‘अब्बा जान कहने वाले हजम कर जाते थे गरीबों का राशन’, सपा पर CM योगी की टिप्पणी से वामपंथी चिढ़ गये हैं

#AbbaJaan

चुनाव पास आते आते, यूपी का राजनीतिक पारा अपने खुमार पर चढ़ चुका है। अब राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों पर लिबरल और वामपंथी गैंग ने रुदन शुरू  कर दिया है। यूं तो इन सभी को सीएम योगी का कोई भी बयान या संबोधन सांप्रदायिक ही लगता है मगर अबकी बार एक शब्द से यह सभी बुरी तरह चिढ़ गए हैं। उस शब्द को इस प्रकार जकड़ लिया है कि भागते भूत की लंगोटी भली, अर्थात विरोध करने के लिए जो मिल गया वही बहुत है। दरअसल, रविवार को योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में एक चुनावी रैली की और ”अब्बाजन” #AbbaJaan टिप्पणी से विपक्ष पर निशाना साधा। विपक्ष के लिए उनका संदेश बिल्कुल स्पष्ट था। उन्‍होंने कहा, “अब्बाजान कहने वाले राशन हजम कर जाते थे, राशन नेपाल और बांग्लादेश पहुंच जाता था।”

संबोधन के इसी अंश को तिल का ताढ़ बनाने की योजना के साथ वाम-उदारवादियों और विपक्ष ने ट्विटर और सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों में एक ट्रेंड शुरू करते हुए सीएम योगी को घेरने के प्रयास किए। इस ट्रेंड का नाम भी इन बुद्धिजीवियों ने #AbbaJaan रखा है। इसके माध्यम से वामपंथी तथाकथित विचारक, नेता, पत्रकार और लेखक सीएम योगी पर तंज़ कस रहे हैं।

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इनमें वाम विचारों की उपासक बरखा दत्त ने ट्वीट कर अब्बाजान वाले बयान कि तुलना विज्ञापन में गलत फ्लाईओवर छापने से कर दी और साथ ही योगी को परोक्ष रूप से वैमनस्य फैलाने वाला बता दिया।

एनडीटीवी की संपादक नगमा सहर ने अपने पिता की यादें ताजा करते हुए लिखा कि, “मेरे #अब्बाजान भारतीय न्यायपालिका से सेवानिवृत्त हुए। आप पर गर्व है #अब्बाजान जैसी बातें लिखीं।”

एक और लिबरल गुट और वाम प्रेमी पत्रकार सबा नक़वी ने द वायर में एक लेख के माध्यम से अपने पिता की तस्वीर तो साझा की ही और ट्वीट कर उसपर लिखा कि, “ये रहे मेरे #AbbaJaan, 50 साल पहले महर्षि के आश्रम में होली खेल रहे है।” इसके बाद सबा और सभी से एक कदम आगे निकलीं। सबा ने एक और ट्वीट करते हुए सबा लिखती हैं कि, “हो सकता है कि मैं अपनी बेटी को मुझे #AmmiJaan कहने के लिए मना सकूं।”

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यह उदाहरण यहीं नहीं थमते हैं, ऐसे बहुत से खुराफाती तत्व हैं जो ‘कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा भानुमती ने कुनबा जोड़ा’ में विश्वास रखते हैं। इन सभी को एक बात को 10 तरह बनाने का हर वो तरीका आता है जिससे अनर्गल विरोध करने में आसानी हो सके। इनमें RJD सांसद मनोज कुमार झा,  टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ समेत कईयों ने ट्वीट कर योगी का विरोध किया।

 

 

यह तो सभी को पता है कि यह सभी ट्वीट खीज के बाद किए गए हैं, यहाँ मात्र इस बात कि चिढ़ है कि हमारे होते हुए सीएम योगी ने कैसे #AbbaJaan कह दिया, लेकिन यहाँ यह बात जाननी आवश्यक है कि यह सब बातें किस संदर्भ में कही गई थीं। दरअसल, योगी ने कहा था कि ‘अब्बा जान कहने वाले सभी गरीबों का राशन हड़प लेते थे, तब यहां का राशन कहीं और अर्थात सीमा पार पहुंच जाता था। यहाँ विपक्षी दलों जिनमें कांग्रेस और सपा जैसे दलों पर निशाना साधा गया था क्योंकि इनके शासन में जनता को बंटने वाला राशन सुदूर बांगलदेश जैसे पड़ोसी देशों में पहुँच जाता था’। योगी आदित्यनाथ ने अपने इस बयान से सपा पर निशाना साधते हुए विशेष समुदाय को विशेष लाभ पहुंचाने की बात कही थी जिससे वामपंथियों का चिढना लाजमी है।

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कुल मिलाकर सार यही है कि, चुनाव नजदीक हैं और योगी सरकार को साम दाम दंड भेद से हराना चाहते हैं और  इस ध्येय पर सभी वामपंथी प्रेमी और नेता एकजुट हो चुके हैं और #AbbaJaan जैसे Hashtag इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

 

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