahenge aazaadi, aatankwaad se le li aazaadi, Afzal ko dedi aazaadi..#IndiaSupportsCAB pic.twitter.com/zrIiU9Itpz

— Vasudha (@WordsSlay) December 18, 2019

https://twitter.com/ippatel/status/1207203813662134273?s=20

इसके अलावा विभिन्न प्रमुख राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालयों में लगभग 1,000 छात्रों ने CAA के समर्थन में बयान जारी किया और देश भर में हिंसक विरोध प्रदर्शन की निंदा की।

इन छात्रों ने संयुक्त बयान में कहा कि “हम भारत की संसद द्वारा पारित नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के लिए अपना समर्थन व्यक्त करते हैं। हम निहित स्वार्थों के लिए कुछ शरारती तत्व द्वारा किए जा रहे हिंसक विरोधों पर हैरान हैंऔर इन घटनाओं की निंदा करते हैं।”

विधि विश्वविद्यालयों के छात्र अन्य छात्रों की तुलना में इस नए अधिनियमों को बेहतर समझते हैं, इसलिए, महत्वपूर्ण रूप से इस कानून का समर्थन कर रहे है।

हैदराबाद के National Academy of Legal Studies and Research (NALSAR) के शुभम तिवारी नेबताया,”संसद के पास सभी विधायी क्षमता है क्योंकि नागरिकता मामले केंद्रीय सूची के अंतर्गत आती है। अधिनियम न तो अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है और न ही यह संसद की विधायी क्षमता से अलग है। इसलिए, अधिनियम को असंवैधानिक नहीं कहा जा सकता है।”उन्होंने आगे कहा,”यह कानून इन तीनों देशों से आने वाले किसी भी नए व्यक्ति को आमंत्रित नहीं करता, बल्कि 31 दिसंबर, 2014 तक देश में प्रवेश करने वाले नागरिकों को ही मान्यता दी जाती है। ऐसी नागरिकता पहले के शासनकाल में भी दी जा चुकी है।”

आईआईटी, एनआईटी और आईआईएम के छात्रों ने भी इस अधिनियम का समर्थन किया, और CAA के पक्ष में तर्क प्रस्तुत किए। इससे यही स्पष्ट होता है कि उनके पास इस विषय का ज्ञान है, और उन्होंने इसे पढ़ा है कि यह कानून किसी भी संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करता है या नहीं। IIT दिल्ली से राहुल गडकरी ने यह तर्क दियाहै कि “इनर लाइन परमिट को मान्यता देना स्पष्ट रूप से पूर्वोत्तर राज्यों की संस्कृति और पहचान को संरक्षित करने के सरकार के इरादे को दिखती करता है। कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए उत्तर-पूर्वी राज्यों में अशांति को हवा दे रहे हैं एजेंडे के के लिए अधिनियम के बारे में गलत सूचना फैलाई जा रही है।”

इसके साथ ही JNU की ABVP इकाई भी इस अधिनियम का समर्थन करने की योजना बना रही है, और इस अधिनियम के समर्थन में विश्वविद्यालय के T Point पर मार्च करने का आह्वान किया है।

इसके अलावा MS विश्वविद्यालय, वडोदरा के छात्रों ने अधिनियम के समर्थन में रैली की। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी छात्रों के एक वर्ग ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में मार्च निकाला।

Photos and News which Media never bothered to Circulate or Publish. Support to #CAA at Aligarh Muslim University. #AMUStandsWithCAA @ABVPVoice @AskAnshul pic.twitter.com/3gFMJRHGFp

— Jayesha PK 🇮🇳 (@Mangalurean) December 16, 2019

At MS University, ABVP held a demonstration in support of #CAA #CitizenshipAmendmentAct #CAB pic.twitter.com/3vpwIEPyWT

— Our Vadodara (@ourvadodara) December 18, 2019

यह आश्चर्य की बात है कि किस तरह से मीडिया की खबरों में इस अधिनियम के समर्थन में आयोजित मार्च और रैलियों को जगह नहीं मिली है। मीडिया अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के एक वर्ग द्वारा विरोध प्रदर्शन को पूरे विश्वविद्यालय और कॉलेज द्वारा विरोध को ही दिखा कर इसे भारत सरकार की गलती बताने का प्रयास कर रहा है। इस अधिनियम के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने के लिए मीडिया द्वारा हिंसा का सामान्यीकरण के अलावा यह कुछ भी नहीं है।

बता दें कि लाए गए नए कानून पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्य जो 31 दिसंबर 2014 से पहले आए हैं उन्हें नागरिकता देगा। लेकिन,कुछ संस्थानों ने इस कानून का विरोध करना शुरू कर दिया,और इस कानून के बारे में दुष्प्रचार करना शुरू कर दिया।

अपने आप को लिबरल कहने वाले संस्थान, जैसे- जेएनयू, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू), जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई), जादवपुर विश्वविद्यालय, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) और कई अन्य संस्थानों ने CAA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जबकि विज्ञान-प्रौद्योगिकी-इंजीनियरिंग-गणित (एसटीईएम), कानून, और प्रबंधन वाले विश्वविद्यालयों ने बड़े पैमाने पर इसका समर्थन किया।

शेयर3886ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

वो ड्राइवर जिसने सीलमपुर में उपद्रवियों के हमले से बचाई मासूम बच्चों से भरी बस

अगली पोस्ट

370, राम मंदिर और CAA प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अमित शाह ने नई ज़िम्मेदारी संभाल ली है

संबंधित पोस्ट

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited