‘बाबा का ढाबा’ को मशहूर करने वाले यूट्यूबर पर अब धोखाधड़ी का केस दर्ज

ये वही लोग हैं जो दूसरों की विपत्ति में भी अवसर तलाशते हैं!

बाबा का ढाबा

‘बाबा का ढाबा’ नाम तो सुना ही होगा आपने। दिल्ली मालवीय नगर में सस्ते दाम पर भोजन देने वाले एक छोटी सी दुकान एक बार फिर सुर्खियों में है, पर गलत कारणों से। जिस व्यक्ति के वीडियो के कारण इस छोटी सी दुकान पे रौनक आई थी, और हजारों लोग इस ढाबे पर खाना खाने के लिए उमड़े थे, उसी पर ‘बाबा के ढाबा’ के नाम पर धाँधलेबाज़ी करने के आरोप लगे हैं, और अब वृद्ध दंपति ने फूड ब्लॉग चैनल चलाने वाले गौरव वासन के विरुद्ध FIR दर्ज कराई है।

अपने FIR में वृद्ध दंपति ने गौरव वासन पर ‘बाबा का ढाबा’ के नाम पर लाखों रुपये लेने और उसके गबन का आरोप लगाया है। बाबा का ढाबा के समर्थकों में से एक तुशान्त अढलका ने इस विषय पर बाबा का ढाबा नामक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, “आपके कई सारे मैसेज सोशल मीडिया पर मिलने के बाद, या यूं कहे ‘जनता की भारी मांग’ पर हमने शिकायत दर्ज की है, ताकि हमें पता चले कि वे डोनेशन कहाँ गए?” –

पर ये बाबा का ढाबा की समस्या है क्या? दरअसल, गौरव वासन नामक यूट्यूबर, जो ‘स्वाद ऑफ़िशियल’ नाम से एक यूट्यूब फूड ब्लॉग चैनल चलाता है, 6 या 7 अक्टूबर को मालवीय नगर में स्थित एक छोटे से ढाबा के बारे में वीडियो बनाता है, जहां पर दो वृद्ध बेहद सस्ते दाम में भोजन उपलब्ध कराते हैं। इस वीडियो में कांता प्रयास नामक ढाबा संचालक रोते हुए बताते हैं कि किस प्रकार से उन्हे अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, और कभी कभी तो दिन भर की मेहनत के बाद हाथ में केवल साथ रुपये आते हैं –

यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया, और जल्द ही इस ढाबा पर लोगों का जमावड़ा उमड़ने लगा। आम आदमी हो या फिर यूट्यूब सेलेब्रिटी, सभी भर-भर के इस ढाबा पर आने लगे। बाबा का ढाबा को काफी डोनेशन भी मिलने लगे, और ऐसा लगा कि इस वृद्ध दंपति के दिन बहुरने लगे।

परंतु कुछ ही हफ्तों में असलियत सामने आ गई। जी न्यूज की एक रिपोर्ट में दिखाया गया कि अब वहाँ लोग खाना खाने काम, और फोटो खिंचाने ज्यादा आते है, जिसकी पुष्टि स्वयं कांता प्रसाद ने भी की। इसके अलावा जो डोनेशन बाबा का ढाबा को पहुँचने वाले थे, वो उन तक पहुंचे भी नहीं।

इस घपले की ओर सबसे पहले यूट्यूब पर एक चर्चित यूज़र लक्ष्य चौधरी ने ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया, जब अपने वीडियो में गौरव वासन पर उन्होंने बाबा का ढाबा के नाम पर लाखों रुपये लेने और फिर उसे ढाबा संचालक कांता प्रसाद को न देने का आरोप लगाया। लक्ष्य ने कहा कि गौरव 20 लाख से ज्यादा रुपये डकार गया है, और ये सरासर धोखा है –

इस आरोप का खंडन करने के प्रयास में गौरव ने एक वीडियो में गौरव ने कांता प्रसाद को करीब 2 लाख 33 हजार रुपये का चेक थमाते हुए यह दावा किया कि जो भी उन्होंने विभिन्न दानकर्ताओं से पैसा लिया था, वह सब उन्होंने चुका दिया, जिसकी पुष्टि उन्होंने कथित तौर पर कांता प्रसाद से भी करवाई। लेकिन गौरव का झूठ तब उजागर हुआ, जब उनका एक इंस्टाग्राम वीडियो सामने आया, जहां वे प्रसिद्ध शेफ रणवीर ब्रार से ये दावा कर रहे थे कि बाबा का ढाबा के लिए करीब 20 से 30 लाख रुपये तक का डोनेशन इकट्ठा किया गया, जिसपर एलविश यादव और सम्राट भाई नामक यूट्यूबर्स ने अपनी वीडियो में प्रकाश भी डाला –

 

यदि ये बातें शत प्रतिशत सत्य है, तो गौरव के विरुद्ध निश्चित ही कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इससे एक बात और सिद्ध होती है, कि समाज सेवा के नाम पर आजकल जो ये उगाही का धंधा चल रहा है, वो परमार्थ पर भी प्रश्न चिन्ह लगाता है, और ऐसे ठगों के कारण लोगों का मानवता पर से  विश्वास भी उठता है।

 

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