“जापान- अमेरिका कोरोना से मर जाएं”, दुनिया को मरते देख अब खुशी मनाने लगे हैं बेशर्म चीनी लोग

अपने यहाँ कोरोना काबू में होते ही ये अपनी असली औकात दिखाने लगे

अमेरिका

कोरोना वायरस पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहा है। चीन के वुहान शहर से निकले इस वायरस के अभी तक 6 लाख से अधिक मामले हो चुके हैं। शुरुआत में इस वायरस का केंद्र चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान था, लेकिन तब से इटली, स्पेन, न्यूयॉर्क, मलेशिया और अब पाकिस्तान जैसे देश इस घातक वायरस केंद्र बन चुके हैं। चीन के साथ WHO की मिलीभगत ने इस वायरस को अधिक व्यापक रूप लेने में मदद की और परिणामस्वरूप, आज पूरी दुनिया में मंदी की स्थिति है। अब ऐसी खबर आ रही है कि चीन इस वायरस के संक्रमण को रोकने में सफल रहा है और जैसे-जैसे दूसरे देश वायरस से लड़ रहें हैं, वैसे-वैसे चीन के कई लोग अन्य देशों जैसे प्रतिद्वंदी अमेरिका और जापान के दुख से खुश हो रहे हैं।

चीन के एक रेस्त्रां ( Chinese restaurant ) के बाहर एक बैनर लगाकर जश्न मनाया गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन के एक रेस्त्रां के बाहर एक बड़ा बैनर लगाकर लिखा गया- ‘महामारी फैलने पर अमेरिका को बधाई, छोटे जापान में भी महामारी लंबे वक़्त तक चले’।

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इस फोटो के आने के बाद यह सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। कंपनी ने एक बयान जारी करके बताया कि रेस्त्रां के मालिक ने अपने हेड ऑफिस को जानकारी दिए बिना ही यह बैनर लगाया था। पूरा सच इस बैनर को लगाने के पीछे का मकसद ये था कि किसी तरह ग्राहकों का ध्यान आकर्षित किया जा सके। जैसे ही इस मामले ने तूल पकड़ा वैसे ही रेस्त्रां फ्रेंचाइजी ने स्थानीय मालिक को निलंबित कर दिया। सोशल मीडिया पर लोगों ने रेस्त्रां फ्रेंचाइजी के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कम्पनी के बयान के मुताबिक उन्होंने सिर्फ दो घंटे के अंदर ही उचित कार्रवाई की।

अब यहाँ सवाल यह उठता है कि आखिर इस रेस्टोरेन्ट के मालिक ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ये बैनर क्यों लगाया था? इसका स्पष्ट अर्थ यह निकलता है कि चीन में अमेरिका और जापान से लोग नफरत करते हैं। ऐसा लगता है कि इसी नफरत में वे मानवता को भूल चुके हैं और अब हालत ऐसे हो चुके हैं कि इन देशों में वायरस सो महामारी के फैलने को लेकर बैनर लगाए जा रहे हैं। अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध और नई महाशक्ति बनने की दौड़ ने अमेरिकियों के लिए चीन के मन में गहरी नफरत पैदा कर दी है। इसी तरह, चीन के राष्ट्रवादियों के बीच जापान विरोधी भावना कई दशकों गहरी है। इसका कारण क्षेत्रीय विवाद और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान द्वारा चीन में किए गए नरसंहार ने दशकों से जापान-चीन के रिश्ते को प्रभावित किया है।

परंतु फिर भी इस तरह की संकीर्ण सोच और मानव जीवन के मूल्यों के लिए बेहद शर्मनाक है। साम्यवादी चीन से किसी को भी सहानुभूति की उम्मीद नहीं है, ऐसे समय में कोरोना से मरने वालों के प्रति तो सहानुभूति दिखा ही सकते थे।

जैसे-जैसे चीन में COVID-19 का असर कम हो रहा है वैसे-वैसे चीन आक्रामक होता जा रहा है और अपने खिलाफ फैलाये जा रहे narrative को पूरी तरह से बदलने की कोशिश कर रहा है। लेकिन अब चीन की सच्चाई सभी के सामने आ चुकी है और सभी को पता है कि चीनियों ने दुनिया में किस स्तर का नुकसान पहुँचाया है। अपने मानवीय पक्ष को दिखाने के लिए, इसने स्पेन और चेक गणराज्य को Testing Kit दिए थे लेकिन इसमें से 80 प्रतिशत किट खराब थीं।

ऐसा लगता है कि चीन के लोगों का इस तरह अमानवीय रूप से खुशियाँ मनाना अभी शुरुआत है। वहाँ के लोगों का ट्विटर जैसे सोशल मीडिया पर न होने से कई सच्चाई छिप जाती है। लेकिन कभी न कभी तस्वीरें तो सामने आएगी ही। कुछ भी हो चीन को इस तबाही की कीमत चुकनी पड़ेगी।

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