TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना: फ्रंटलाइन की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में गरमागरम बहस को जन्म दिया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना: फ्रंटलाइन की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में गरमागरम बहस को जन्म दिया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मिलिये शी जिनपिंग और 2020 के शीर्ष 4 विलेन से

जिनपिंग, कैरी लैम, टेड्रोस, एर्दोगन और मार्केल, ये है 2020 के अल्टीमेट विलेन

Shikhar Srivastava द्वारा Shikhar Srivastava
1 January 2021
in मत
मिलिये शी जिनपिंग और 2020 के शीर्ष 4 विलेन से
Share on FacebookShare on X

2020, मानव इतिहास के वर्तमान युग के लिए सबसे बुरा साल, अब अपने अंत की ओर है। साल के अंत में हम आपके लिए एक रिकैप लेकर आये हैं जिससे आप ये फिर से याद कर सकें कि वो कौन से लोग थे जिन्होंने इस साल को बर्बाद करने में भूमिका निभाई और बर्बाद साल को सुधारने में अड़चन डाली। 2020 के पाँच विलेन इसप्रकार हैं।

जिनपिंग

संबंधितपोस्ट

ट्रम्प और पुतिन की जोड़ी अब भी जिनपिंग को झटके दे रही है, पूर्वी यूरोप में ठीक यही हुआ है!

क्या शी जिनपिंग Eco Chamber में रहते हैं? उनके पिछले कुछ महीनों के फैसले और नीतियाँ तो यही दिखाती हैं

‘चीन अपने नागरिकों को उनके परिजनों की मृत्यु का शोक भी नहीं मनाने देता अन्यथा देश की बदनामी होगी’

और लोड करें

वर्ष 2020 याद रखा जाएगा तो केवल अपने वुहान वायरस के संक्रमण के लिए और इसके पीछे किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराया जाएगा तो वह है चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग। जब साल के शुरू में कोरोना ने दस्तक दी थी, तब जिनपिंग ने एक जिम्मेदार नेता की तरह, यदि दुनिया को आगाह कर दिया होता तो आज संक्रमण महामारी न बन पाया होता। जैसा कि बाद कि रिपोर्ट में पता चला कि जिनपिंग को वायरस की जानकारी जनवरी के पहले ही थी, लेकिन उन्होंने इस बात को छुपाए रखा।

चीनी सरकार के तानाशाही रवैये के कारण यह वायरस इतनी तेजी से फैला। शुरू में जिन जिन लोगों ने दुनिया को आगाह करने की कोशिश की उनको भी चुप करवा दिया गया, और एक बार जब वायरस का फैलाव शुरू हो गया तो उसे रोकने के लिए अमानवीय तरीके अपनाए गए। कम्युनिस्ट शासन ने अपने यहाँ वायरस से हुई मौत के आंकड़े भी जाहिर नहीं किये।

इतना ही नहीं जिनपिंग ने इस महामारी को अपनी नीतियों को लागू करने के लिए एक अवसर की तरह देखा। हांगकांग पर सुरक्षा कानून लादकर उसकी स्वायत्तता छीन ली गई। ताइवान की स्वतंत्रता छिनने की योजना भी बनी किंतु अमेरिका और उसके सहयोगियों के दबाव के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका।

वहीं दूसरी ओर चीन ने इसी समय, अपने पड़ोसियों को आंतरिक समस्याओं से जूझता देख, जोर जबर्दस्ती से उनकी सीमाओं के अतिक्रमण का भी प्रयास किया। लद्दाख में चल रहा स्टैंड ऑफ हो या जापान के साथ सेनकाकू द्वीपों का विवाद, या फिर वियतनाम के साथ पार्सेल द्वीप का विवाद हो, चीन ने सभी जगह ताकत के प्रदर्शन से अपने पड़ोसियों को डराने की कोशिश की। दक्षिणी चीन सागर में भी वियतनाम की बोट को डुबाया गया।

वास्तव में यह सब कार्य जिनपिंग ने अपनी छवि बचाने के लिए किया। वायरस के फैलाव ने यह जाहिर कर दिया कि जिनपिंग एक अकुशल प्रशासक हैं। ऐसे में अपनी गिरती छवि को सुधारने के लिए जिनपिंग ने खुद को एक आक्रामक नेता की तरह पेश करना चाहा। गलवान घाटी का टकराव इसी का नतीजा था। पर जिनपिंग अपनी नीति में सफल नहीं हो सके। उल्टे उनकी मुसीबतें और बढ़ गयी हैं।

