बांग्लादेश की U-19 टीम: प्रतिभाशाली तो है लेकिन उतनी ही बदतमीज भी है

बांग्लादेश

खेल के दौरान लड़ाई तो अक्सर देखी जाती है लेकिन जब यह क्रिकेट में होती है तो सभी का ध्यान उस ओर चला जाता है। इसका एक ही कारण है और वह इस खेल को जैंटलमैन का खेल कहा जाना। क्रिकेट के मैदान पर भी कई लड़ाइयाँ हो चुकी है। कल भी ऐसा ही देखने को मिला। अंडर19 के विश्वकप फ़ाइनल में बांग्लादेश के खिलाड़ी जीत दर्ज करने के बाद इस तरह से आवेष में आ गए कि उन्हें इस खेल के जैंटलमैन का खेल होने एहसास ही नहीं रहा।

अंडर-19 का विश्व कप मैच का फ़ाइनल खेला जा था। भारत ने पहले बैटिंग करते हुए बांग्लादेश के सामने 178 रनों का लक्ष्य रखा। इस लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश ने जब 41 ओवर में 7 विकेट पर 163 रन बना लिए तो बारिश के कारण खेल को रोकना पड़ा। तब तक मैच में काफी तनाव आ चुका था क्योंकि भारत अपने विश्वकप खिताब को  बचाना चाहता था तो वहीं दूसरी तरफ, बांग्लादेश की  अंडर-19 की टीम बांग्लादेश की पहली टीम थी जो किसी ICC टूर्नामेंट के फ़ाइनल में पहुंची थी। अगर बांग्लादेश किसी भी तरह से यह मैच जीतता तो इस देश के इतिहास में यह पहली बार होता। मैच दोबारा शुरू होने पर बांग्लादेश को 46 ओवर में 170 रन का लक्ष्य मिला जो उसने 42.1 ओवर में सात विकेट पर 170 रन बनाकर हासिल कर लिया।

जीत के बाद बंगला देश के खिलाड़ी दौड़ते हुए मैदान में दाखिल हुए और जीत के बाद खुशी मनाते हुए बांग्लादेशी खिलाड़ियों में से एक खिलाड़ी मैदान पर मौजूद भारतीय खिलाड़ी के पास पहुंचा और अड़कर उसके सामने खड़ा हो गया। यही नहीं बांग्लादेशी खिलाड़ी ने कुछ भड़काऊ बात भी कही। जिसके बाद सामने खड़े भारतीय खिलाड़ी ने उसे हाथ से दूर हटाया। मैच के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच कहासुनी देखने को मिली, इस दौरान कुछ खिलाड़ी धक्का मुक्की करते हुए भी दिखे।

इसके बाद मैदान पर मौजूद अंपायर ने दोनों खिलाड़ियों को एक दूसरे से दूर किया। बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने इस मैच में कई बार भारतीय खिलाड़ियों के सामने स्लेजिंग की, यानी अनर्गल बातें भी कही। बांग्लादेश और भारतीय खिलाड़ियों के बीच बात हाथापाई तक आ गई थी, लेकिन कुछ समझदार खिलाड़ियों और अंपायरों ने दोनों देशों के खिलाड़ियों का बीच-बचाव कराया।

मैच के बाद ब्रॉडकास्टर्स से बात करते हुए भारतीय टीम के कप्तान प्रियम गर्ग ने कहा कि बांग्लादेश के खिलाड़ियों की जीत के बाद प्रक्रिया काफी गंदी थी। ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने तथाकथित रूप से भारतीय खिलाड़ियों पर कुछ टिप्पणी की, जो भारतीय खिलाड़ियों को नागवार गुजरी और फिर मैदान पर गंदा सीन क्रिएट हो गया। वहीं बांग्लादेश के कप्तान अकबर अली ने भी अपने खिलाड़ियों के इस बर्ताव पर दुख जताया।

इस घटना को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) जांच के बाद अपना फैसला सुनाएगी। भारतीय अंडर-19 टीम के मैनेजर अनिल पटेल ने कहा कि आईसीसी इस घटना का वीडियो देखेने के बाद अपना फैसला सुनाएगा। गवर्निंग बॉडी इस मैच और इस विवाद पर आखिरी निर्णय मैच रेफरी Graeme Labrooy की रिपोर्ट के बाद लेगी।

इस वीडियो को सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया गया और साथ ही इसके लिए खिलाड़ियों की खूब आलोचना भी की जा रही है। अनिल पटेल ने कहा, ‘मैच के बाद मैंने ऑफिशियल्स और मैच रेफरी से इस बारे (बांग्लादेशी खिलाड़ियों के व्यवहार की) में बात की। अब आईसीसी वीडियो देखने के बाद अपना फैसला सुनाएगी।’

विडियो देख कर किसी को भी यह पता चल जाएगा कि बांग्लादेश के खिलाड़ियों का बर्ताव क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों जैसा तो बिलकुल भी नहीं था। भले ही कोई खिलाड़ी कितना भी अच्छा खेले या कोई टीम कितनी भी बड़ी चैम्पियन हो लेकिन खेल की कुछ गरिमा होती है, कुछ नियम कानून होते हैं और कुछ आत्मनियंत्रण भी होता है जिसे सभी खिलाड़ियों को याद रखना चाहिए।

यह सभी को पता है कि यह खिताब बांग्लादेश के लिए कितना महत्वपूर्ण था और यह भी बी सभी को पता है कि इस देश ने 1972 में अपने जन्म  के बाद से अभी तक किसी भी बड़े ICC के टूर्नामेंट को नहीं जीत सकी है और यह उनका पहला ICC टूर्नामेंट था, पर इसका यह मतलब तो बिलकुल भी नहीं है कि आप अपने विपक्षी खिलाड़ी के साथ इस तरह से बदसूलूकी करे और गाली-गलौज करे।

इस मैच में पहले भी बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने भारत के बैटिंग के समय इस तरह का ही बर्ताव कर रहे थे। गेंदबाजी के दौरान बांग्लादेश के तेज गेंदबाज शोरीफ उल इस्लाम कुछ ज्यादा ही आक्रमकता दिखा रहे थे और हर गेंद के बाद भारतीय बल्लेबाजों पर कुछ ना कुछ टिप्पणी कर रहे थे। यहां तक कि बांग्लादेश के जीत के करीब पहुंचने के बाद भी इस्लाम कैमरे के सामने गलत टिप्पणी करते देखे गए। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब बांग्लादेश के खिलाड़ी अपनी भावनाओं को काबू में नहीं रख सके। बांग्लादेशी क्रिकेटर्स के अलावा वहां के क्रिकेट प्रशंसक भी शर्मनाक हरकत करने से बाज नहीं आये हैं। साल 2016 में एशिया कप के दौरान एक बांग्लादेशी फैन ने फोटोशॉप के जरिए बांग्लादेशी तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद के हाथ में पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी का कटा हुआ सिर पकड़ा दिया था।

कोई खिलाड़ी कितना भी प्रतिभाशाली हो लेकिन इस तरह का क्रिकेट के मैदान पर बर्ताव अशोभनीय हैं। किसी भी खेल में एक टीम जीतेगी तो दूसरी टीम हारेगी। ऐसे में जीतने वाली टीम के खिलाड़ियों में जीत का जोश और जुनून होना लाजमी है, लेकिन अगर वे हारने वाली टीम के साथ लड़ाई करते हैं तो फिर ये जायज नहीं है।

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