नाजी शासन का पर्याय बनता जा रहा है ममता दीदी का बंगाल

बंगाल में घोर अराजकता का युग, दीदी ये क्या हो रहा है?

बीरभूम

स्रोत - गूगल

एक जमाना था जब पश्चिम बंगाल अपने कला ,साहित्य और स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रसिद्द था लेकिन आज की राजनीति में बंगाल को दंगा प्रदेश के उपनाम से लोग सम्बोधित करने लगे हैं और पिछले कुछ समय के आंकड़ों को देखे तो ऐसा हीं प्रतीत होता है। आपको बता दें कि हाल ही में बंगाल में बीरभूम में एक बार फिर खूनी झड़प देखने को मिली है।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम मे लोगों को जिंदा जलाया गया  

दरअसल पश्चिम बंगाल में बीरभूम के रामपुरहाट इलाके में मंगलवार तड़के एक भयावह घटना में घरों में आग लगने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। माकपा ने आरोप लगाया कि सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के पंचायत नेता भादू शेख की हत्या का बदला लेने के लिए पीड़ितों  के घरों में आग लगा दी गई। आपको बताते चलें कि रामपुरहाट में भाड़ू शेख पर देसी बम फेंके जाने के बाद शेख की मौत हो गई थी।

खबरों के अनुसार शेख की हत्या की खबर के बाद बागुटी गांव में भीड़ जमा हो गई और हमला किया और घरों में आग लगा दी।कुल 10 घरों में आग लगायी गई | मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने दावा किया कि 10 महिलाओं और दो बच्चों की मौत हो गई। तथा घटना के तुरंत बाद ही वहां फोरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंच गए थे। इसी बीच माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि हिंसा टीएमसी में आंतरिक प्रतिद्वंद्विता का परिणाम है।

हालांकि, टीएमसी के जिला अध्यक्ष अनुब्रत मंडल ने इस बात से इनकार किया कि कोई हत्या या हिंसा हुई थी और दावा किया कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी थी।भाजपा ने आरोप लगाया कि यह घटना माकपा शासन के युग की सामूहिक हत्या के समान है। भाजपा ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की।अगर यह पुष्टि हो जाती है, कि आग जानबूझकर लगाई गई थी, तो ममता बनर्जी के राज में यह सामूहिक राजनीतिक हत्या होगी। गौरतलब है कि 2007 में नंदीग्राम में सामूहिक हत्याओं की घटनाएं हुई थीं।

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घटना को लेकर नेटीजेन्स की राय 

वहीं इस मामले को लेकर Abhijit Majumder नाम के पत्रकार ने ट्ववीट करते हुए लिखा ,पश्चिम बंगाल में एक हफ्ते में 26 राजनीतिक हत्याएं हुई हैं। पश्चिम बंगाल अब जिहादी आतंक और कम्युनिस्ट अपराधियों का अड्डा है।उन्होंने आगे लिखा की  केंद्र को  राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए बंगाल में कितने लोगों की सामूहिक हत्या की होने का इंतज़ार है | इसके अलावा भी इंटरनेट के माध्यम से कई लोगों ने बंगाल मे राष्ट्रपति शासन की मांग की है |

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काँग्रेस तथा भाजपा दोनों दलों ने की राष्ट्रपति शासन की मांग 

लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार को सदन में पश्चिम बंगाल की घटना को उठाया, उन्होंने  कहा कि पश्चिम बंगाल में इस तरह की महिलाओं और बच्चों को जिंदा जलाने की भयावह घटनाएं हो रही हैं। काँग्रेस ने राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है इस बिन्दु पर काँग्रेस को कट्टर प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी का भी  साथ मिला ।कांग्रेस के लोकसभा नेता अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार को सदन में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ”मैं भारत के राष्ट्रपति से मिलूंगा और राज्य में तुरंत अनुच्छेद 355 लागू करने की मांग करूंगा क्योंकि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था नहीं है |” यही मांग बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने भी की है |

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क्या कहता है अनुच्छेद 355

अनुच्छेद 355 कहता है, “संघ का यह कर्तव्य होगा कि वह बाहरी आक्रमण और आंतरिक अशांति से प्रत्येक राज्य की रक्षा करे और यह सुनिश्चित करे कि प्रत्येक राज्य की सरकार इस संविधान के प्रावधानों के अनुसार चलती रहे।भाजपा का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस समर्थित बदमाशों ने रामपुरहाट में 8-10 लोगों की हत्या और घरों में आग लगा दी।

राज्यपाल ने घटना की निन्दा की  

वहीं पश्चिम बंगाल के बीरभूम में भड़की हिंसा के एक दिन बाद गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस बीच, भाजपा ने प्रभावित स्थल से साक्ष्य एकत्र करने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। विपक्षी दल ने यह भी मांग की है, कि राज्य सरकार पीड़ितों को राहत दे।पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने बीरभूम जिले में “भयावह और बर्बर” हिंसा को लेकर राज्य प्रशासन पर निशाना साधा, जिसमें कम से कम आठ लोग मारे गए। माना जाता है कि बच्चों सहित पीड़ितों को गुस्साई भीड़ द्वारा उनके घरों को जलाए जाने के बाद घरों को  जला दिया गया था। धनखड़ ने ट्वीट किया, रामपुरहाट में भयानक हिंसा और आगजनी का तांडव, बीरभूम इंगित करता है कि राज्य हिंसा संस्कृति और अराजकता की चपेट में है।

आपको बतादें कि यह पहली बार नहीं है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की घटना हो रही है।पिछले साल चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हुई हिंसा में कम से कम 16 लोगों की जान ले ली थी।ममता शाशन में इस तरह की घटना आम होते जा रही है और आने वाले समय में यही हाल रहा तो बंगाल में राष्ट्रपति शाशन भी लगाया जा सकता है।

 

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