TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा

    कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा: खामेनेई की मौत के विरोध में 8 की मौत, कई घायल

    ड्रग्स के खतरे को खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस की बड़ी योजना

    ड्रग्स के खतरे को खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस की बड़ी योजना, झुग्गी बस्तियों और युवाओं की सुरक्षा पर खास फोकस

    NCERT किताब विवाद के बीच केंद्र ने माफी मांगी

    NCERT किताब विवाद के बीच केंद्र ने मांगी माफी , CJI ने काउंसिल पर कड़ा रुख अपनाया

    पीएम कार्नी की भारत यात्रा से पहले कनाडा का संकेत

    पीएम कार्नी की भारत यात्रा से पहले संकेत—कनाडा हिंसक गतिविधियों में भारत की भूमिका नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान ने लागू की ‘डिसेंट्रलाइज्ड मोज़ाइक डिफेंस’

    ईरान ने लागू की ‘डिसेंट्रलाइज्ड मोज़ाइक डिफेंस’: IRGC को 31 स्वायत्त कमांड में बांटकर बदली सैन्य रणनीति

    खाड़ी में बढ़ता टकराव

    खाड़ी में बढ़ता टकराव: ईरान की कार्रवाई से कुवैत, अबू धाबी और बहरीन में अलर्ट

    मिसाइल युग में नौसैनिक युद्ध का नया मोड़

    मिसाइल युग में नौसैनिक युद्ध का नया मोड़: ईरान बनाम अमेरिका अरब सागर में आमने-सामने

    ईरान-इजराइल युद्ध तेज

    ईरान-इजराइल युद्ध तेज: एयरस्ट्राइक, जवाबी मिसाइल हमले और खामेनेई को लेकर बढ़ा सस्पेंस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा

    कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा: खामेनेई की मौत के विरोध में 8 की मौत, कई घायल

    ड्रग्स के खतरे को खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस की बड़ी योजना

    ड्रग्स के खतरे को खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस की बड़ी योजना, झुग्गी बस्तियों और युवाओं की सुरक्षा पर खास फोकस

    NCERT किताब विवाद के बीच केंद्र ने माफी मांगी

    NCERT किताब विवाद के बीच केंद्र ने मांगी माफी , CJI ने काउंसिल पर कड़ा रुख अपनाया

    पीएम कार्नी की भारत यात्रा से पहले कनाडा का संकेत

    पीएम कार्नी की भारत यात्रा से पहले संकेत—कनाडा हिंसक गतिविधियों में भारत की भूमिका नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान ने लागू की ‘डिसेंट्रलाइज्ड मोज़ाइक डिफेंस’

    ईरान ने लागू की ‘डिसेंट्रलाइज्ड मोज़ाइक डिफेंस’: IRGC को 31 स्वायत्त कमांड में बांटकर बदली सैन्य रणनीति

    खाड़ी में बढ़ता टकराव

    खाड़ी में बढ़ता टकराव: ईरान की कार्रवाई से कुवैत, अबू धाबी और बहरीन में अलर्ट

    मिसाइल युग में नौसैनिक युद्ध का नया मोड़

    मिसाइल युग में नौसैनिक युद्ध का नया मोड़: ईरान बनाम अमेरिका अरब सागर में आमने-सामने

    ईरान-इजराइल युद्ध तेज

    ईरान-इजराइल युद्ध तेज: एयरस्ट्राइक, जवाबी मिसाइल हमले और खामेनेई को लेकर बढ़ा सस्पेंस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

इज़राइल चीन के साथ अपने सभी आर्थिक समझौतों को करेगा खत्म

ईरान के साथ बढ़ते कदम से इज़राइल सावधान, आर्थिक संबन्धों को तोड़ने पर हो रहा है विचार

Shikhar Srivastava द्वारा Shikhar Srivastava
26 August 2021
in रणनीति
इज़राइल चीन संबंध
Share on FacebookShare on X