कैरी लैम

पिछले वर्ष यानि 2020 की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में एक चीन द्वारा हांगकांग पर नया सुरक्षा कानून लागू करना था। इस कानून ने दुनिया को दिखा दिया कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी दुनियाभर के लोकतंत्रों के लिए एक चुनौती है। लेकिन हांगकांग पर इसे लागू करवाने में वहाँ की नेता कैरी लैम का भी योगदान है, जिन्होंने अपने ही लोगों के साथ धोखेबाजी की और हांगकांग को चीन के हाथों में सौंप दिया। एक ओर जब लोकतंत्र समर्थक सड़कों पर लड़ रहे थे, कैरी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सराहना करते हुए कहा था “शी चाहते हैं कि कैसे भी करके हाँग-काँग में वन कंट्री टू सिस्टम सफल बना रहे, हम चीन के साथ पूरी तरह सहयोग करने के लिए तैयार हैं”।वे चीन द्वारा लोकतंत्र को कुचलने के अभियान में उसके साथ हो गईं। उन्होंने चीनी प्रोपोगेंडा का समर्थन किया कि यह कानून हांगकांग की भलाई के लिए है।

WHO के चीफ टेड्रोस अधानोम

पिछले वर्ष, 2020 तक WHO संयुक्त राष्ट्र के उन संगठनों में एक था जिसे उसके मानवसेवा के कार्यों के लिए दुनिया भर से प्रशंसा मिलती थी। किंतु जैसे ही WHO पर दबाव आया उसने यह दिखा दिया कि उसका भी मूल स्वभाव UN के अन्य संगठनों से अलग नहीं है, जो वैश्विक शक्तियों के दबाव में झुक जाते हैं। इस साल दुनिया में जिनपिंग के बाद शायद सबसे ज्यादा किसी व्यक्ति को कोसा गया है तो वह है WHO का प्रमुख टेड्रोस अधानेम।

WHO यदि सही समय पर दुनिया को वुहान वायरस के प्रति आगाह कर देता तो आज जो स्थिति दुनिया की है, वह न होती। ताइवान ने दिसंबर में ही WHO को कोरोना के प्रति आगाह करते हुए बताया था कि इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, अन्यथा यह महामारी का रूप ले लेगा। ताइवान ने इसके मनुष्य से मनुष्य में संक्रमण की बात भी बताई थी। लेकिन WHO ने इन सभी बातों को खंडित करते हुए यह कह दिया कि इस वायरस से डरने की जरूरत नहीं है, और यह संक्रमण की तरह नहीं फैलेगा।

इतना ही नहीं जब ट्रम्प ने COVID 19 को चीनी वायरस या वुहान वायरस कहकर चीन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना शुरू किया तो WHO ने चीन के वफादार की तरह सबसे पहले इसका विरोध किया। WHO की भाषा चीन के बजाए ट्रम्प के प्रति सख्त रही। यह स्थिति तब तक बनी रही जब तक ट्रम्प ने WHO की फंडिंग बन्द करने का फैसला नहीं किया। फंडिंग बन्द होने के बाद ही WHO ने चीन के विरुद्ध आवाज उठाई और ताइवान से सहयोग तक कि बात स्वीकार कर ली। यदि WHO सही समय पर चीन के खिलाफ बोलता तो आज संक्रमण इस तरह नहीं फैला होता और इसके असल कारणों का भी दुनिया को पता चल गया होता, साथ ही चीन की जवाबदेही भी तय की जा सकती थी।

भारत में कोरोना को सफलतापूर्वक इसलिए रोका जा सका क्योंकि भारत ने शुरू में ही WHO के बजाए अपने वैज्ञानिकों पर भरोसा किया। WHO के बजाए ICMR की नीतियों को लागू करना मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक था। लेकिन WHO से भारत की अदावत यहीं नहीं रुकी, जब भारत ने दुनिया को वुहान संक्रमण से लड़ने के लिए HCQ की सप्लाई शुरू की तो WHO ने इसका भी विरोध किया। इन सब चालबाजीयों के पीछे सिर्फ और सिर्फ टेड्रोस और उसके साथियों का हाथ था।

