गुजरात के एक रेस्तंरा में आयोजित हुआ ‘पाकिस्तान फूड फेस्टिवल’, अतिथि बनकर पहुंचा बजरंग दल

और आगे आप जानते ही हैं क्या हुआ होगा....

पाकिस्तान फूड फेस्टिवल

कुछ लोगों की सोच काफी अनोखी है , धंधा करो तो बड़ा करो पुरषोत्तम भाई वरना न करो। इसी अनोखी सोच के साथ गुजरात में एक रेस्टोरेंट ने ग्राहकों को आकर्षित करने हेतु ‘पाकिस्तान फूड फेस्टिवल’ का आयोजन किया। लेकिन यह अनोखी योजना रेस्टोरेंट को बहुत भारी पड़ गयी, और उन्हें माफ़ी तक मांगने पर विवश होना पड़ा।

आज की तारीख में भारत और पाकिस्तान के अनोखे रिश्ते से सम्पूर्ण संसार परिचित है, और हम सभी जानते हैं कि कैसे पाकिस्तान के प्रति कुछ लोगों के अंधप्रेम से लोग भड़क जाते हैं, और भड़के भी क्यों न ? हमारे देश में दिन-रात आतंकवाद फैलाने की कोसिश करने वाले देश की कोई तारीफ़ करे तो किसी भी भारतीय का आग बबूला होना स्वाभाविक भी है। इसी कड़ी में गुजरात के सूरत में एक रेस्टोरेंट ‘Taste of India’ ने ‘पाकिस्तान फूड फेस्टिवल’ नामक एक फ़ूड फेस्टिवल आयोजित किया।

इसके बारे में लोगों को पूर्व कांग्रेस पार्षद असलम साइकिलवाला के ज़रिये पता चला, जिन्होंने इस फ़ूड फेस्टिवल के होर्डिंग का विडियो बनाया और सोमवार को उसे फेसबुक पर अपलोड कर दिया, और जल्द ही ये विडियो तेज़ी से वायरल हो गया।

अब ऐसे में बजरंग दल के योद्धाओं का बाहर निकलना स्वाभाविक था। उन्होंने अविलम्ब ‘टेस्ट ऑफ़ इंडिया’ पर धावा बोला और रेस्टोरेंट का विरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने होर्डिंग को उखाड़कर फेंक दिया और उसे सबके समक्ष जलाते हुए पाकिस्तान फूड फेस्टिवल निरस्त करने को कहा।

https://twitter.com/Hiteshpandya21/status/1470425482109718528?s=20

यही नहीं, बजरंग दल के स्थानीय नेता देवीप्रसाद दूबे के अनुसार, “हमें सोशल मीडिया से ज्ञात हुआ कि ऐसा उत्सव आयोजित हो रहा था, जिसके पश्चात् हमने स्थानीय संयोजक दिनेश नावडिया से स्वीकृति लेते हुए विरोध प्रदर्शन किया। जब हमने रेस्टोरेंट के मालिक से वार्तालाप किया, तो उन्होंने क्षमा मांगते हुए इस फेस्टिवल को रद्द किया, और हमने भी कह दिया कि 22 दिसंबर तक हम अपने स्वयंसेवक नियुक्त करेंगे, यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप अपने वचन पर अडिग रहे, अन्यथा परिणाम सकारात्मक नहीं होंगे।”

अंत में वही हुआ, जिसका अंदेशा था। ‘टेस्ट of इंडिया’ के मालिक स्वामी संदीप डावर ने न केवल इस विवादित पाकिस्तान फूड फेस्टिवल को रद्द किया, अपितु कथित तौर पर बजरंग दल से क्षमा भी मांगी, और ये भी वचन दिया कि पाकिस्तान फूड फेस्टिवल के बजाये सीफ़ूड फ़ूड फेस्टिवल होगा। उन्होंने ये भी कहा कि वे पाकिस्तान के राजनीतिक सिस्टम के विरुद्ध हैं, और उन्हें केवल भोजन की विभिन्न शैलियों को दुनिया के समक्ष प्रदर्शित करना है।

अब कारण चाहे जो भी हो, परन्तु इतना तो स्पष्ट है कि ‘Taste of India’ ने ‘पाकिस्तान फूड फेस्टिवल के ज़रिये मार्केटिंग करने की सोची थी और यह विचार उन्ही पर भारी पड़ गया।

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