अमेरिका ने जिस तेजी से स्वयं को पश्चिम एशिया और मध्य एशिया की राजनीति से अलग करने का फैसला किया है, उस क्षेत्र के भू-राजनीतिक समीकरण बदलने वाले हैं। अमेरिका इस क्षेत्र को छोड़कर हिंद प्रशांत क्षेत्र पर अपना ध्यान केंद्रित करने वाला है। अमेरिका के हटते ही इस क्षेत्र में एक शक्ति शून्यता जन्म लेगी जिसे भरने के लिए चीन सबसे अधिक आतुर है। चीन अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए इसी क्षेत्र पर निर्भर है उसने पश्चिम एशिया में ईरान को अपनी भावी योजनाओं के लिए सबसे विश्वसनीय सहयोगी बना लिया है। ऐसे में इज़राइली रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि चीन की ईरान के साथ सैन्य नज़दीकियां बढ़ेंगी तो इसका सीधा प्रभाव इज़राइल और चीन के आर्थिक संबंध पर देखने को मिलेगा। यही नहीं इज़राइल चीन के साथ अपने आर्थिक संबंध तोड़ भी सकता है।

इज़राइल विरोधी शक्तियों के साथ हाथ मिलना पड़ सकता है चीन को भारी

Breaking Defense की रिपोर्ट के अनुसार इजराइल के सरकारी सूत्रों ने जानकारी दी है कि यदि चीन ईरान अथवा क्षेत्र में मौजूद अन्य इज़राइल विरोधी शक्तियों के साथ रक्षा तकनीक से संबंधित कार्य जारी का विस्तार करता है तो फिर इजराइल चीन के साथ अपने आर्थिक संबंध में कमी ला सकता है। इज़राइल के रक्षा विशेषज्ञों को विश्वास है कि अमेरिका की क्षेत्र से वापसी के बाद उत्पन्न होने वाली शक्ति शून्यता को चीन अपनी आर्थिक, कूटनीतिक, सामरिक शक्ति से भरने का प्रयास करेगा। रिपोर्ट में इज़राइली रक्षा सूत्र के हवाले से यह लिखा है कि “क्षेत्र में अमेरिका का प्रभाव, विशेष रुप से अफगानिस्तान में हुआ है उसके बाद, से चीन के लिए गल्फ एवं पश्चिम एशिया में एक महत्वपूर्ण शक्ति बनने के द्वार खुल गए हैं।”

संबंधितपोस्ट

मिसाइल युग में नौसैनिक युद्ध का नया मोड़: ईरान बनाम अमेरिका अरब सागर में आमने-सामने

ट्रंप के 15% टैरिफ से वैश्विक व्यापार में हलचल; भारत-चीन को बढ़त, ब्रिटेन पर दबाव, यूरोप सख्त रुख में

ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

और लोड करें

पश्चिम एशिया का बदलता स्वरूप है कारण

पश्चिम एशिया, विश्व के सबसे रोमांचकारी भू-राजनैतिक उठापटक का रंगमंच रहा था। सऊदी अरब और ईरान की शिया-सुन्नी प्रतिद्वंदिता, अरब स्प्रिंग, कोल्डवॉर और वॉर अगेंस्ट टेररिज्म ऐसे अनेक महत्वपूर्ण घटनाक्रम इसी क्षेत्र में हुए। इन सब में अमेरिका की केंद्रीय भूमिका रही थी। किंतु अफ़गानिस्तान से अमेरिका की विदाई के बाद अब रूस, भारत, इज़राइल जैसे वे सभी शक्तिशाली देश जिनके हित इस क्षेत्र से जुड़े हैं अपनी भावी योजनाओं को लेकर चिंतित है। अमेरिका ने जिस तेजी से सीरिया और अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को वापस बुलाया है उसने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में अमेरिका इस क्षेत्र की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में वैसी सक्रियता नहीं दिखाएगा जैसी कोल्डवॉर या उसके बाद अगले 20 वर्षों में देखने को मिली थी।

