AIMIM और कांग्रेस ने CM योगी के कार्यालय के सामने माँ-बेटी को आत्मदाह करने की सलाह दी: UP पुलिस

इसे कहते हैं राजनीति के लिए जनता को मोहरा बनाना

कांग्रेस

अभी हाल ही में योगी सरकार विवादों के घेरे में आई, जब एक माँ और उसकी बेटी ने विधानसभा के सामने आत्महत्या करने का प्रयास किया। पुलिस के प्रयासों से दोनों ही बच गए, परंतु जांच पड़ताल में कुछ ऐसी बातें सामने आई, जिससे न केवल इस प्रकरण के पीछे की साजिश का पर्दाफाश हुआ, बल्कि ये भी सिद्ध हुआ की किस प्रकार किसी ठोस कारण के अभाव में विपक्ष योगी आदित्यनाथ की सरकार को घेरने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

दरअसल, शुक्रवार शाम विधानसभा से कुछ दूरी पर अमेठी से आई हुई मां-बेटी ने खुद को आग लगा ली थी। उन्हें मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बचा लिया। पूछताछ में मां-बेटी का कहना था कि उन्होंने दबंगों के त्रस्त होकर आत्मदाह का फैसला लिया, क्योंकि पुलिस उनकी सुन नहीं रही थी। लेकिन पुलिस द्वारा जांच पड़ताल में कुछ और बातें भी सामने आई, जिसने दो पार्टियों की पोल खोल के रख दी – काँग्रेस और AIMIM।

पुलिस से बातचीत के अनुसार आत्मदाह का प्रयास करने वाली महिला की बेटी ने बताया था कि मां-बेटी अमेठी में कांग्रेस कार्यालय में जाकर अनूप पटेल से मिले थे। अनूप पटेल ने कहा कि अगर वे आत्मदाह की कोशिश करें तो उनकी सुनी जाएगी। इस मामले में लखनऊ के कुछ मीडियाकर्मियों से भी इनकी बातचीत हुई थी। पुलिस ने बताया कि आत्मदाह के जरिये ये सरकार को बदनाम करने के मकसद से की गई साजिश थी। जिसमें AIMIM के कुछ नेता और कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अनूप पटेल का भी नाम सामने आया है। लखनऊ के कमिश्नर सुजीत पाण्डेय ने ये भी बताया कि संबंधित पुलिस चौकी पर तैनात सभी पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है और उन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

पर इस प्रकरण में एआईएमआईएम की क्या भूमिका है? लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुजीत पाण्डेय द्वारा मीडिया से बातचीत के अनुसार AIMIM के दो नेताओं ने माँ बेटी को लखनऊ पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। पुलिस ने बताया कि आसमा और सुल्तान दोनों मां-बेटी को अमेठी से लेकर लखनऊ आए थे। फलस्वरूप साजिश और उकसाने के संबंध में 4 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इनके नाम सुल्तान, आसमा, कादिर खान और अनूप पटेल हैं। इन सबके विरुद्ध आईपीसी की धारा 306 और धारा 505 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें से आसमा और कादिर खान को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। दिलचस्प बात तो यह है कि कादिर खान ओवैसी की पार्टी AIMIM में अमेठी जिले के अध्यक्ष हैं। पुलिस उनसे पूछताछ करके मामले का पूरा विवरण तैयार कर रही है।

अब ऐसे में सोचने वाली बात यह है कि आखिर कांग्रेस और AIMIM ने ये कदम उठाया तो उठाया क्यों? यदि अमेठी की रहने वाली महिला और उसकी बेटी को वाकई में कोई समस्या थी, तो विपक्ष में होने के नाते वे उस समस्या को स्वयं निपटा सकते थे या फिर सरकार पर दबाव बना सकते थे, पर आत्महत्या के लिए उकसाने का उद्देश्य तो केवल एक ही हो सकता है – राज्य सरकार को नीचा दिखाना और इस अवस्था के लिए उन्हें दोषी ठहराना। इस मामले में लखनऊ पुलिस की दाद देनी होगी, जिन्होंने तुरंत मामले की जांच पड़ताल कर इस प्रोपेगैंडा को पनपने से पहले ही उसे ध्वस्त कर दिया।

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