TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बाइडन की धमकियों को नहीं मिला भाव, अब भारत के आगे दुम हिला रहा है अमेरिका

भारत के आगे नतमस्तक हो गया है अमेरिका!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
24 April 2022
in चर्चित
India Russia

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

संयुक्त राज्य अमेरिका ने रूस का साथ छोड़ने के लिए भारत को मजबूत करने की कोशिश की। पर, जब अमेरिका को समझ में आया कि भारत जिसके साथ खड़ा होता है चट्टान की तरह अटल रहता है, तब वह हताश हो गया। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान अमेरिका ने कई बार गीदड़भभकी देने की कोशिश की पर, बाइडन प्रशासन को समझ में आ गया कि भारत रूस का साथ नहीं छोड़ेगा। अमेरिका ने यह सोचते हुए पहले भारत को धमकाया की वह रूस का साथ छोड़ देगा, किन्तु अब वह सेल्समैनशिप का सहारा ले रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने अब घोषणा की है कि भारत को रूस से अलग होना चाहिए, रूसी रक्षा उपकरणों पर अपनी निर्भरता समाप्त करनी चाहिए और इसके बजाय वाशिंगटन से अपनी सैन्य जरूरतों को पूरा करना चाहिए।

दरअसल, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, “हम भारत सहित अन्य देशों के साथ अपने संबंधो को लेकर बहुत स्पष्ट हैं। हम उन्हें रक्षा जरूरतों के लिए रूस पर निर्भर नहीं देखना चाहते हैं। हम उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं लेकिन रूस पर निर्भरता हतोत्साहित करने के अलावा कुछ नहीं हैं।” हालांकि, पेंटागन ने साथ-साथ यह भी कहा, “हम भारत के साथ रक्षा साझेदारी को भी महत्व देते हैं। और जैसा कि एक सप्ताह पहले प्रमाणित किया गया था, हम इसे आगे बढ़ाने के तरीकों को भी देख रहे हैं। यह जारी रहेगा क्योंकि यह मायने रखता है और यह महत्वपूर्ण है।”

संबंधितपोस्ट

रूसी तेल पर अमेरिका की नीति पर ईरान का हमला: प्रतिबंधों और छूट में दिखा दोहरा रवैया

ईरान युद्ध में अमेरिका का खर्चा भारी, 13 दिनों में लगभग 26 अरब डॉलर खर्च

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच दो भारतीय जहाजों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति

और लोड करें

ध्यान देने वाली बात है कि बीते गुरुवार को अमेरिकी विदेश विभाग के काउंसलर डेरेक चॉलेट ने कहा था कि बाइडन प्रशासन भारत के साथ काम करने के लिए बहुत उत्सुक है, क्योंकि यह अपनी रक्षा क्षमताओं और रक्षा आपूर्तिकर्ताओं में विविधता लाता है। वहीं, राज्य के उप सचिव वेंडी शेरमेन ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रूसी हथियारों पर अपनी पारंपरिक निर्भरता को कम करने में मदद करने के लिए काम करेगा।

और पढ़ें: भारत द्वारा चीन और अमेरिका के मुंह से सिक्किम को छीन लाने की अनकही कहानी

क्या अमेरिका रूस की तरह भारत का समर्थन करेगा?

पूरी अमेरिकी मशीनरी, जिसमें विदेश विभाग, व्हाइट हाउस और पेंटागन शामिल हैं, भारत को अपने हथियारों का ग्राहक बनाने और रूस को डंप करने के लिए मनाने का काम कर रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका इसे एक अवसर के रूप में देखता है। वह भारत को समझाने के लिए कभी यूक्रेन युद्ध का उपयोग करता है तो कभी चीन के नाम से डराने की नाकान कोशिश करता है, ताकि वह नई दिल्ली का प्राथमिक रक्षा और सुरक्षा भागीदार बन सके। वैसे तो अमेरिकी आयुधों से अपने शस्त्रागार को विविध और सम्पन्न बनाने का अमेरिकी प्रस्ताव वास्तव में आकर्षक है।

अमेरिकी हथियार घातक और उन्नत हैं। वे युद्ध के मैदान में किसी भी लड़ाकू बल के पाले में तराजू झुका सकते हैं। यूक्रेन के रूस से अब तक लड़ने में सक्षम होने का एक प्रमुख कारण उसके शस्त्रागार में अमेरिकी और यूरोपीय हथियारों की उपलब्धता है। भारत पहले से ही संयुक्त राज्य अमेरिका को एक प्राथमिक रक्षा भागीदार मानता है और वाशिंगटन से उच्च हथियार प्रणालियों और लॉन्चरों का आयात करता है। हालांकि, इसकी आड़ में संयुक्त राज्य अमेरिका जो मांग कर रहा है वह है- रूस से पूरी तरह से संबंध विच्छेद। लेकिन अमेरिका को समझना चाहिए कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की ओर बढ़ रहा भारत अपने सदाबहार दोस्त रूस के साथ संबंध विच्छेद करने के बारे में सोचेगा भी नहीं!

क्या संयुक्त राज्य अमेरिका प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण की अनुमति देगा?

