COVID के बाद एक और घातक बीमारी ने चीन के पूरे शहर को लॉकडाउन में डाल दिया है

शी जिनपिंग अब दुनिया को दे सकते हैं नई महामारी!

Xi'an

चीन में फिर कुछ ऐसा हो रहा है, जिसको लेकर दुनिया सशंकित हो गयी है। अगर सही शब्दों में कहें तो सशंकित से ज्यादा भयक्रांत हो गयी है। यह परिस्थिति चीन में लोकतन्त्र के अभाव और अपारदर्शिता की कमी के कारण है। दुनिया समझ नहीं पा रही कि आखिर चीन में हो क्या रहा है? दरअसल, चीन कोरोना का उत्पति केंद्र है परन्तु चीन के हठ के कारण दुनिया इसके उत्पति के वास्तविक कारणों से परिचित नहीं हो सकी। अतः जब से कोरोना ने वैश्विक कहर बरपाया है, तब से पूरा अंतरराष्ट्रीय समाज चीन में होने वाले हर गतिविधियों पर चौकन्ना है। वहीं, चीन में एक और घातक बीमारी ने Xi’an शहर में लॉकडाउन की स्तिथि उत्पन्न कर दी है।

चीन के Xi’an शहर में फैला कोरोना

अब वहां से खबर आई है कि Shaanxi Province में स्थित Xi’an शहर के बाशिंदों को चीनी सरकार ने पूरी तरह से कैद कर दिया है। परिवार के सिर्फ एक सदस्य को ही हर दो दिनों में सिर्फ एक बार बाहर निकलने की आज़ादी होगी वो भी जरूरत के समान खरीदने के लिए। टेराकोटा योद्धाओं का शहर Xi’an के लोगों को शहर छोड़ने की अनुमति नहीं है, जब तक कि उनके पास विशेष परिस्थितियां और ऐसा करने के लिए अधिकारियों से अनुमोदन न हो। प्रतिबंध स्थानीय समयानुसार बीते गुरुवार की आधी रात से लागू कर दिया गया है। अभी यह तय नहीं है कि प्रतिबंध कब तक चलेगा।

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राज्य मीडिया के रिपोर्ट के अनुसार Xi’an ‘दोहरी महामारी’ का सामना कर रहा है क्योंकि मरीजों में कोरोना के साथ-साथ ‘रक्तस्रावी बुखार’ के भी कई मामले सामने आए हैं। आपकों बता दें कि ‘रक्तस्रावी बुखार’ एक उच्च मृत्यु दर वाला प्राकृतिक महामारी रोग है। हालांकि, यह उत्तरी चीन में एक ‘आम’ मौसमी बीमारी के रूप में फैलता है, जो मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्रित है। पर यह रिपोर्ट चीन के राज्य मीडिया द्वारा प्राप्त की गयी है, अतः इस रिपोर्ट में उल्लेखित स्रोत, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सभी संदेह के घेरे में है। ज़रा सोचिए ये कोई कोविड या आम रक्तस्रावी बुखार न होकर कोई नई प्रकार की महामारी हो तो? यही प्रश्न एक गैर-लोकतांत्रिक देश का सबसे बड़ा खतरा है।

देशव्यापी हाई अलर्ट हुआ जारी

बता दें कि गैर-जरूरी व्यवसाय बंद हो गए हैं और स्थानीय सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा गया है। वहीं, ग्लोबल टाइम्स के अनुसार पिछले सप्ताहांत के अधिकारियों ने पहले ही एहतियात के तौर पर बार, जिम और सिनेमा जैसी इनडोर सुविधाओं को भी बंद कर दिया था। लंबी दूरी के बस स्टेशन पहले ही बंद हो चुके हैं और शहर में मोटरमार्गों पर चौकियां लगा दी गई हैं। शियान के हवाई अड्डे से बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।

इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है, शीतकालीन ओलंपिक। चीन ने स्वीकार किया है कि कोविड-19 शीतकालीन ओलंपिक के लिए ‘सबसे बड़ी चुनौती’ बनी हुई है। फरवरी में होनेवाले ‘शीतकालीन ओलंपिक’ के लिए चीन ने देशव्यापी हाई अलर्ट जारी कर दिया है। चीन में अबतक 113,000 से अधिक कोरोना मामलों में सिर्फ 4,849 मौतों की ही पुष्टि हुई है। पर, उत्तरी शहर में 9 दिसंबर से अब तक 143 संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं, जिसने शीतकालीन ओलंपिक के आयोजकों की चुनौतियों को बढ़ा दिया है। शानक्सी प्रांत में लाखों परीक्षण किए जा चुके हैं, जो अब भी जारी है।

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चीन से करें पारदर्शिता की मांग

बताते चलें कि चीन बड़े स्तर पर एहतियात बरत रहा है। यह इस बात का सूचक है कि चीन में सब कुछ ठीक नहीं है। चीन कोरोना में अपने दायित्वों और संलिप्तता को लेकर इतना डरा हुआ है कि उसने कोरोना के नए संस्करण का नामकरण Xi के बजाए ओमिक्रोन रखने पर विश्व स्वास्थ्य संगठन को विवश कर दिया और अब तो वो Xi’an प्रांत में भारत के डेल्टा वेरियंट होने का भ्रम फैलाया जा रहा है। ऐसे में, अंतरराष्ट्रीय संगठनों को चीन पर दबाव डालते हुए मानवता से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता की मांग करनी चाहिए अन्यथा बुरे परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

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