कांग्रेस सरकार का एक और घोटाला

राजस्थान के मुख्यमंत्री के पुत्र पर लगे गंभीर आरोप

कांग्रेस और उसके  भ्रष्टाचार का रिश्ता काफी पुराना है, इस बार की घटना राजस्थान से है ,जहां सूबा अभी रीट के परीक्षा मे हुई गड़बड़ी से अभी उबर भी नहीं पाया था, की अब  सूबे के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के सुपुत्र वैभव गहलोत जो वर्तमान में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष है उनके समेत पंद्रह से अधिक लोगों पर नासिक  के एक बिजनेसमैन के द्वारा  6.80 करोड़ रुपए के  शौचालय के टेंडर में घपला करने का आरोप लगाया है | अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्थान और गुजरात के रहने वाले लगभग 16 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।

गंगापुर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रियाज शेख ने बताया  कि प्राथमिकी रिपोर्ट सुशील पाटिल नाम के एक व्यक्ति द्वारा दर्ज की गयी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उनके साथ करोड़ों की ठगी की गयी  हैं। घटना के बारे में बताते हुए शिकायतकर्ता सुशील पाटिल ने कहा कि गुजरात कांग्रेस के एक कार्यकर्ता सचिन वलरे ने 2018 में उन्हें आश्वासन दिया था कि वह अशोक गहलोत के करीबी हैं, और राज्य सरकार द्वारा दिए गए सरकारी अनुबंधों का प्रबंधन करते हैं। उन्होंने मुझे सरकारी अनुबंधों से निपटने वाली एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में भागीदार बनने के लिए कहा और  मैंने उस कंपनी के जरिए 6.80 करोड़ रुपये का निवेश किया। जब मेरे निवेश पर रिटर्न आना बंद हो गया, तो मैंने उन्हें फोन  करना शुरू कर दिया। मेरे और वैभव गहलोत के बीच एक वीडियो कॉल की व्यवस्था की गई, जहां गहलोत ने मुझे मेरे निवेश पर रिटर्न का आश्वासन दिया। पाटिल ने सरकारी सुरक्षा की भी मांग की है क्योंकि प्राथमिकी दर्ज करने के बाद वह अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं। पाटिल ने यह भी कहा की मैंने शक्तिशाली लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की है और मैं अपने जीवन को लेकर भयभीत हूं,  हालांकि यह पहली बार नही है जब भ्रष्टाचार की खबरें राजस्थान से आयी हों  इससे पहले भी कई तरह के आरोप सामने आ चुके है अब वो खनन का हो या फिर देनदारी ।

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राजस्थान में भ्रष्टाचार संबंधित आंकड़े भी यही कहते है, लोकल सर्कल्स और ट्रास्परेंसी इंटरनेशनल इंडिया सर्वे के आंकड़े द्वारा किए गए नवीनतम भारत भ्रष्टाचार सर्वेक्षण के अनुसार, राजस्थान भारत में भ्रष्टाचार चार्ट में सबसे ऊपर है। सर्वेक्षण के अनुसार, राजस्थान में सर्वेक्षण में भाग लेने वाले 78 प्रतिशत लोगों ने काम करवाने के लिए रिश्वत देना स्वीकार किया। इनमें से 22 प्रतिशत ने कई बार (प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से) रिश्वत दी, जबकि 56 प्रतिशत ने अधिकारियों को एक या दो बार (प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से) रिश्वत दी। “उनमें से लगभग 22 प्रतिशत को हालांकि रिश्वत देने की आवश्यकता नहीं थी- यह कहा भी कहा |  

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राजस्थान में विपक्ष की भूमिका में बैठी भाजपा का रुख :

धोखाधड़ी के मामले में वैभव गहलोत का नाम सामने आने के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने ट्वीट कर निशाना साधा है। डॉ सतीश पूनिया ने अपने ट्वीट में मुख्यमंत्री  गहलोत को घेरते हुए लिखा है कि, ‘मुख्यमंत्री जी के सुपुत्र का नाम इन मराठी खबरों में सुनाई दे रहा है,और माननीय मुख्यमंत्री जी को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, राजस्थान की जनता सच्चाई जानना चाह रही है’। 

 

 

 

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