“अस्त्रों का सिकंदर” – ब्रह्मास्त्र के ट्रेलर में कोई सेंस है इस बात का?

क्या 'ब्रह्मास्त्र' ने रख दी है बॉलीवुड के विनाश की नींव ?

Brahmastra, Bollywood

Source- Google

“ये कहानी है एक ऐसे नौजवान की, जो इस बात से अनजान है कि वो ब्रह्मास्त्र की किस्मत का सिकंदर है!” ये क्या है? कोई सेंस है इस बात की? इस बात के 300 करोड़ खर्च किये गए हैं? यही करना था तो किसी भी ऐरे गैरे नत्थू खैरे को उठा लेते, इतना ताम-झाम खड़ा करने की क्या ही आवश्यकता थी?

तो आखिर वर्षों की प्रतीक्षा के बाद अयान मुखर्जी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ का ट्रेलर आज प्रदर्शित हुआ। 9 सितंबर को प्रदर्शित होने वाली यह फिल्म एक पौराणिक फैन्टेसी फिल्म है, जो कहने को तीन भागों में रिलीज होगी, जिसमें प्रमुख भूमिकाओं में होंगे रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, अमिताभ बच्चन, मौनी रॉय, नागार्जुन इत्यादि। ये फिल्म कई बाधाएं पार करने के पश्चात आखिरकार प्रदर्शित होने को तैयार है, परंतु इस फिल्म से सभी पूर्णतया संतुष्ट प्रतीत नहीं होते।

ऐसा क्यों? एक तो ट्रेलर में ‘ब्रह्मास्त्र’ को ‘शस्त्रों का देवता’ कहा गया है, जबकि शास्त्रानुसार कोई भी एक अस्त्र अन्य अस्त्र से श्रेष्ठ नहीं हो सकता, हर अस्त्र की अपनी उपयोगिता होती है। फिल्म में रणबीर ‘शिवा’ का किरदार निभा रहे हैं। इस ‘ब्रह्मास्त्र’ से रणबीर कपूर का सीधा कनेक्शन दिखाया गया है, जिसे शुरुआत में अपनी शक्तियों का एहसास नहीं होता है। उन्हें आग भी नहीं जला पाती है, जिसकी वजह से रणबीर कपूर को लगता है कि आग के साथ उसका पुराना रिश्ता है।

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अब कई प्रशंसक ऐसे हैं, जिन्हें प्रतीत हो रहा है कि बस, इसी की तो बॉलीवुड को युगों युगों से तलाश थी। उदाहरण के लिए चर्चित यूट्यूब चैनल ‘Tried and Refused Productions’ चलाने वाले फिल्म विश्लेषक अनमोल जामवाल के ट्वीट के अनुसार, “ब्रह्मास्त्र ट्रेलर – अनेक तत्व दुष्ट ताकतों का विनाश करने हेतु एकत्रित हुए। जो भव्यता ब्रह्मास्त्र दिखा सकता है, वो भारतीय सिनेमा में पहले कभी नहीं देखा गया है। आपने ही कहा था कि मौलिक, अकाट्य कथावाचन हो। लीजिए, पेश है” –

परंतु दूसरी ओर अधिकतम प्रशंसक ऐसे हैं, जिन्हें इस फिल्म के ट्रेलर से काफी निराशा हुई है। जब बात पौराणिक छंदों और शास्त्रों की है, तो वहां उर्दू का क्या काम? कई ने संस्कृति के साथ हुए खिलवाड़ पर प्रश्न किया, तो कई यूजर्स ने फिल्म के अधकचरे VFX की आलोचना की। उदाहरण के लिए इन ट्वीट्स को देखिए –

https://twitter.com/Boss42265174/status/1536955447214649345

ट्विटर पर ब्रह्मास्त्र के ट्रेलर से खासा निराश एक यूजर ने लिखा, “शक्तिमान से ज्यादा अच्छा नहीं है। गारंटी के साथ कहता हूँ फिल्म सुपरफ्लॉप होगी।”

वहीं दूसरी ओर फिल्म के एक दृश्य में रणबीर कपूर जूते पहन कर उछल कर मंदिर का घंटा बजाते हुए दिख रहे हैं, जिसे लोगों ने हिन्दू धर्म का अपमान भी करार दिया है। रोचक बात तो यह है कि फिल्म के निर्माताओं में करण जौहर भी है, ऐसे में ये दृश्य का न होना तो अस्वाभाविक लगता है। रही बात VFX की, तो ब्रह्मास्त्र के कुल बजट में तो लगभग दस ‘URI’ और दो ‘तान्हाजी’ तैयार हो सकती थी, जो अपने आप में अलौकिकता की प्रतीक थी और जिन्हें देख कहीं से भी नहीं लग रहा था कि इनमें VFX का उपयोग अच्छी खासी मात्रा में हुआ है।

https://twitter.com/iamhemantshinde/status/1536960295553630210

ऐसे में ‘ब्रह्मास्त्र’ के ट्रेलर के पश्चात अब बॉलीवुड के अस्तित्व पर एक गंभीर प्रश्नचिन्ह लगने की पूरी पूरी संभावना है। पहले ही एक के बाद ताबड़तोड़ फ्लॉप के कारण इस फिल्म उद्योग के भारतीय फिल्म उद्योग पर वर्चस्व को धक्का लगा है और अब तो ऐसा प्रतीत होता है कि यदि फिल्म इस वर्ष की अन्य बड़ी बॉलीवुड फिल्मों की भांति असफल रही, तो ‘ब्रह्मास्त्र’ बॉलीवुड के विनाश की नींव अवश्य बो देगा।

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