एर्दोगन

एर्दोगन

एर्दोगान के कारनामों के बारे में वैश्विक राजनीति को समझने वाला हर आदमी भली प्रकार जानता है। इस स्वघोषित खलीफा ने मुस्लिम समुदाय को भड़काने और पश्चिम एशिया का माहौल तनावपूर्ण बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एर्दोगान ने इस वर्ष हागिया सोफिया को मस्जिद में बदलकर यह स्पष्ट कर दिया कि वे तुर्की को पुराने खिलाफत के दिनों में ले जाएंगे। इसके बाद जब ट्रम्प, इस्राइल और अरब देशों के सहयोग से खाड़ी का तनाव कम होने लगा और मुख्य मुस्लिम शक्तियों ने इस्राइल को मान्यता देनी शुरू कर दी तो एर्दोगान ने इसका भी विरोध किया।

तुर्की का फ्रांस के साथ तनाव बढ़ाने में भी एर्दोगान ने कोई कसर नहीं छोड़ी। पहले ग्रीस के इलाकों में जबरन हस्तक्षेप किया और युद्ध जैसे हालात पैदा किये, फिर फ्रांस के विरुद्ध मुस्लिम जगत को भड़काने की कोशिश की। एर्दोगान अपनी महत्वकांक्षा के लिए किस हद तक जा सकते हैं इसे दुनिया ने आर्मेनिया-अजरबैजान युद्ध में देखा। तुर्की ने एक जिम्मेदार शक्ति की तरह युद्ध शांत करवाने के बजाए, इसे अपने भूराजनैतिक समीकरण साधने का मंच बना दिया।

एर्दोगान लगातार ऐसे मुद्दों पर मुखर हो रहे हैं जो मुस्लिम जगत के लिए भावनात्मक जुड़ाव के हैं। जैसे UAE इस्राइल समझौते के बाद उन्होंने इसे फिलिस्तीन से गद्दारी जैसा बताया। कश्मीर मुद्दे पर भी वे इसीलिए इतने मुखर हैं। जबकि अनावश्यक रूप से अल अक्सा मस्जिद का मामला उठाकर वर्षों पुराने मुस्लिम यहूदी संघर्ष को और भड़काने का प्रयास किया गया। साल का अंत उनके लिए जरूर अच्छा नहीं रहा और अब तुर्की को अमेरिकी प्रतिबंध का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन एर्दोगान की नीतियों ने प० एशिया और वैश्विक शांति के लिए नई चुनौतीयां अवश्य पैदा कर दी हैं।

एंजेला मर्केल

जब ट्रम्प ने वुहान वायरस के कारण चीन खिलाफ मोर्चा खोला तो टेड्रोस के बाद दूसरा प्रमुख व्यक्ति जो उनकी नीतियों के खिलाफ था वह थीं जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल। मैर्केल ने चीन अमेरिका शीत युद्ध को अपने लिए बने अवसर की तरह देखा। वैश्विक नेतृत्व की जर्मनी की वर्षों पुरानी महत्वकांक्षा को संतुष्ट करने के लिए मैर्केल ने चीन और अमेरिका के बीच संतुलन बनाने की नीति अपनाई, जिससे वैश्विक स्तर पर जर्मनी का कद बढ़े। यही कारण रहा कि EU सही समय पर चीन के खिलाफ नहीं खड़ा हुआ और चीन पर दबाव बनाने के अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के प्रयासों को झटका लगा।

उनका यह रवैया तब तक बना रहा जब तक उन्हें EU में ही अपने नेतृत्व के लिए चुनौतियों का आभास नहीं हुआ। जब फ्रांस के मुखर रूप से चीन विरोध को यूरोप में समर्थन मिलने लगा तब जाकर मैर्केल ने अपनी नीति पर पुनर्विचार किया। खैर यह अतिशयोक्ति नहीं होगी कि टेड्रोस और मैर्केल के ढुलमुल रवैया के कारण ही चीन की जवाबदेही तय नहीं हो सकी और उसे सवाल करने वाले देशों, जैसे ऑस्ट्रेलिया, पर अधिक आक्रामक होने का मौका मिला।

Tags: Angela MerkelErdoganJinpingTedros
शेयर1ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘ट्रम्प के कारण चीन को बहुत झेलना पड़ा था’, चीन ने अपने दर्द को किया बयां

अगली पोस्ट

2020 में मॉरिसन बने विजेता, चीन के विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया की रणनीति साबित हुई कारगर!

संबंधित पोस्ट

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व
भारत

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

22 February 2026

भारत के राष्ट्रीय जीवन में कुछ तिथियाँ केवल कैलेंडर की सामान्य तिथियाँ नहीं है, बल्कि वे राष्ट्र की चेतना, उसके संकल्प और उसके ऐतिहासिक दायित्व...

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited