कांग्रेस नेता उस समय को याद करते हैं जब अवैध मतदान मजेदार था, भाजपा पहुंची EC के पास

इनकी पोल खुल गयी है!

अगर किसी को कोई गंदी लत लग जाए तो बड़ी मुश्किल से छूटती है। ऐसा तभी संभव होता है, जब वह इस लत को छोड़ना चाहता है। कांग्रेस पार्टी के अंदर तो बुरी आदतों की लत की कोई सीमा नहीं है। फिर चाहे वह लत भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी या गैरकानूनी तरीक़े से वोट पाने की हो। उदाहरण के लिए राजीव गांधी ने अपने समय में बोफोर्स घोटाला किया। इसके बाद राहुल और सोनिया गांधी ने यह सिलसिला बनाए रखा।

सोनिया और राहुल ने अपने समय में 2जी, कोयला घोटाला जैसे अन्य कई घोटाले किये। इंदिरा गांधी अपने समय में लोकसभा चुनाव में धांधली की थी और अब राहुल गांधी के नेतृत्व में असम कांग्रेस वही करते हुई नज़र आ रही है। असम कांग्रेस की नेत्री ने एक वीडियो में फर्जी तरीक़े से गैर निवासियों को वोटर सूची में नाम जोड़ने की बात को स्वीकार किया है।

वीडियो में क्या बोलीं असम कांग्रेस प्रदेश सचिव

आपको बता दें कि असम कांग्रेस की प्रदेश सचिव सिंबोनी बोरा ने अपने एक वीडियो में कहा है कि, “जब मैं ब्लॉक विकास अधिकारी थी, तब मैंने बहुत लोगों के नाम चुनाव सूची में बिना किसी जांच पड़ताल या बिना सरकारी कागजात देखे उनका नाम चुनावी सूची में जोड़ दिया था।” सिंबोनी की बात का अर्थ निकाला जाए तो यह निकलता है कि असम में कांग्रेस ने बहुत सारे गैर निवासियों को गलत तरीके से निवासी बनाया है।

और पढ़ें- असम में कांग्रेस-AIUDF गठबंधन से मुस्लिम वोट तो नहीं बंटेगा लेकिन कांग्रेस को एक भी हिन्दू वोट नहीं मिलेगा

कांग्रेस ने गैर निवासियों को वोटर लिस्ट में किया शामिल

अब असम में गैर निवासी कौन हो सकते हैं ? या तो वो म्यांमार से भागे हुए रोहिंग्या मुसलमान या बांग्लादेश से भागे बांग्लादेशी मुसलमान होगें। एक तो असम कांग्रेस ने गैर कानूनी तरीक़े से उन्हे भारत में रहने दिया और साथ ही उन्हें कानूनी दस्तावेज़ भी दे दिया। इससे एक बात तो साफ ज़ाहिर होती है कि बाहरी मुल्क के लोगों को कांग्रेस ने अपने देश की वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया है, ताकि उनका चुनाव में मत बढ़ सकें।

कांग्रेस का दोहरा चरित्र आया सामने

सबसे बड़ी विडंबना यह है कि, सिंबोनी ने अपने ट्विटर पर एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि “लोकतंत्र बचाओ, सविधान बचाओ”, सिंबोनी की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क है। एक तरफ तो वह लोकतंत्र बचाने की मांग कर रहीं हैं और दूसरी ओर ब्लॉक प्रमुख अधिकारी पद पर रहते हुए लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण यंत्र चुनाव की प्रक्रिया को बर्बाद करने के कोशिश कर चुकीं हैं।

और पढ़ें – AIUDF को 15 सीट देना असम कांग्रेस की गले की फांस बना, पार्टी दो टुकड़ों में बंटी

भाजपा ने दर्ज कराई शिकायत

सिंबोनी का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा असम कांग्रेस पर हमला करने से पीछे नहीं हटी और चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कर दी। भाजपा ने अपने शिकायत पत्र में लिखा, “सम्मान के साथ, मैं बोरा के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज करना चाहता हूँ, बोरा ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करते हुए, मतदाताओं की सूची में अयोग्य व्यक्तियों को अपनी आधिकारिक क्षमता का उपयोग नामांकन करने की पुष्टि की है”।

सच्चाई के विपरीत है असम में कांग्रेस का नारा

कांग्रेस पार्टी ऐसी पार्टी है, जिसने पीढ़ी दर पीढ़ी भ्रष्टाचार और अपनी काली करतूतों को बढ़ाने का काम किया है। उदाहरण के लिए जैसे इंदिरा गांधी ने लोकसभा की एक सीट को हड़पने की कोशिश की थी, ठीक वैसे ही आज राहुल और सोनिया मिल कर पूरा असम राज्य विधानसभा चुनाव में धांधली करने की  कोशिश कर रहे हैं। कमाल की बात यह है कि असम कांग्रेस का नारा है ‘असम बचाओ’। सिंबोनी की वीडियो सामने आने के बाद असम के जनता का नारा होना चाहिए ‘असम को कांग्रेस से बचाओ’।

 

Exit mobile version