मौसमी देशभक्त, अंदर से हिन्दू विरोधी, अक्षय कुमार एक टॉप क्लास पाखंडी एक्टर हैं

इन्होंने अपनी जेब के लिए जमकर राष्ट्रवाद को बेचा है

अक्षय कुमार, बॉलीवुड,

अक्षय कुमार – एक ऐसा नाम जिस पर तालियां भी बजती हैं, और गालियां भी समान रूप से पड़ती हैं। किसी के लिए वे खिलाड़ी कुमार हैं, तो किसी के लिए वे कैनेडियन कुमार के रूप में जाने जाते हैं।

हालांकि आजकल अक्षय कुमार चर्चा में अपने फिल्मों के लिए नहीं, अपितु सोशल मीडिया पर अपने गतिविधियों के लिए हैं। एक ओर जहां उन्हें नागरिकता संशोधन कानून का विरोध न करने के लिए वामपंथियों ने आड़े हाथों लिया है, तो वहीं हाल ही में उनकी आगामी फिल्म ‘गुड न्यूज़’ के दूसरे ट्रेलर में एक आपत्तिजनक संवाद के लिए दक्षिणपंथियों ने उन पर निशाना साधा है।

दरअसल, अक्षय कुमार की आगामी फिल्म ‘गुड न्यूज़’ का दूसरा ट्रेलर रिलीज़ हुआ है और इसी ट्रेलर के एक डायलॉग में अक्षय कुमार ने भगवान राम का अपमान किया है। इस ट्रेलर में एक किरदार कहता है कि “नाना जी का नाम राम था और ये होली के दिन पैदा हुआ था इसलिए इसका नाम होलाराम रख दिया। इसके बाद अक्षय कुमार बोलते है कि अच्छा हुआ लोहड़ी के दिन पैदा नहीं हुआ नहीं तो इसका नाम तो..”

इस आपत्तिजनक संवाद के लिए सोशल मीडिया पर अक्षय की जमकर आलोचना की गयी है, और ट्विटर पर कुछ समय के लिए #AkshayAbusesLordRama भी ट्रेंड कर रहा था। उदाहरण के लिए एक यूजर लिखते- “एक व्यक्ति जो यहां का नहीं है वो हमारे भगवान श्री राम का अपमान करता है। फिर भी कुछ भारतीय उसका समर्थन कर रहे हैं और उसे अपना आदर्श मानते हैं। जिसने कभी महिलाओं का सम्मान नहीं किया वो किसी का सम्मान नहीं कर सकता वो यहां केवल पैसे और पैसे के लिए हैं। शर्मनाक!”

एक और यूजर ने तो फोटो मीम शेयर करते हुए अक्षय कुमार पर तंज़ कसा, “हम तो सांप को पाल रहे थे। वह भगवान राम को गाली देता है, सिख त्योहार का मजाक उड़ाता है इसके साथ ही गलत तरीके से उसका उच्चारण भी करता है।

परंतु हम भूल रहे हैं हैं कि अक्षय कुमार एक अवसरवादी व्यक्ति से ज़्यादा कुछ नहीं है। नकली राष्ट्रवादिता के जिस स्कूल में जॉन एब्राहम ने हाल ही में दाखिला लिया था, उस स्कूल के पीएचडी गोल्ड मेडलिस्ट हैं अक्षय कुमार। 2014 में सत्ता परिवर्तन होते ही अक्षय कुमार के प्रोफाइल में ज़बरदस्त बदलाव आया और उन्होंने देशभक्ति से संबन्धित फिल्मों पर ध्यान देना शुरू कर दिया। हॉलिडे, बेबी, गब्बर इस बैक, एयरलिफ्ट, रुस्तम, जॉली एलएलबी 2, नाम शबाना, टॉयलेट एक प्रेम कथा, गोल्ड, मिशन मंगल, केसरी इत्यादि जैसी कई फिल्में अब अक्षय कुमार के प्रोफाइल से निकलने लगी, जहां वे अपने आप को एक आदर्श देशभक्त के तौर पर प्रस्तुत करते थे। आने वाले वर्ष 2020 में वे जहां सूर्यवंशी में एक परिपक्व पुलिस अफसर की भूमिका निभाएंगे, तो वहीं पृथ्वीराज में वीर राजपूत योद्धा और हिंदू सम्राट पृथ्वीराज चौहान की भूमिका निभाएंगे।

परंतु इससे पहले अक्षय कुमार का प्रोफाइल ऐसा बिलकुल भी नहीं था। 2014 से पहले उनकी जितनी भी फिल्में थी, वो या तो एक्शन आधारित होती थी, या ऊटपटांग कॉमेडी से भरी हुई होती थी। आज जो अक्षय कुमार आदर्शवाद और देशभक्ति का राग अलापते हैं, वे किसी समय ‘भागम भाग’, ‘गरम मसाला’, ‘हे बेबी’, ‘तीस मार खान’, ‘देसी बॉयज’, ‘हाउसफुल 2’ जैसी ऊटपटांग, द्विअर्थी कॉमेडी फिल्में भी करते थे। जॉन एब्राहम के साथ तो उन्होंने ‘गरम मसाला’ और देसी बॉयज़’ जैसे द्विअर्थी फिल्मों में फूहड़ता की पराकाष्ठा ही पार कर दी थी।

यही नहीं, ‘गुड न्यूज़’ ऐसा पहला केस नहीं है जहां अक्षय कुमार ने सनातन संस्कृति का अपमान किया हो। एक यूजर ने सोशल मीडिया पर भूल भुलैया फिल्म के चर्चित गीत ‘हरे राम हरे कृष्ण’ का वीडियो संस्करण के कुछ ऐसे चित्र भी ढूंढ निकाले, जहां अक्षय कुमार ने ‘हरे राम हरे कृष्ण’ के उल्लेख पर कुछ आपत्तिजनक डांस स्टेप भी किए। ट्विटर यूजर कहते हैं, “इस कैनेडियन के लिए ये कोई नई बात नहीं है। ये हमारे ईश्वर और हमारी संस्कृति की बहुत पहले से बेइज्जती कर रहे हैं। चंद रुपयों के लिए आप भगवान राम का अपमान कर रहे हैं?”

https://twitter.com/Itsss_Shivam/status/1208317159102984193

सीएए पर जहां बॉलीवुड का एक पूरा धड़ा इस अधिनियम के विरोध में मोर्चा संभाले हुए हैं, तो अक्षय कुमार को कम से कम विकी कौशल, पंकज त्रिपाठी की भांति बिना कोई पक्ष लिए एक ट्वीट या सोशल मीडिया पोस्ट ही प्रकाशित कर देना चाहिए, परंतु उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया। एक वामपंथी पोस्ट पर अक्षय कुमार ने शुरुआत में लाइक किया, और बाद में उससे पल्ला झाड़ते हुए कहा कि मैं ऐसे किसी कृत्य का समर्थन नहीं करता। अवसरवादिता तो कोई अक्षय बाबू से ही सीखे।

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