WHO का अध्यक्ष कोरोना को फैलाने का सबसे बड़ा दोषी है, इसे कॉलर से पकड़ो और अभी WHO से बाहर फेंको

WHO में सारे चीनी एजेंट भरे बैठे हैं

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वुहान वायरस का कहर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। रोज़ नए मामले सामने आ रहे हैं। एक ओर जहां इस महामारी का एंटीडोट निकालने के लिए युद्धस्तर पर काम हो रहा है, तो वहीं चीन को भी कठघरे में लेने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन यदि चीन के अलावा इस बीमारी के बारे में दुनिया से आवश्यक जानकारी छुपाने के लिए कोई ज़िम्मेदार है तो वो है WHO का अध्यक्ष टेड्रोस अधानोम।

बता दें कि चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में यह वायरस उत्पन्न हुआ था, जिसके बारे में एक डॉक्टर ने प्रशासन को सूचित करने का प्रयास किया। परन्तु प्रशासन ने डॉक्टर की बात सुनने के बजाए उसे ही जेल में डाल दिया और फलस्वरूप वह व्यक्ति उसी रोग से ग्रस्त होकर मर गया।

परन्तु WHO ने इस बात का खंडन किया कि यह वायरस human to human ट्रांसमिट होता है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, चीनी डॉक्टरों ने यह स्पष्ट किया है कि अभी तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि वुहान वायरस से इंसानों में संक्रमण संभव है।

कल से इस ट्वीट के पीछे WHO को काफी विरोध का सामना करना पड़ रहा है, #WHOliedPeopledied नामक ट्रेंड ट्विटर पर जोरों शोरों से चल रहा है, जिसमें WHO को चीन के साथ सांठ-गांठ कर दुनिया से इस बीमारी की भयावहता छुपाने का आरोप लगाया जा रहा है।

एक यूज़र ट्वीट करते हैं, “WHO इज़रायल के कुछ क्षेत्रों को फलस्तीनी के अधिकार वाले बता सकते हैं, पर कोरोनावायारस को चीनी वायरस नहीं बुला सकते”।

https://twitter.com/imtanmay_/status/1243069632015028225?s=20

ये हमला WHO के अध्यक्ष के उस बयान पर था, जहां उसने डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट के जवाब में विश्व से अनुरोध किया था कि COVID 19 को चीनी वायरस ना बुलाएं। WHO के अध्यक्ष के अनुसार, किसी बीमारी के साथ राष्ट्रीयता जोड़ना उसके अपमान के समान है। हम भेदभाव की भावना को बढ़ावा नहीं देना चाहते हैं”।

इसी पर तंज कसते हुए एक अन्य यूज़र ने ट्वीट किया, इतिहास सदैव आपको चीन के काले करतूतों को छुपाने के लिए याद करेगा”

https://twitter.com/panda_bibek/status/1243061953846624258?s=20

परन्तु WHO के लाख प्रयासों के बाद भी चीन की जवाबदेही कतई नहीं खत्म होती। इस एक देश के कारण आज सम्पूर्ण विश्व ठप पड़ चुके हैं। यदि इटली के उदाहरण को अलग करें, तो भी ईरान, स्पेन, जर्मनी और अमेरिका समेत कई देशों की हालत बहुत ज़्यादा खराब है। अकेले चीन, स्पेन, इटली, अमेरिका, ईरान और जर्मनी के कुल मामले कुल मामलों का 72 प्रतिशत हिस्सेदार हैं।

ये सब चीन के बेलगाम मीट मार्केट के कारण हुआ है, जिसे छुपाने के लिए WHO सहित वैश्विक मीडिया का एक धड़ा एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। आज यदि विश्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, तो इसके लिए चीन सहित WHO के वर्तमान अध्यक्ष भी ज़िम्मेदार है, जिन्होंने पूरी दुनिया से इस महामारी की भयावहता को निजी स्वार्थ के लिए छुपाए रखा।

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