“चीन का बहिष्कार करो”, अब सिर्फ जनता ही नहीं, भारत सरकार भी यही बोल रही है

चीन की हेकड़ी निकालने मैदान में उतरी मोदी सरकार

जिनपिंग

(PC: Times of India)

भारत-तिब्बत बॉर्डर पर चीन की आक्रामकता का जवाब देने के लिए अब भारत सरकार ने कमर कस ली है। बॉर्डर पर भारत के 20 सैनिकों की शहादत के बाद पीएम मोदी ने देशवासियों को विश्वास दिलाया था कि उनका यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। इसके एक दिन बाद ही सरकार ने ऐसे कई फैसले लिए हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि भारत चीन पर सैन्य के साथ-साथ मजबूती के साथ आर्थिक प्रहार करने का मन बना चुकी है। अब तक भारत में चीन का बहिष्कार करने की मुहिम सिर्फ जनता के हाथों में ही थी, और सरकार से इस मुहिम को उतना समर्थन नहीं मिलता था। हालांकि, अब पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार भी खुलकर इस मुहिम के समर्थन में उतर चुकी है।

उदाहरण के तौर पर सरकार ने सभी सरकारी टेलिकॉम कंपनियों के साथ-साथ सभी प्राइवेट कंपनियों को निर्देश देकर कहा कि वे अपनी 4G या 5G सेवाओं को प्रदान करने के लिए किसी भी चीनी कंपनी से कोई उपकरण नहीं खरीदेंगे। इसके साथ ही सरकारी कंपनी BSNL ने मौजूदा टेंडर को रद्द कर नए टेंडर जारी करने की तैयारी कर ली है, जिसमें किसी भी चीनी कंपनी को शामिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी। माना जा रहा है कि इससे हुवावे और ZTE जैसी चीनी कंपनियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। हुवावे का तो वैसे भी दुनियाभर में भारी विरोध हो रहा है। ऐसे में चीन के खिलाफ भारत सरकार के इस कदम से हुवावे की कमर टूटना तय है।

इसके साथ ही भारतीय रेलवे भी चीनी ठेकेदारों से काम छीनना शुरू कर चुकी है। वर्ष 2016 में भारतीय रेलवे ने चीन की कंपनी China Railway Signal and Communication को 400 किमी लंबे Eastern Dedicated Freight Corridor पर सिग्नल सिस्टम को इन्स्टाल करने का ठेका दिया गया था, अब रेलवे ने इस ठेके को रद्द कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी भारतीय रेलवे के किसी भी बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने वाली यह इकलौती चीनी कंपनी थी, जिससे ठेका छीनकर अब किसी भारतीय कंपनी को यह काम सौंपा जाएगा।

इतना ही नहीं, भारत सरकार जल्द ही चीन से आयात होने वाले करीब 1 दर्जन सामानों पर anti-dumping duty लगा सकती है। इन सामानों में calculator से लेकर USB drive, स्टील से लेकर सोलर सेल शामिल हो सकते हैं। भारत सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि वह आने वाले दिनों में चीन पर आर्थिक प्रतिबंध भी लगा सकती है। दरअसल, हाल ही में चीनी सरकार ने भारत सरकार से चीन को मार्केट इकॉनमी घोषित करने की विनती की थी। मार्केट इकॉनमी से आयात होने वाले सामान पर आयात कर बढ़ाया नहीं जा सकता है। हालांकि, भारत सरकार ने चीन के इस अनुरोध को ठुकरा दिया। यह बड़ा संकेत है जिसके बाद माना जा रहा है कि भारत चीन के खिलाफ आर्थिक कदम उठा सकता है।

सरकार ने इसके साथ ही चीन की सॉफ्टवेयर कंपनियों के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। भारत सरकार से जुड़ी खूफिया एजेंसियों ने देशवासियों से चीन की 52 एप्स इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी है। सरकारी एजेंसियो ने कहा है कि ShareIt, Clean master, UC browser, Xender, TikTok और Zoom जैसी चीनी एप्स लोगों का डेटा आसानी से चीन पहुंचा सकती हैं, ऐसे में इन्हें ब्लॉक करने में ही फायदा है।

इससे पहले देश की आम जनता और CAIT जैसे कई स्वतंत्र व्यापार संगठन चीनी सामान का बहिष्कार करने की मुहिम छेड़ चुके हैं। CAIT ने हाल ही में कहा था कि वह अगले साल तक चीन का सामान बहिष्कार कर चीन को 1 लाख करोड़ का नुकसान पहुंचाने का लक्ष्य रखेगी। ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया platforms पर लोग चीन को बॉयकॉट करने की मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आज देश को एनर्जी सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठाए। PM मोदी ने निजी क्षेत्र के लिए 41 कोल ब्लॉक्स की नीलामी की प्रक्रिया की शुरुआत की है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा “ये दिखाता है कि भारत इस आपदा को अवसर में बदलने के लिए कितना गंभीर है। आज हम सिर्फ निजी क्षेत्रों के लिए कोल ब्लॉक के लिए नीलामी की शुरुआत नहीं कर रहे हैं, बल्कि कोल सेक्टर को दशकों के लॉकडाउन से भी बाहर निकाल रहे हैं”। साथ ही पीएम मोदी ने देश के उद्योगपतियों से देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जल्द ही बड़े कदम उठाने की अपील भी की।

कोरोना के बाद सरकार पहले ही “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसे अभियान चला रही है। ऐसे में चीन की आक्रामकता ने भारत सरकार को खुलकर चीन का विरोध करने का अच्छा मौका प्रदान किया है। भारत सरकार इस मौके को भुनाकर लोगों को सिर्फ घरेलू उत्पाद खरीदने के लिए ही प्रेरित कर रही है। यह सरकार का बेहद सराहनीय कदम है, और अगर लोग गंभीरता के साथ चीन का बहिष्कार करने की मुहिम से जुड़ेंगे, तो आने वाले कुछ ही दिनों में चीन की हेकड़ी निकलना तय है।

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