TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

एयर इंडिया का Disinvestment लगभग एक दशक पहले हो जाना चाहिए था, वो अब हो रहा है

'बिजनस करना सरकार का काम नहीं है!'

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
19 September 2021
in व्यवसाय
एयर इंडिया का Disinvestment लगभग एक दशक पहले हो जाना चाहिए था, वो अब हो रहा है
Share on FacebookShare on X

एयर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। टाटा संस और स्पाइसजेट के प्रमोटर अजय सिंह ने राष्ट्रीय एयरलाइन में 100% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए अपनी अंतिम बोलियां जमा कर दी हैं। हिस्सेदारी बिक्री में एयर इंडिया एक्सप्रेस लिमिटेड में एयर इंडिया की 100% हिस्सेदारी और एयर इंडिया एसएटीएस (STS) एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में 50% हिस्सेदारी शामिल है। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव, तुहिन कांता पांडे ने एक ट्वीट में कहा- “लेन-देन सलाहकार द्वारा एयर इंडिया के विनिवेश के लिए वित्तीय बोलियां प्राप्त कर ली गयी है, प्रक्रिया अब समापन चरण में पहुँच चुकी हैं।

और पढ़ें- भारत की चहुँमुखी आर्थिक प्रगति देखते हुए अब भारतीय CEO कर रहे हैं घरवापसी

संबंधितपोस्ट

एअर इंडिया विमान हादसा: अमेरिकी सुरक्षा बोर्ड ने कहा, यह अटकलों का समय नहीं, पूरी होने दें जांच

अहमदाबाद विमान हादसा: सभी की मौत लेकिन कैसे बचे विश्वास? जानें 11A का सच

अहमदाबाद विमान क्रैश: कंपनी और यात्रियों को मिल सकते हैं ₹2000 करोड़, क्या साबित होगा सबसे बड़ा बीमा दावा?

और लोड करें

सरकार ने पिछले वर्ष जनवरी में एयर इंडिया में पूर्ण हिस्सेदारी के लिए ‘’रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई)’’ जमा करने के लिए खरीददारों को आमंत्रित किया था और समय के साथ बोली शर्तों में कुछ बदलाव किए, जिसमें इच्छुक पार्टियों को एयरलाइन के उद्यम मूल्य पर बोली लगाने की अनुमति दी गयी थी, जिसमें  ऋण और इक्विटी दोनों के मूल्य शामिल थे। परंतु, सरकार द्वारा बोलियां आमंत्रित करने के तुरंत बाद, Covid19 संकट आ गया था और प्रक्रिया में देरी हो गई थी। इस साल अप्रैल में, केंद्र ने इच्छुक और योग्य खरीददारों का चयन किया और उन्हें अंतिम बोली जमा करने के लिए कहा था।

60,000 से अधिक का है कर्ज

जनवरी 2020 में DIPAM द्वारा जारी ईओआई के अनुसार, 31 मार्च, 2019 तक एयर इंडिया का कुल कर्ज 60,074 करोड़ रुपये था। जो कर्ज निवेशक द्वारा अवशोषित नहीं किया जा सकता है, उसे एयर इंडिया एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड के एक Special Purpose Vehicle में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। एयर इंडिया 2007 में घरेलू ऑपरेटर इंडियन एयरलाइंस के साथ विलय के बाद से घाटे में है।

एयरलाइन की स्थापना टाटा समूह द्वारा 1932 में की गई थी और 1953 में इसका राष्ट्रीयकरण किया गया था। मुंबई स्थित समूह ने पिछले कई मौकों पर एयरलाइन का अधिग्रहण करने में रुचि दिखाई है।

एयर इंडिया के निजीकरण लगभग एक दशक ही हो जाना चाहिए था, जब मध्यम वर्ग ने उड़ान भरना शुरू किया और ईंधन की लागत में वृद्धि के बावजूद हवाई टिकटों की कीमतें गिरने लगीं। एयर इंडिया जैसी कंपनियां इस धारणा के साथ काम करती थीं कि हवाई यात्रा एक विलासिता है, उपयोगिता नहीं। हालांकि, मध्यम वर्ग की आय में वृद्धि और टिकट की कीमतों में गिरावट के साथ, इंडिगो, स्पाइसजेट, गोएयर जैसे खिलाड़ियों के प्रवेश के बाद से पिछले दशक में हवाई यात्रा लगभग 20 प्रतिशत प्रति वर्ष बढ़ी है।

प्राइवेट प्लेयर्स की अच्छी और सस्ती सर्विस से हुआ था नुकसान  

इंडिगो जैसी कंपनियों ने भारतीय हवाई यात्रा क्षेत्र में दो बड़े क्रांतिकारी बदलाव किए। पहला यह था कि उन्होंने ‘अच्छी सेवाओं’ के नाम पर प्रदान किए जाने वाले सभी अनावश्यक खर्चों में कटौती की जिससे टिकटों की कीमत में काफी कमी आई। दूसरा यह कि पटना, कानपुर, लखनऊ, भोपाल, इंदौर, आदि जैसे टियर II और टियर III शहरों के लिए भी उड़ानें शुरू होना था।

