RSS सदस्यों को खोजने और मारने में SDPI की मदद करते हुए पकड़ा गया केरल पुलिस का जवान

हिन्दुओं की हत्या के लिए ‘टिप’ दे रही है केरल पुलिस!

SDPI पुलिस

Source- DoPolitics

केरल क़बरगाह बन गया है, आतंकियों का पनाहगाह बन गया है, हिन्दू होना यहां गुनाह बन गया है! ये कथन शत प्रतिशत सत्य है, न कि हम विजयन सरकार के प्रति किसी पूर्वाग्रह से ग्रस्त हैं। केरल राज्य इस बात का पर्याय बन गया है कि जहां हिन्दू रहेगा, वहीं लोकतंत्र बचेगा और अब केरल में उतने हिन्दू नहीं बचे, जितने कि सामाजिक सद्भाव कायम करने के लिए होने चाहिए। राज्य में कट्टरपंथी इस्लाम का उदय हो रहा है, ‘सफ़ेद चोगा’ भी अपने चरम पर है! पर, सत्ता के नशे में चूर वामपंथी विजयन सरकार इन्हें प्रश्रय दे रही है। सनातन को समाप्त करने हेतु वामपंथी, कट्टरपंथी और मिशनरी मिल चुके है और हिन्दू बेचारे पिस रहे हैं।

पुलिस दे रही है टिप

इसका एक उदाहरण देखिये। खबरों के मुताबिक केरल पुलिस SDPI कार्यकर्ताओं को आरएसएस कार्यकर्ताओं की ‘टिप’ दे रही है, ताकि वो उन्हें मार सके, अर्थात् राज्य की पुलिस इन नरभक्षकों की मुखबिर बन गयी है। मुखबिरी के लिए पुलिस डेटाबेस का उपयोग किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आने पर एक पुलिसकर्मी को सेवा से निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस वाले की पहचान करीमन्नूर पुलिस स्टेशन के सिविल पुलिस अधिकारी (सीपीओ) अनस पीके के रूप में हुई है। एसडीपीआई कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद पुलिसकर्मी की ये ओछी हरकत सामने आई। हाल ही में, थोडुपुझा में SDPI कार्यकर्ताओं ने एक KSRTC ड्राइवर को बस से बाहर खींच लिया और कुछ सोशल मीडिया पोस्ट के कारण उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी।

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पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में SDPI के छह कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया और उनके मोबाइल फोन की जांच की। जांच के दौरान पता चला कि गिरफ्तार लोगों में से एक व्यक्ति लगातार करीमन्नूर सीपीओ अनस के संपर्क में था। पुलिस ने कथित तौर पर आरएसएस कार्यकर्ताओं के संपर्क विवरण SDPI कार्यकर्ताओं को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे थे।

मामला सामने आने के बाद सीपीओ अनस का तबादला जिला पुलिस मुख्यालय में कर दिया गया। यह पता चला है कि उनके स्थानांतरण के बाद विस्तृत जांच में अधिकारी के कदाचार की पुष्टि हुई। इसी बीच भाजपा ने अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद, विभाग ने उन्हें सेवा से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। भाजपा केरल के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने आरोप लगाया था कि पुलिस बल में SDPI के एजेंट हैं।

आये दिन हो रही है हिंदुओं की हत्या

केरल में रोजाना किसी इस्लामिक कट्टरपंथी द्वारा आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या कर दी जाती है। पुलिस मामले की लीपापोती कर देती है। अगर कहीं गलती से अपराधी पकड़ा गया, तो सरकार द्वारा उसे सुरक्षा प्रदान की जाती है। हाल ही में केरल से ऐसी कई खबरें सामने आई, जिसमें किसी आरएसएस कार्यकर्ता को उसके परिवार के सामने बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया और ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच करने वाले पुलिसवालों को या तो निलंबित किया गया या प्रताड़ित किया गया। विजयन सरकार कुछ नहीं बोलती, क्योंकि उसे अपनी कुर्सी बचानी है और वोट देने वाली जनता वही है जो ‘चादर और फादर’ से बंधी है! सरकार भी सोचती है की एक-आध हिन्दू के मरने से क्या होता है? पर, सोये हुए हिन्दू को ये समझना होगा कि कहीं ये केरल के कश्मीर बनने की शुरुआत तो नहीं है?

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