बताते चलें कि वर्ष 2011-15 और 2016-20 के बीच भारत का हथियारों का आयात 33% गिर गया है। दिलचस्प बात यह है कि भारत की आत्मनिर्भरता से रूस सबसे अधिक प्रभावित आपूर्तिकर्ता है, जिसने भारत को अपने निर्यात में 22% की गिरावट देखी। वर्ष 2016-20 के दौरान भारत के शीर्ष तीन हथियार आपूर्तिकर्ता रूस (49%), फ्रांस (18%) और इज़राइल (13%) थे। भारत के तीन प्रमुख हथियार आपूर्तिकर्ताओं को भारत से हथियार व्यापार करने के लिए बाध्य करने वाला एक सामान्य कारक है। वे सभी भारत के साथ अपनी तकनीक साझा करते हैं या ऐसा करने के लिए उत्सुक हैं। जब रक्षा निर्माताओं और भारत के बीच संयुक्त उद्यम की बात आती है, तब रूस और इज़राइल इस मामले में सबसे आगे नज़र आते हैं। भारत रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर’ बनने के लिए अथक प्रयास कर रहा है और रूस-इजरायल जैसे देश इसका समर्थन करते हैं।

इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए, प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण चर्चा का विषय है। भारतीय रक्षा जरूरतों के प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं को अपनी रक्षा प्रौद्योगिकियों को हमारे साथ साझा करने के लिए तैयार रहना चाहिए। और रूस ऐसा करने के लिए हमेशा तैयार रहता है। सवाल यह है कि क्या अमेरिका भारत के साथ अपनी रक्षा प्रौद्योगिकियों को साझा करने को तैयार होगा? तो इसका जवाब न है।

और पढ़ें: एस जयशंकर ने अमेरिका की CAATSA धमकी का बताशा बना दिया

यहां एक और महत्वपूर्ण बात है। जब तक अमेरिका अपनी रक्षा तकनीकों को भारत के साथ साझा नहीं करता, तब तक वह नई दिल्ली से रूस पर अपनी निर्भरता में कटौती की उम्मीद कैसे कर सकता है? कल्पना कीजिए कि भारत संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए रूस से संबंध विच्छेद कर रहा है। इसके साथ-साथ आत्मनिर्भरता की नीति को छोड़ते हुए अमेरिकी हथियारों पर निर्भर हो जाता है। ऐसी स्थिति में क्या हो अगर पाक के साथ युद्ध के समय अमेरिका हथियारों या उसके कलपुर्जों की आपूर्ति बंद कर दे। उदाहरण के लिए लड़ाकू विमान खरीदते समय भारत ने यूरोपियन संघ के विमान “SAAB GRIPEN” को इसीलिए खारिज कर दिया, क्योंकि उसको बनाने में यूरोपियन संघ के बहुत सारे राष्ट्रों का हाथ था। भारत ने यही सोचते हुए उसे खारिज कर दिया की क्या हो अगर कोई देश अपने विदेश नीति का पालन करते हुए युद्ध के समय में इनकी आपूर्ति या फिर तकनीक हस्तानांतरण को रोक दे। तब, यह भारत के लिए विनाशकारी होगा। इसलिए, संयुक्त राज्य अमेरिका जब तक भारत को एक समान भागीदार के रूप में मानने के लिए सहमत नहीं है, नई दिल्ली के लिए शर्तों को निर्धारित नहीं कर सकता है। भारत उससे हथियार खरीदेगा जो उसे सबसे अच्छी डील देगा।

Tags: अमेरिकाआत्मनिर्भर भारतमोदी सरकार
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जुलाई 2022 तक जा सकती हैं CM नीतीश कुमार की कुर्सी

अगली पोस्ट

सनसनीखेज खबर चलाने वाले टीवी चैनलों पर लग सकता है प्रतिबंध , I&B मंत्रालय ने किया स्पष्ट

संबंधित पोस्ट

रेलवे ने फर्जी वेंडरों पर कसा शिकंजा : QR कोड ट्रैकिंग और सख्त फूड सेफ्टी व्यवस्था लागू
चर्चित

रेलवे ने फर्जी वेंडरों पर कसा शिकंजा : QR कोड ट्रैकिंग और सख्त फूड सेफ्टी व्यवस्था लागू

19 March 2026

अनधिकृत वेंडिंग पर रोक लगाने और यात्रियों का भरोसा वापस जीतने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए, इंडियन रेलवे ने ट्रेनों में काम करने...

‘धुरंधर द रिवेंज’ का बॉक्स ऑफिस पर कब्जा—प्रीव्यू में ही मचा बवाल!
चर्चित

‘धुरंधर द रिवेंज’ का बॉक्स ऑफिस पर कब्जा—प्रीव्यू में ही मचा बवाल!

19 March 2026

दिसंबर 2025 में स्पाई एक्शन थ्रिलर ‘धुरंधर’ से बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के बाद आदित्य थार और रणवीर सिंह एक बार फिर इसके सीक्वल...

ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?
चर्चित

ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

19 March 2026

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल के बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में 100 साल पुराने जोन्स एक्ट में 60...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited