तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात को पछाड़कर उत्तर प्रदेश बना देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

योगी ने तो UP की मौज कर दी

ग्रेटर नोएडा निवेश

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आर्थिक मामलों में राज्य को सफलता मिल रही है। राज्य की आर्थिक गतिविधियां काफी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में सामने आया है कि राज्य की GSDP अब तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात जैसे राज्यों से भी आगे निकल कर देश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है जो कि राज्य की आर्थिक स्थिति के सुधार को दर्शाता है।

कोरोनावायरस के बावजूद उत्तर प्रदेश की स्थिति में एक अभूतपूर्व सुधार देखने को मिला है जो कि देश के लिए भी बेहद आवश्यक था और योगी सरकार ने इसका बखूबी ध्यान रखा।

उत्तर प्रदेश को लेकर देश के अन्य राज्यों ने एक गरीब राज्य की छवि बना रखी है। खैर इसमें कोई खास बात भी नहीं है क्योंकि राज्य में पिछली सरकारों के दौरान हुए घोटालों और बिगड़ी कानून व्यवस्था के कारण बड़े उद्योग यूपी छोड़ गए थे, लेकिन अब परिस्थितियां काफी हद तक बदल चुकी है। इसका सबूत वर्तमान में आए देश के राज्यों के GSDP के आंकड़े ही बताते हैं, जहां उत्तर प्रदेश के आंकड़ों में अभूत पूर्व सुधार हुआ है।

TOI की रिपोर्ट की मानें तो तो उत्तर प्रदेश अब देश के कई औद्योगिक राज्यों को भी पछाड़ने की स्थिति में आ चुके हैं। यूपी अब GSPD के मामले में नंबर दो पर आ गया है जो कि अब 19 लाख 48 हजार करोड़ से ज्यादा की हो गई है। 2019-20 की रिपोर्ट के मुताबिक अब केवल महाराष्ट्र ही है, जो जीएसडीपी के मामले में यूपी से आगे है।

तमिलनाडु की जीडीपी 19.2 लाख करोड़ की है। वहीं अब कर्नाटक की करीब 18 लाख करोड़ की है। पहले दूसरे नंबर पर तमिलनाडु और तीसरे पर गुजरात व चौथे पर कर्नाटक पर है, लेकिन उत्तर प्रदेश ने सारा पासा ही पलट दिया है।

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इस मुद्दे पर बीजेपी नेता और राज्य के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, “हमारा राज्य आर्थिक क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ये सब उत्तर प्रदेश के हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की देन है जिसके चलते यहां औद्योगिक माहौल पहले से बेहतरीन स्तर पर पहुंच गया है, इसीलिए अब हम देश में जीएसडीपी के मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं।”

खास बात ये है कि उत्तर प्रदेश को एक गरीब राज्य माना जाता है, और संभावनाएं थीं कि कोरोनावायरस की त्रासदी के बाद उत्तर प्रदेश में आर्थिक और सामाजिक स्थिति बहुत ही खराब हो जाएगी, लेकिन सारे अनुमान ध्वस्त हो गए। पिछले दो वर्षों करीब 4.28 लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए और उनमें से तीन लाख करोड़ का निवेश ज़मीनी स्तर पर आ चुका है, जो कि एक बेहद ही सकारात्मक स्थिति को दर्शाता है।

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कोरोनावायरस के वक्त में जब पूरी दुनिया में आर्थिक तंगी थी, तब भी उत्तर में निवेश आ रहा था। जर्मन फ्रांस से कंपनियों यहां निवेश कर रही है। वहीं नोएडा एक तकनीक के क्षेत्र का हब बन चुका है। इन सभी बिंदुओं के बीच आए आंकड़ों में उत्तर प्रदेश की सुधरी स्थिति बताती है कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के विकास की गति अब तेज ही रहने वाली है।

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