South Africa में अब महात्मा गांधी की परपोती को हुई जेल, आंदोलन के लिए नहीं बल्कि fraud के लिए

महात्मा गांधी जी का नाम खराब कर दिया परपोती ने!

आशीष लता रामगोबिन

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पुरखों के सत्कर्मों की मिट्टी पलीद करने में कभी-कभी नई पीढ़ी कुछ ज्यादा ही आगे निकल जाती है। इसका नुकसान कभी-कभी देश की छवि को भी होता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की परपोती आशीष लता रामगोबिन ने भी कुछ ऐसा ही किया है, क्योंकि जिस दक्षिण अफ्रीका से गांधी ने क्रांति की लौ जलाई थी, आशीष लता ने वहां ही भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का एक नया आयाम स्थापित कर दिया। इस खुलासे के बाद धोखाधड़ी की सजा के तौर पर उन्हें सात साल की सजा सुनाई गई है, जो कि महात्मा गांधी की पीढ़ी से जुड़ी होने के कारण गांधी परिवार और भारत के लिए भी शर्मसार करने वाली बात है।

महात्मा गांधी जब बैरिस्टर के तौर दक्षिण अफ्रीका में थे, तो ट्रेन में अश्वेतों के साथ हुए व्यवहार के कारण उन्होंने अपना पहला क्रांतिकारी आंदोलन किया और इसी के चलते दक्षिण अफ्रीका में उनका विशेष सम्मान है। इसके विपरीत उनके सम्मान को मिट्टी में मिलाने के लिए उनकी परपोती आशीष लता रामगोबिन ने कोई कसर नहीं छोड़ी है और धोखाधड़ी से जुड़े एक संगीन मामले में उनको सात साल की कैद की सजा सुनाई गई है। आश्चर्यजनक बात ये भी है कि भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के तार भारत से संबंधित है, क्योंकि उन्होंने निवेशकों को नकली भारतीय दस्तावेज दिए थे।

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जी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, आशीष लता ने ये धोखा-धड़ी एस आर महाराज के साथ किया था। आशीष लता को एसआर महाराज ने भारत में मौजूद एक कंसाइनमेंट के लिए आयात और सीमा शुल्क के तौर पर एडवांस में ही 6.2 मिलियन रैंड (अफ्रीकन मुद्रा) दिए थे, लेकिन आशीष लता ने उस मुनाफे में अपनी हिस्सेदारी देने की बात कही थी और उसमें ही वो बुरी तरह फंस गईं हैं।‌ खबरों के मुताबिक, 2015 में लता रामगोबिन के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय अभियोजन प्राधिकरण के ब्रिगेडियर हंगवानी मुलौदजी ने कहा था कि आशीष लता रामगोबिन ने संभावित निवेशकों को कथित रुप से जाली चालान और दस्तावेज दिए थे और इन्हीं से उन्होंने निवेशकों को धोखा दिया था।

गौरतलब है कि आशीष लता रामगोबिन मशहूर एक्टिविस्ट इला गांधी और दिवंगत मेवा रामगोविंद की बेटी हैं, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका में अपने कार्यकाल के दौरान महात्मा गांधी द्वारा स्थापित फीनिक्स सेटलमेंट को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। वहीं अब भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के इस मामले में दक्षिण अफ्रीकी कोर्ट ने उन्हें 6.2 मिलियन रैंड (अफ्रीकन मुद्रा) यानी करीब 3.22 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और जालसाजी मामले में उनकी भूमिका के लिए दोषी पाया है और सात साल की सजा सुनाई है।

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महात्मा गांधी… जिन्होंने अपने आंदोलन की शुरुआत ही दक्षिण अफ्रीका से की थी, आशीष लता ने वहां ही भ्रष्टाचार कर दिया। गांधी देश के स्वतंत्रता संग्राम के बाद अनेकों बार जेल गए, लेकिन केवल सत्याग्रह और देशहित के लिए, यद्यपि उनकी परपोती आशीष लता रामगोबिन गांधी के उसूलों की धज्जियां उड़ा रही हैं, जो कि शर्मनाक है।

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