इज़राइल ने महसूस किया है कि चीन मित्र नहीं है

अफगानिस्तान से अमेरिका के पलायन ने अमेरिकी सहयोगियों को यह सोचने पर विवश कर दिया है कि अमेरिका टकराव की स्थिति में उनके साथ खड़ा होगा या नहीं। अमेरिका ने अफगानिस्तान में 20 वर्षों तक जिस सरकार का समर्थन किया, उसे तालिबान के हाथों ध्वस्त होने के लिए छोड़ दिया। ऐसे में इज़राइल और सऊदी जैसे देशों ने सीख लेते हुए अपनी सुरक्षा स्वयं सुनिश्चित करने के बारे में विचार करना शुरू कर दिया है। यही कारण है कि इज़राइल में चीन और ईरान के बढ़ते सहयोग पर इन दिनों गंभीर चिंतित हो रहा है। इज़राइल समझता है कि चीन की पश्चिम एशिया में पहुंच उसकी कीमत पर आएगी। वर्तमान में, चीन इज़राइल की तकनीक में भारी निवेश करता है लेकिन हाल के दिनों में, इज़राइल ने महसूस किया है कि चीन मित्र नहीं है।

चीन और ईरान ने 25 वर्षीय स्ट्रेटेजिक पैक्ट किया है। चीन की BRI योजना का मुख्य लक्ष्य चीन की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करना है। इस योजना का लक्ष्य पानी के रास्ते होने वाले व्यापार को भूमि के रास्ते होने वाले व्यापार में बदलना है। ऐसे में ईरान चीन के लिए पश्चिमी एशिया में प्रवेश करने का मुख्य मार्ग है। उधर मुसलमानों के मुद्दे पर चीन को कट्टरपंथी इस्लामिक ताकतों के विरोध का सामना न करना पड़े इसके लिए यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि चीन मुस्लिम देशों के साथ अच्छे संबंध बनाकर चले। यही कारण था कि इज़राइल फिलिस्तीन संघर्ष के दौरान चीन ने फिलिस्तीनी मुसलमानों के मुद्दे को सुरक्षा परिषद में भी उठाने का प्रयास किया था।

इतना ही नहीं चीन गाजा युद्ध के दौरान यहूदी विरोधी प्रोपेगेंडा करने लगा था। इस पर चीन में इज़राइली दूतावास ने सीसीटीवी द्वारा चलाए जा रहे एक कार्यक्रम की ओर भी इशारा करते हुए ट्वीट किया था, “हमें उम्मीद है कि ‘यहूदी दुनिया को नियंत्रित करने वाले’ षड्यंत्र के सिद्धांतों का समय खत्म हो गया था, दुर्भाग्य से यहूदी-विरोधी ने अपना बदसूरत चेहरा फिर से दिखाया है।” साथ ही यह भी कहा कि, “हम एक आधिकारिक चीनी मीडिया आउटलेट में व्यक्त किए गए यहूदी-विरोधी को देखकर स्तब्ध हैं।”

ऐसे कई कारक हैं जो चीन-इज़राइल संबंधों को कमजोर करते हैं। चीन द्वारा इजराइल के ऊपर ईरान को अब्राहम समझौते में महत्व देना इसी यही दिखाता है। पिछले साल संयुक्त अरब अमीरात और इज़राइल के अपने द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य करने के साथ, इज़राइली प्रौद्योगिकी में अमीराती निवेश बढ़ गया है।

इसलिए, इज़राइल की तकनीक अब पूरी तरह से चीनी पूंजी पर निर्भर नहीं है। इज़राइल प्रौद्योगिकी में निवेश करने वाले मुख्य देश के रूप में चीन ने जो भी लाभ उठाया है, वह अब समाप्त हो रहा है। यही कारण है कि चीन खुद इज़राइल से बौखला रहा है। हाल ही में, इज़राइल और चीन के संबंध निकट भविष्य में कितने खराब होंगे इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में चीनी हैकरों ने इज़राइल पर बड़ा साइबर हमला किया था। उनका उद्देश्य इज़राइल की महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी और व्यापारी की योजनाओं की जानकारी जुटाना था।