एयर इंडिया के प्रबंधक, जो भ्रष्ट और ‘Old School Elitist’ थे, इस अवसर को महसूस नहीं कर पाए जिससे कंपनी को घाटा होना हुआ। इसके अलावा, यूपीए सरकार के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार ने कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य को और खराब होने में योगदान दिया और आज यह हर साल अरबों डॉलर का नुकसान झेल रही है।

प्रतिद्वंदिता का प्रारंभ होते ही उपभोक्ता के पास विकल्प का अवसर होता है। यही विकल्प का अवसर उसे सर्वश्रेष्ठ सेवा प्रदाता की ओर उन्मुख करता है। सरकारी विमानन उपक्रम भी इसी समस्याओं से ग्रसित था। इंडिगो स्पाइसजेट विस्तारा और अन्य विमानन कंपनियों द्वारा नए घरेलू मार्गों पर उड्डयन का संचालन एवं बजट विमानों के प्रादुर्भाव ने एयर इंडिया की कमर तोड़ दी। सरकारी निवेशकों की कमी पारंपरिक मार्गों पर उड्डयन और अत्यंत खर्चीला परिवहन होने के कारण एयर इंडिया कभी भी इन निजी विमानन कंपनियों से मुख्यतः इंडिगो से प्रतिद्वंदिता करने में असमर्थ रहे।

हालांकि, भारत सरकार के माध्यम से करदाता के पैसे से चलने के कारण यह बच गया, लेकिन मोदी सरकार प्रशासन के पहले दिन से ही बिल्कुल स्पष्ट थी कि ‘बिजनस करना सरकार का काम नहीं है।’

जब यह पहले कार्यकाल के दौरान एयर इंडिया में सफलतापूर्वक हिस्सेदारी नहीं बेच सकी, तो दूसरे कार्यकाल में मोदी सरकार ने 2019 में गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंत्रियों के एक समूह का पुनर्गठन किया। सरकार ने कर्मचारियों की पदोन्नति और भर्ती पर भी रोक लगा दी है। 10,000 से अधिक कर्मचारियों को रोजगार देने वाली कर्ज में डूबी एयरलाइन आज 60,000 करोड़ से अधिक रुपये के कर्ज के बोझ से दबी है।

और पढ़ें- मोपला नरसंहार: क्या हुआ जब मालाबार के हिंदू अपनी ज़मीन लेने वापस पहुँचे

अगर सरकार इस बार कर्ज में डूबी कंपनी को बेचने में सफल हो जाती है तो इससे न सिर्फ हर साल परिचालन खर्च में अरबों डॉलर की बचत होगी बल्कि यह उसकी राजनीतिक अर्थव्यवस्था की दिशा में भी एक बड़ा संदेश होगा।

आजादी के शुरुआती दिनों से ही भारत एक ‘भ्रमित अर्थव्यवस्था’ था। सरकार ने निजी खिलाड़ियों को ‘बड़े उद्योगों’ से बाहर रखा और एकाधिकार के साथ संचालित किया। हालांकि, छोटे उद्योगों को निजी क्षेत्र के लिए खुला रखा गया था। 1991 में, देश ने आर्थिक उदारीकरण शुरू किया और निजी क्षेत्र के लिए बड़े उद्योग खोले, लेकिन पूंजीवाद पक्षपात पर आधारित था और सरकार ‘बाजार समर्थक’ होने से ज्यादा ‘व्यापार समर्थक’ थी। मोदी सरकार ‘न्यू इंडिया’ को नियम आधारित पूंजीवादी अर्थव्यवस्था बनाने की कोशिश कर रही है।

Tags: इंडिगोएयर इंडियाएयर एशियाटाटा
शेयर12ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

खालिस्तानियों और ड्रग माफिया को काबू में करने के लिए अमरिंदर सिंह को हमेशा याद किया जाएगा

अगली पोस्ट

बीजेपी में बाबुल सुप्रियो जैसे कई नेता हैं, भाजपा इन्हें अहम पद न दे तो अच्छा है

संबंधित पोस्ट

Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग
व्यवसाय

Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

28 February 2026

Visakhapatnam Port Authority (VPA) अपने बेड़े को मजबूत बना रहा है। इसके लिए 60 टन बीपी (Bollard Pull) क्षमता वाले नए टग बनाए जा रहे...

तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज
अर्थव्यवस्था

तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

7 November 2025

भारत आज जिस मोड़ पर खड़ा है, वह केवल उसके आर्थिक उत्कर्ष का नहीं, बल्कि उसके सभ्यतागत पुनर्जागरण का भी क्षण है। यह वह युग...

80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़
अर्थव्यवस्था

80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

1 November 2025

भारत-पाकिस्तान संबंध हमेशा तनाव और जटिलताओं से भरे रहे हैं, लेकिन हालिया जल-सैन्य रणनीति ने पाकिस्तान के लिए खेल बदल दिया है। सिंधु बेसिन पर...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited