‘राजीव शर्मा के खिलाफ एक्शन निंदनीय है’, चीन अब खुलकर भारत के एक्शन के खिलाफ उतर गया है

चीन को राजीव शर्मा की चिंता नहीं, उसके भेद न खुल जाये इसकी चिंता है

राजीव

हाल ही में चीन के साथ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज़ साझा करने के लिए स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने हिरासत में लिया। पूछताछ और जांच पड़ताल के दौरान ये सामने आया कि राजीव ने कई मामलों में चीनी इंटेलिजेंस के साथ भारत की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज़ साझा किए थे, जिसके लिए 18 महीनों में उसे चालीस लाख रुपये का भुगतान भी किया गया था। अब चीन स्वयं राजीव शर्मा के बचाव में सामने आ गया है, क्योंकि उसे डर है कि कहीं राजीव सारे राज़ न खोल दे।

बता दें कि राजीव चीनी प्रशासन को भारत से जुड़ी जानकारी लीक करने के साथ साथ भारत विरोधी और चीन समर्थक लेख भी लिखता था, जिसमें से कुछ चीनी प्रशासन के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के लिए भी लिखे गए थे। ऐसे में अब ग्लोबल टाइम्स खुलकर राजीव के बचाव में सामने आया है। अपने लेख के शीर्षक में ग्लोबल टाइम्स लिखता है, “यह नई दिल्ली के लिए अनुचित है कि राजीव शर्मा को ग्लोबल टाइम्स से जोड़ें!” –

इस लेख में ग्लोबल टाइम्स के प्रमुख संपादक हू शीजिन लिखते हैं, “ये अनुचित है कि भारत ग्लोबल टाइम्स को इस केस से जोड़कर मीडिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करे। वे वैसे ही हमारे चीनी मीडिया संगठनों की प्रशंसा नहीं करते, लेकिन भारत सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम निंदनीय है।”

परंतु महोदय वहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे बताया, “ग्लोबल टाइम्स ने भारत-चीन के बॉर्डर तनाव से जुड़े कई खबरें और रिपोर्ट्स प्रकाशित की हैं। मैं जानता हूँ कि कुछ भारतीय हमसे खफा है, वे हमारी खुलेआम निंदा कर सकते हैं या हमारे साथ वाद-विवाद में हिस्सा ले सकते हैं, परंतु ऐसी ओछी हरकतें [राजीव शर्मा के ग्लोबल टाइम्स से संबंध] किसी को भी शोभा नहीं देता। राजीव शर्मा के संबंध पर इसलिए भी और प्रकाश डाला जा रहा है ताकि बॉर्डर पर तनातनी से ध्यान हटाया जा सके।”

सच तो यह है कि चीन को राजीव शर्मा की कोई चिंता नहीं है, परंतु इस बात की चिंता अधिक है कि यदि राजीव ने अपना मुंह खोला, तो भारत में फैले चीन के मीडिया गुप्तचरों का नेटवर्क कैसे ध्वस्त होता है, इसके बारे में कोई सपने में भी नहीं सोच सकता। इसके बारे में एक सटीक टिप्पणी करते हुए TFI पोस्ट के प्रमुख संपादक एवं CEO अतुल मिश्रा ने ट्वीट किया था, “हर उद्योग में एक न एक रिया चक्रवर्ती है, बस उसके पकड़े जाने की देर है” –

दरअसल, राजीव शर्मा की गिरफ्तारी के पश्चात हुई जांच पड़ताल में कई राज़ खुलके सामने आए हैं। स्पेशल सेल के प्रमुख, डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार, “राजीव ने पूछताछ में इस बात को स्वीकारा है कि वह चीन के कुंमिंग में बसे अपने हैंडलर्स को निरंतर भारत की सुरक्षा से जुड़े कई राज़ लीक करता था। राजीव शर्मा ने इससे पहले चीनी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के लिए भी लेख लिखा है, जिसमें उन्होंने बीजिंग और नई दिल्ली के बीच संबंध प्रगाढ़ करने की वकालत की थी। इसके अलावा राजीव शर्मा का एक यूट्यूब चैनल ‘राजीव किष्किंधा’ भी है, जिसके 12000 सब्सक्राइबर्स भी हैं।”

यहीं नहीं, पूछताछ में ये भी मालूम हुआ है कि वह केवल दस्तावेज़ ही नहीं, बल्कि दलाई लामा के बारे में जानकारी, और डोकलाम एवं गलवान घाटी से जुड़ी जानकारी भी चीनी प्रशासन के साथ साझा करता था। ऐसे में राजीव शर्मा चीन और भारत में बसे चीन के एजेंट्स की यदि पोल खोलता है, तो चीन का हाल पाकिस्तान से भी बुरा होना तय है। इसलिए अब वह खुलकर राजीव शर्मा का बचाव कर रहा है, ताकि बात चीन तक न पहुंचे।

 

Exit mobile version