इज़राइल के पास है भारत का विकल्प

वहीं इज़राइल की बात करें तो आने वाले समय में भारत और इज़राइल का रक्षा सहयोग तेजी से बढ़ने वाला है। यह सहयोग केवल रक्षा अनुसंधान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई अन्य मामलों पर भी दोनों ने एक दूसरे के साथ दिखेंगे। इस समय भारत, इज़राइल के साथ साइबर वॉफेयर से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक कई क्षेत्रों में सहयोग कर रहा है। हाल ही में भारत और इज़राइल के बीच, भारत को बेचे गए ड्रोन को लेकर एक समझौता हुआ है, जिसके तहत इज़राइल सर्विलांस ड्रोन को आर्म्ड ड्रोन में बदलने वाला है।

अफगानिस्तान में तालिबान की विजय के बाद यह स्पष्ट है कि इस पूरे क्षेत्र में इस्लामिक कट्टरपंथ मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा। ऐसे में भारत और इज़राइल के बीच इंटेलिजेंस शेरिंग और बढ़ेगी। मोसाद और R&AW इस्लामिक आतंकवाद के विरुद्ध आपसी सहयोग बढ़ाएंगे। साथ ही फिलिस्तीन के मुद्दे पर भारत को अपना स्टैंड बदलना पड़ेगा क्योंकि अब भारत और इज़राइल को अपने हितों की सुरक्षा के लिए विदेश नीति के मुद्दे पर एक राय बनानी पड़ेगी।

इज़राइल का एक स्पष्ट संदेश

चीन के लिए इज़राइल का एक स्पष्ट संदेश है- यदि आप पश्चिमी एशिया में ईरान जैसे देशों के साथ संबंध बढ़ाने की कोशिश करते हैं तो हम व्यापारिक संबंध तोड़ देंगे। इज़राइल चीन के साथ अपने व्यापारिक समझौतों का उपयोग सौदेबाजी के लिए कर रहा है और यहूदी राष्ट्र पर ईरान को चुनने के लिए कम्युनिस्ट राष्ट्र को सबक सिखाना चाहता है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इज़राइल पश्चिमी एशिया का एक महत्वपूर्ण शक्ति है और इसके पास दुनिया की सबसे उन्नत खुफिया नेटवर्क में से एक है। इसलिए, चीन के ईरान के साथ बढ़ते संबंध का इज़राइल द्वारा विरोध बीजिंग के लिए एक बड़ा झटका है। ऐसे में परिवर्तित हो रहे समीकरण यह संकेत कर रहे हैं कि चीन का इज़राइल में जो भी निवेश है और चीन इज़राइल के बीच जो भी आर्थिक सहयोग है, वह सब नकारात्मक रूप से प्रभावित होने वाला है।

Tags: अमेरिकाइज़राइलइजराइल-भारत
शेयर24ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

BSP सांसद अतुल राय पर रेप का आरोप लगाने वाली लड़की को क्या मौत के बाद मिलेगा न्याय?

अगली पोस्ट

यूपी के MSME को लेकर आंकड़ों में हेर-फेर करके वित्त मंत्री के विरुद्ध चलाया जा रहा है एजेंडा

संबंधित पोस्ट

वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है
अमेरिकाज़

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

8 January 2026

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पैदा होने वाले तनाव अक्सर वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाते हैं, खासकर जैसा कि अमेरिका और...

16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था
इतिहास

ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

16 December 2025

16 दिसंबर 1971 को ढाका में भारतीय और बांग्लादेशी कमांडरों की मौजूदगी में एक शांत लेकिन ऐतिहासिक दृश्य सामने आया, जब पाकिस्तान की ईस्टर्न कमांड...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited