राम मंदिर का बहीखाता अब दिग्गज भारतीय कंपनी TCS के पास होगा

ये विपक्ष द्वारा मंदिर के निर्माण में व्यवधान पैदा करने के प्रयासों को बड़ा झटका है

राम मंदिर ट्रस्ट TCS

 

हिंदुओं के लिए इस शताब्दी की सबसे बड़ी जीत यानी राम मंदिर का निर्माण अपने मूर्त स्वरूप की ओर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। इसी क्रम में अब एक बड़ी खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राम जन्मभूमि के ट्रस्ट खातों का प्रबंधन एक दिग्गज भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी करेगी।

रिपोर्ट के अनुसार राम मंदिर ट्रस्ट को भूमि सौदों पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोपों का सामना करने के बाद, राम मंदिर ट्रस्ट फंड का प्रबंधन कॉर्पोरेट दिग्गज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को सौंपा गया है, जो एक डिजिटल अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर विकसित कर रहा है। ध्यान रहे कि राम मंदिर ट्रस्ट फंड 3,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

राम मंदिर ट्रस्ट ने रविवार को घोषणा की कि उसके प्रबंधन ने डिजिटल अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग करने का फैसला किया है जो टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) द्वारा प्रदान किया जाएगा। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अधिग्रहण की पुष्टि की है। आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्णय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के इशारे पर लिया गया था, जिसने विवादास्पद भूमि सौदों को लेकर ट्रस्ट के तीन प्रमुख सदस्यों को बैठक के लिए चार महीने पहले मुंबई बुलाया था।

और पढ़े: मिलियेहनुमानसे जिन्होंने रामजन्मभूमि मंदिर के निर्माण के सपने को हकीकत में बदल दिया

इस बीच, अकाउंट के प्रबंधन के लिए, TCS ने कथित तौर पर रामघाट में अपना कार्यालय स्थापित किया है जो राम जन्मभूमि के पास स्थित है। ये आईटी दिग्गज दिसंबर तक सॉफ्टवेयर के विकास को पूरा करने पर काम कर रहा है।

सॉफ्टवेयर विकसित होते ही ट्रस्ट खातों का डिजिटलीकरण और प्रबंधन शुरू हो जाएगा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि TCS के आईटी विशेषज्ञों ने हाल ही में मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा को सॉफ्टवेयर की पावर पॉइंट प्रस्तुति दी थी।

मंदिर ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने एक प्रेस बयान में कहा कि TCS का डिजिटल प्रदर्शन अच्छा है। उन्होंने कहा, “हमने अपने सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों के साथ अपनी आवश्यकताओं पर चर्चा की, जो अब एक accounting system विकसित कर रहे हैं। TCS दिसंबर से हमारे खातों का डिजिटलीकरण और प्रबंधन करेगी।”

और पढ़े: राममंदिर ट्रस्ट घोटाला? आम आदमी पार्टी और SP ने फैलाया झूठ, कुछ ही घंटों में इनका झूठ सामने आ गया

मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया, “राम मंदिर ट्रस्ट के खातों का डिजिटलीकरण TCS द्वारा किया जाएगा। चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की हमारी टीम आय और व्यय के खातों को बनाए रखना जारी रखेगी।”

बता दें कि अयोध्या मामला शिलान्यास से पहले से ही विवादित रहा है, लेकिन यह मामला बाबरी मस्जिद के गिराए जाने से और पेचीदा हो गया था। कानून के दांव-पेंच में फंस कर रह जाने के कारण मंदिर का निर्माण नहीं हो सका था। वर्ष 2018 से इस मामले में तेजी आई और 9 नवंबर 2020 को आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि को हिंदुओं को सौंपने का निर्णय लिया और साथ ही सरकार को मंदिर बनाने के लिए 3 महीने के अंदर एक ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया। अब मंदिर का कार्य चालू हो चुका है और यह लगातार प्रगति पर है। इसी बीच विपक्ष द्वारा मंदिर के निर्माण में व्यवधान पैदा करने के लिए तमाम तरह किये जा रहे हैं। कभी फंड को लेकर तो कभी जमीन की खरीद को लेकर, मकसद उनका एक ही कि किसी भी तरह राम मंदिर का निर्माण रुक जाए। इन्हीं व्यवधानों को देखते हुए अब ट्रस्ट ने अपने खातों का प्रबंधन TCS जैसी दिग्गज भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी को सौंप दिया है।

Exit mobile version