“ज़िंदगी और मौत तो अल्लाह के हाथ में हैं” जानिए क्यों कोरोना अब पाक में भयंकर तांडव मचाने वाला है?

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चीन के वुहान शहर से फैलने के बाद अब वुहान वायरस साउथ एशिया को अपना नया टार्गेट बना सकता है। पाकिस्तान में जब से सरकार ने कोरोना को काबू करने के लिए स्क्रीनिंग प्रक्रिया को सख्ती से लागू करना शुरू किया है, तभी से लगातार देश में कोरोना के मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इससे डर बढ़ गया है कि पाकिस्तान समेत दक्षिण एशिया के सभी देशों में वुहान वायरस के मामलों की रिपोर्टिंग सही से नहीं हो रही है और इसके कारण इन देशों में यह महामारी बड़ा रूप धारण कर सकती है।

पाकिस्तान वुहान वायरस से बुरी तरह पीड़ित दो देशों के साथ सीमा साझा करता है, और पाकिस्तान ने काफी समय तक इन देशों के साथ अपने बॉर्डर को बंद नहीं किया। जनवरी में चीन में शुरू हुई यह बीमारी जनवरी महीने के अंत तक ईरान में पहुंच चुकी थी और फरवरी में 23 तारीख तक पाकिस्तान ने इरान से सटे अपने बॉर्डर को बंद नहीं किया।

यानि फरवरी महीने में लंबे समय तक ईरान में पाकिस्तानी नागरिकों का आना जाना लगा रहा था, जो कि बड़े पैमाने पर वुहान वायरस से पीड़ित देश है। इसके अलावा पाकिस्तान में चीन से भी लगातार फ्लाइट्स आती रही, जिसमें शक है कि कोरोना से पीड़ित मरीज भी पाकिस्तान में बिना किसी रोकथाम के आते रहे।

उदाहरण के तौर पर हाल ही में ईरान से 8 हज़ार पाकिस्तानी तीर्थयात्री पाकिस्तान पहुंचे और उनको लेकर पाकिस्तानी सरकार ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। इन लोगों की ना तो कोई स्क्रीनिंग की गयी और  ना उन्हें 14 दिनों के लिए अलग से रहने के लिए कहा गया। यही कारण है कि अब पाकिस्तान में ऐसे हालात हो गए हैं कि विदेशों में ना घूमने वाले लोगों में भी कोरोना के मामले पाये जा रहे हैं।

अभी हाल ही में एक पाकिस्तानी नागरिक में वुहान वायरस पाया गया, जो हाल ही में इस्लामाबाद होकर आया था और उसने इतिहास में किसी बाहरी देश में कोई यात्रा नहीं की थी। यह दिखाता है कि इस्लामाबाद शहर में किस हद तक कोरोना फैल चुका है लेकिन देश में निम्न गुणवत्ता का स्वास्थ्य तंत्र होने के कारण कोरोना के सभी मामलों को रिपोर्ट नहीं किया जा रहा है, जिससे इस वायरस के और ज़्यादा फैलने के अनुमान बढ़ गए हैं।

पाक ने अब जाकर कराची, लाहौर और इस्लामाबाद एयरपोर्ट को छोड़कर अपने सभी एयरपोर्ट्स को बंद करने का निर्णय लिया है और इन एयरपोर्ट्स पर स्क्रीनिंग करने का फैसला लिया है। लेकिन माना जा रहा है कि यह निर्णय पाकिस्तान ने बहुत देर से लिया है और पाकिस्तान में पहले ही यह बीमारी बड़े पैमाने पर फैल चुकी होगी।

बता दें कि पाकिस्तान वही देश था जिसने अपने देश में कोरोना ना घुसने देने के लिए चीन के वुहान से अपने नागरिकों को बाहर निकालने से मना कर दिया था। पाकिस्तानी छात्रों ने तब पाकिस्तानी सरकार से उन्हें बाहर निकालने की काफी मिन्नतें की थी, लेकिन पाकिस्तानी सरकार ने उनकी एक बात भी मानने से इंकार कर दिया था।

इसके उलट एक पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन छात्रों को संदेश दिया था कि “ज़िंदगी और मौत तो अल्लाह के हाथ में हैं, यहां आनी है या वहां आनी है”।

वुहान वायरस को लेकर पाकिस्तान के इस सुस्त रवैये का ही अंजाम है कि अब पाकिस्तान दक्षिण एशिया का “वुहान” बनने जा रहा है। भारत ने पहले ही पाकिस्तान के साथ-साथ बाकी सभी देशों के साथ अपने बॉर्डर को बंद कर दिया है। अब देखना यह होगा कि पाकिस्तान इस महामारी से निपटने में किस तरह का रुख अपनाता है।

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