“ट्विटर ट्रोल है ये” अमेरिका के लिए VP कमला की भतीजी मीना हैरिस सबसे बड़ा सिररदर्द बन गयी हैं

मीना हैरिस

PC: shethepeople

पिछले एक हफ्ते से अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस भारत में बेहद ज़्यादा सुर्खियां बटोर रही हैं। हिंसक किसान प्रदर्शन को अपने समर्थन के बाद जहां उन्हें भारत में मोदी विरोधियों द्वारा सराहा जा रहा है, तो वहीं सरकार के समर्थक सड़कों पर उनके पोस्टर्स को जलाकर उनका विरोध कर रहे हैं। हालांकि, मीना हैरिस सिर्फ भारत में ही एक विवाद खड़ा नहीं कर रही हैं, बल्कि वे अपनी हरकतों के कारण White House के अधिकारियों के लिए भी कई मुश्किलें पैदा कर रही हैं। Daily Wire की एक रिपोर्ट के मुताबिक मीना हैरिस White House के कुछ अधिकारियों के लिए सिरदर्द बन गयी हैं।

दरअसल, White House की नीतियों के अनुसार उपराष्ट्रपति के परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा प्रोटोकॉल के तहत उपराष्ट्रपति के नाम का इस्तेमाल कर किसी भी व्यापारिक गतिविधि को अंजाम देने से बचना होगा! हालांकि, मीना हैरिस के मामले में चीज़ें एकदम अलग हैं। मीना हैरिस अपने व्यवसाय में अपनी मौसी के नाम का भरपूर इस्तेमाल करती आई हैं और अब जब वे उपराष्ट्रपति बनी है, तो इसके चलते White House के अधिकारियों के बीच चिंता बढ़ गयी हैं।

पिछले नवंबर जब कमला हैरिस Democrats की ओर से उपराष्ट्रपति पद के लिए मनोनीत की गयी थीं, तो मीना हैरिस ने अपने apparel store में Kamala Harris Swimsuit, Kamala Tank और Kamala T-shirt जैसे कमला-थीम के कपड़ों को बेचना जारी रखा था। हालांकि, बाद में उन्हें निर्देश जारी किए गए कि वो इन कपड़ों को तुरंत अपने स्टॉक से हटाएँ, जिसके बाद उन्होंने ऐसा किया भी। इतना ही नहीं, मीना हैरिस जब पिछले वर्ष उपराष्ट्रपति पद के लिए दौड़ में कूदी थीं, तो भी उन्होंने अपनी Website पर कमला हैरिस के नाम की T-Shirts को बेचना जारी रखा था। अब White House के अधिकारी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं मीना अब भी अपनी व्यावसायिक गतिविधियों में कमला हैरिस के नाम का उपयोग रखना जारी ना रखें।

हालांकि, सिर्फ यही एक कारण नहीं है कि मीना हैरिस अमेरिका के लिए मुश्किलें खड़ी करने की तैयारी कर चुकी हैं। जिस प्रकार वे भारत के किसान प्रदर्शनों पर टिप्पणी कर भारत के अंदरूनी मामलों में दख्ल दे रही हैं, उसके कारण अमेरिका-भारत के रिश्तों में भी तनाव बढ़ने की संभावना है। मीना हैरिस ने हाल ही में अपने बड़बोलेपन से बवाल खड़ा कर दिया था, जब उन्होंने भारतीय सरकार पर तानाशाह होने का आरोप लगाया और यहां तक ये भी कहा कि वर्तमान सरकार आक्रामक राष्ट्रवाद को बढ़ावा देती है। मीना हैरिस ने पीएम मोदी को तानाशाह सिद्ध करने के लिए उनकी तुलना ट्रम्प से करते हुए ट्वीट किया था, “ट्रम्प ने भले ही ऑफिस छोड़ दिया हो, पर उसका प्रभाव अभी भी है। आतंकी राष्ट्रवाद अमेरिका के लिए उतना ही खतरनाक है, जितना कि भारत या किसी भी अन्य राष्ट्र में है। यह तभी खत्म हो सकता है जब लोग इस बात को समझे कि फासीवादी तानाशाहों को हम लोग न्याय की चौखट पर न लाएँ”।

एक तरफ जहां अमेरिकी विदेश मंत्रालय भारत के साथ मजबूत संबंध स्थापित कर चीन के विरुद्ध एक स्पष्ट विकल्प तैयार करना चाहता है, तो वहीं मीना हैरिस अपने बड़बोलेपन से सारे किए कराए पर पानी फेरने के लिए तैयार है। भारत के विदेश मंत्रालय ने पहले ही ऐसे लोगों के लिए एक विशेष स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा था, “ऐसे विषयों पर पहले बोलने की होड़ में शामिल होने से बेहतर है कि सभी तथ्यों का निष्पक्षता से विश्लेषण करें। आकर्षक सोशल मीडिया हैशटैग और कमेंट्स के लिए ऐसी हरकतें ना सिर्फ गलत है बल्कि गैर जिम्मेदाराना भी।”

मीना हैरिस भारत के मामलों में टांग बेशक अड़ा रही हों, लेकिन उन्हें भारत में लाइमलाइट सिर्फ इसीलिए मिल रही है क्योंकि वे उपराष्ट्रपति की भतीजी है। पिछले एक महीने में ही मीना के ट्विटर फोलोवर्स तिगुना बढ़ चुके हैं। उनकी उपलब्धि सिर्फ इतनी है कि वे अमेरिका की उपराष्ट्रपति की भतीजी हैं। यह एक ऐसा तथ्य है जिससे उन्हें सबसे अधिक पीड़ा पहुँचती है। शायद इसीलिए उन्होंने मात्र एक ट्वीट के लिए TFI के CEO अतुल मिश्रा को भी पिछले दिनों ब्लॉक कर दिया था। बहुत ही अजीब बात थी कि “तानाशाह मोदी” से लड़ने चली अकेली मीना हैरिस एक साधारण से ट्वीट से ही इतना घबरा गयी।

 

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