‘ये दुबई में है, इसके खिलाफ एक्शन लो’ भारतीय मुसलमानों का एक वर्ग सोनू निगम के खिलाफ UAE को भड़का रहा है

सोनू निगम

सोनू निगम एक बार फिर से सुर्खियों में है। तीन वर्ष पहले धार्मिक स्थलों पर उपयोग में लाए जाने वाले लाउडस्पीकर पर सोनू निगम ने जो प्रश्न उठाया था, उसके आधार पर कुछ लोग दुबई में उनका जीना मुश्किल करने पर लगे हुए हैं। उनके सालों पुराने ट्वीट को ये कट्टरपंथी दुबई पुलिस को रिपोर्ट करने में जुट गए हैं।

सोनू निगम वुहान वायरस के कारण अभी दुबई से बाहर नहीं निकले हैं, जहां उन्होंने एक कंसर्ट में हिस्सा लिया था। परन्तु उन्हें 2017 के3 ट्वीट्स के लिए निशाने पर लिए जा रहा है, जैसे यह:

https://twitter.com/ghaziqazi/status/1252420807784951808?s=19

 

पर आखिर सोनू निगम ने ऐसा लिखा क्या था? तीन वर्ष पहले अपने ट्वीट में सोनू निगम ने धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर  ट्वीट किया कि “अगर वो मुस्लिम नहीं हैं तो उन्‍हें क्‍यों रोज अज़ान की आवाज से उठना पड़ता है।” उन्‍होंने यह भी लिखा कि कब तक भारत में ऐसी धार्मिक रीतियों को जबरदस्‍ती ढोना पड़ेगा। इस ट्वीट में सबनम फातिमा चाहती हैं कि सोनू निगम को एक ऐसे सेल में डाल दिया जाए, जहां उसे 5 बार लाउडस्पीकर पर अज़ान सुनाई जाए। थोड़ी जांच पड़ताल में निकला कि ये तो फरीदाबाद के एक लड़के का अकाउंट है, जिसका नाम है मुकीम दुर्रानी।

https://twitter.com/pokershash/status/1252642546037161985?s=19

हालांकि, इस ट्वीट में इसने किसी भी संप्रदाय को नहीं छोड़ा, परन्तु चोर की दाढ़ी में तिनका की भांति कट्टरपंथी मुसलमानों ने इसे अपनी तौहीन समझते  हुए सोनू निगम को निशाने पर लेने लगे। आखिर कोई उनके मजहब के खिलाफ कैसे बोल सकता है?

चूंकि सोनू निगम ने अपनी आवाज़ इस कुप्रथा के विरुद्ध उठाने का दुस्साहस किया था, तो कई कट्टरपंथी उनके लिए बुरा से बुरा होने की मांग करने लगे। कुछ अति उत्साही मौलवी तो सोनू निगम के खिलाफ फतवा भी लगाने लगे। एक मौलवी ने कहा कि जो भी सोनू निगम का सिर मुंडवाने का काम करेगा, उसे 10 लाख रुपए मिलेंगे। जब सोनू निगम के स्वयं अपना सिर मुंडवा लिया, तो मौलवी अपने ही वादे से पलट गया।

अब भारत में कुछ कट्टरपंथी मुसलमानों ने उनके पुराने ट्वीट ढूंढ़ ढूंढ़कर निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। हालांकि, सोनू निगम को ट्विटर छोड़े हुए 3 वर्ष हो चुके हैं, पर इससे कट्टरपंथियों को क्या?

https://twitter.com/Samreen012/status/1252332662402015232?s=19

 

इन ट्वीट्स से आप स्पष्ट देख सकते हैं कि कैसे कुछ असभ्य लोग दुबई में फंसे हमारे एक गायक का जीना मुश्किल करने में लगे हुए हैं। हालांकि, उनके अभियान के जवाब में सोनू निगम के लाखों प्रशंसक उनके समर्थन में सामने आए और उन्होंने  #WithYouSonuNigam ट्रेंड करवाकर ही दम लिया।

पिछले कुछ दिनों से कट्टरपंथी मुसलमान मिडिल ईस्ट में रह रहे भारतीयों को सताने में एक अलग ही आनंद प्राप्त कर रहे हैं। इसका प्रमुख उद्देश्य है गल्फ देशों में बसे हिन्दुओं की रोज़ी रोटी को नुकसान पहुंचाना, और भारत की वैश्विक छवि को धूमिल करना। भारत के कुछ कट्टरपंथी इसी उद्देश्य से ऐसे ऊल जलूल ट्वीट कर रहे हैं ताकि सभी अरब देश भारत को कथित इस्लामोफोबिया फैलाने के लिए उसे डरा धमका कर रखें।

जबकी, अरबी मुसलमान भारतीय मुसलमानों को सच्चा मुसलमान ही नहीं मानते, और शायद इसीलिए वे उन्हें अक्सर दोयम दर्जे की नौकरियां देने में विश्वास रखते हैं। ऐसे में जब ये लोग बराबरी की बात करे, तो अनायास ही हंसी छूट पड़ती है। इसके अलावा स्वयं खाड़ी देशों में मस्जिदों में अज़ान के लिए लाउडस्पीकर के प्रयोग पर प्रतिबंध है। मिस्र और यूएई में भी इस प्रावधान का उल्लंघन करने पर कड़े दंड का प्रावधान है। इस बारे में जेएनयू फैकल्टी के सदस्य रह चुके अभिनव प्रकाश ने एक विस्तृत ट्विटर थ्रेड में बताया है।

https://twitter.com/Abhina_Prakash/status/1252584032216498176?s=19

सोनू निगम को जिस तरह से कट्टरपंथी निशाना बना रहे हैं, उससे स्पष्ट होता है कि कैसे तुष्टिकरण की राजनीति कर आम लोगों का जीना मुहाल किया जाता है। ये काफी चिंताजनक है, क्योंकि इन कट्टरपंथियों इस्लाम विरोधी बोलना उचित है, परन्तु इनके रूढ़ियों पर उंगली उठाना किसी अक्षम्य अपराध से कम नहीं।

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