महाराष्ट्र सरकार, बॉलीवुड माफिया के बुरे दिन आने वाले हैं, SC ने सुशांत केस CBI को सौंप दिया है

अब होगा न्याय!

सुशांत

आखिरकार जनता की मेहनत रंग लाने लगी है। अंततः सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के संदेहास्पद मृत्यु की जांच आधिकारिक तौर पर सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई पुलिस के स्वभाव पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस प्रकार से उन्होंने इस मामले को सुलझाने में लापरवाही दिखाई, उसे रोका जा सकता था।

न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय की एकल पीठ की अध्यक्षता में दिये गए निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने लिखा, ‘सुशांत सिंह राजपूत एक प्रतिभावान एक्टर थे और उनकी पूरी काबिलियत का पता चलने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। लोग इस केस की जांच के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं, इसलिए कयासों को रोकना होगा। इसलिए इस मामले में निष्पक्ष, पर्याप्त और तटस्थ जांच समय की मांग है।’

अपने निर्णय में न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय ने बिहार सरकार की दलीलों को उचित ठहराते हुए कहा कि बिहार सरकार इस मामले को जांच के लिये सीबीआई को हस्तांतरित करने में सक्षम थी। उनके अनुसार, “ राजपूत के पिता की शिकायत पर बिहार पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करना सही था और इसे सीबीआई को सौंपना विधिसम्मत था। मुंबई पुलिस द्वारा केस से जुड़े सभी दस्तावेज समेत कई अन्य महत्वूर्ण दस्तावेज सीबीआई को सौंपे जाएंगे।इस मामले से संबंधित अगर कोई अन्य मामला भी दर्ज है तो उसकी जांच भी सीबीआई ही करेगी।“ इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय बिलकुल सही है और अब इससे उन लोगों की नींद उड़ने वाली है जो मामले को रफा दफा करना चाहते थे।

अब इस निर्णय से किसको सबसे अधिक नुकसान होने वाला है? सच कहें तो इस निर्णय से अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती, बॉलीवुड माफिया और महाराष्ट्र के वर्तमान प्रशासन के रातों की नींद उड़ने वाली है।

भाग्य का फेर देखिये, जिस रिया चक्रवर्ती ने गृह मंत्री अमित शाह से सुशांत के मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी, केंद्र सरकार द्वारा ये मांग स्वीकृत किए जाने पर वही सुप्रीम कोर्ट में उसे रोकने के लिए अपील भी दायर करने लगी। जिस तरह से उन्होंने दिन प्रतिदिन अपने बयान बदले, उससे एक बात तो साफ है कि सीबीआई जांच में रिया की सुशांत सिंह राजपूत मामले से संलिप्तता खुलकर सामने आ सकती है, जिससे सिर्फ रिया ही नहीं, अपितु बॉलीवुड के एलीट वर्ग की भी शामत आ सकती है।

पर बॉलीवुड को इससे क्या नुकसान होगा? जब सुशांत की मृत्यु को आत्महत्या माना जा रहा था, तब भी उसके पीछे एक प्रमुख कारण बॉलीवुड का एलीट वर्ग ही माना जा रहा था, जिन्होंने सुशांत को हिन्दी फिल्म उद्योग से बाहर रखने का भरसक प्रयास किया था। सुशांत की मृत्यु सार्वजनिक होते ही महेश भट्ट और उनके भाई मुकेश भट्ट ने सुशांत को मानसिक रूप से विक्षिप्त ठहराने का प्रयास भी किया था। यही नहीं, कई वंशवादी कलाकार इस बात का उपहास उड़ा रहे थे कि जनता सुशांत सिंह राजपूत के मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रही है। ऐसे में अब सीबीआई को मामला सौंपे जाने से इन लोगों की काली करतूतें भी जगजाहिर होने की पूरी-पूरी संभावना है।

इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार भी इस निर्णय के बाद अब चैन से नहीं रह पाएगी। सुप्रीम कोर्ट में अपनी दलील देते समय बिहार सरकार ने आरोप लगाया कि जब सुशांत के पूर्व मैनेजर दिशा सालियान मामले में वे प्राथमिक जांच के लिए गए, तो प्रारम्भ में मुंबई पुलिस ने उनका सहयोग किया, लेकिन एक व्यक्ति के फोन पर बातचीत के बाद मुंबई पुलिस ने किसी भी प्रकार का सहयोग करने से मना कर दिया और तो और ये भी दावा किया गया कि दिशा के पोस्टमॉर्टम से जुड़ा फोल्डर ही डिलीट हो चुका है।

रही सही कसर महाराष्ट्र सरकार ने स्वयं पूरी कर दी। जब बिहार पुलिस के एसपी विनय तिवारी अपने अफसरों के साथ हुई बदसलूकी पर संज्ञान लेते हुए मुंबई आए, तो उन्हें ज़बरदस्ती बीएमसी द्वारा होम क्वारनटाइन में डाल दिया गया। इसके अलावा प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने पर जिस तरह शिवसेना सांसद संजय राउत ने सुशांत सिंह राजपूत और उनके परिवार के चरित्र का हनन करने का प्रयास किया, उससे इतना तो स्पष्ट हो गया कि बिहार पुलिस पूरी तरह गलत नहीं है।

अब सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु का मामला सीबीआई को सौंपे जाने से दो बातें स्पष्ट होगी। एक तो यह, कि सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु आत्महत्या थी या हत्या, और दूसरा ये कि बॉलीवुड माफिया और महाराष्ट्र के वर्तमान प्रशासन की इस अपराध में क्या भूमिका रही है।

 

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