PUBG हो या Tiktok, भारत के बिना इनका दाना पानी बंद हो जाएगा

क्या भारत में वापसी के रास्ते तलाश रहा है TikTok ?

TikTok

Source- Google

PUBG मोबाइल के बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया के रूप में भारतीय बाजार में फिर से प्रवेश करने के बाद अब बाइटडांस टिकटॉक के साथ भी कुछ ऐसा ही करने की कोशिश कर रहा है। ध्यान देने वाली बात है कि PUBG Mobile और TikTok दोनों ही उन लोकप्रिय ऐप्स में से थे, जिन्हें भारत सरकार ने डेटा चोरी के कारण बैन कर दिया था। टिकटॉक भारत में सबसे तेज़ी से बढ़ता शार्ट वीडियो प्लेटफार्म था लेकिन चीनी वीडियो शेयरिंग ऐप टिकटॉक को 58 अन्य चीनी ऐप जैसे यूसी ब्राउज़र, शीन, शेयर इट आदि एप्स के साथ लगभग दो साल पहले राष्ट्रीय सुरक्षा पर चिंताओं को लेकर प्रतिबंधित कर दिया गया था।

ख़बरों के अनुसार टिकटॉक की पैरेंट कंपनी, बाइटडांस कथित तौर पर भारत में फिर से प्रवेश करना चाह रही है और इसके लिए वह योजना भी बना रही है। खबरों के अनुसार, इस बार यह कंपनी  मुंबई के हीरानंदानी ग्रुप के साथ साझेदारी कर सकती है और अपने पूर्व कर्मचारियों को फिर से नियुक्त करने के बारे में भी विचार कर रही है। योट्टा इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस के तहत डेटा सेंटर का संचालन करने वाले हीरानंदानी समूह ने हाल ही में एक प्रौद्योगिकी के नेतृत्व वाली उपभोक्ता सेवा शाखा- तेज़ प्लेटफॉर्म लॉन्च की है और अगले दो से तीन वर्षों में नए व्यवसाय में 3,500 करोड़ रुपये तक का निवेश कर सकती है।

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आरंभिक चरण में है बातचीत

अभी दोनों समूहों के बीच बातचीत आरंभिक चरण में है और केंद्र सरकार के अधिकारियों को इन योजनाओं के बारे में अनौपचारिक रूप से बताया गया है।हालांकि, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने ईटी को बताया कि “अभी तक हमारे साथ कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। लेकिन, हमें योजनाओं के बारे में सूचित कर दिया गया है। जब भी वे मंजूरी के लिए हमारे पास आएंगे, हम उनके अनुरोध की जांच करेंगे।”

इस मामले से परिचित एक अधिकारी ने ईटी को बताया, “महत्वपूर्ण उपयोगकर्ता डेटा को भारत के बाहर संग्रहीत नहीं किया जाना चाहिए। सभी ऐप्स और वेबसाइटों ने या तो डेटा को स्थानीय रूप से स्टोर करने का प्रावधान किया है या अपनी डेटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग नीतियों में आवश्यक बदलाव कर रहे हैं। अगर वे (टिकटॉक) वापस आते हैं, तो उन्हें इन मानदंडों का पालन करना होगा।”

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बाइटडांस हीरानंदानी समूह के नए उद्यम तेज प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी करना चाहता है या योट्टा इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस के डेटा केंद्रों में अपने डेटा को स्टोर करने की उम्मीद कर रहा है। उपयोगकर्ता डेटा को स्थानीय रूप से संग्रहीत करना सरकार की प्रमुख मांगों में से एक रहा है, जबकि सरकार के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उन्हें बाइटडांस की योजनाओं के बारे में सूचित कर दिया गया है। वहीं, दूसरी ओर कंपनी ने ईटी को सूचित किया कि कंपनी परिचालन फिर से शुरू करने के बारे में आशान्वित है, लेकिन भारत में परिचालन फिर से शुरू करने की उसकी अभी कोई योजना नहीं है।

अगर Yotta के साथ यह साझेदारी की बातचीत सफल होती है तो ByteDance भारतीय उपयोगकर्ता के डेटा को भारत में ही संग्रहीत कर सकता है और इस तरह ByteDance भारत सरकार द्वारा लागू किए गए नियमों का सही से पालन कर एक बार फिर वभारत में वापसी कर सकता है। बाइटडांस भारत में अपने पूर्व कर्मचारियों और नए लोगों दोनों को सक्रिय रूप से काम पर रख रहा है। बाइटडांस के कानूनी प्रमुख गौतम वोहरा इस साल की शुरुआत में कानूनी प्रमुख, दक्षिण एशिया और क्षेत्रीय सलाहकार, मध्य पूर्व के रूप में बाइटडांस में फिर से शामिल हो गए हैं।

टिकटॉक की भारत वापसी और आगे की राह

बताते चलें कि प्रतिबंध से पहले भारत टिकटॉक के लिए सबसे बड़ा विदेशी बाजार था, जिसके एक समय में देश में 200 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ता थे। प्रतिबंध लगने के बाद और उस प्रतिबंध को हटाने के लिए लंबे समय से चले आ रहे कानूनी संघर्ष के बाद, बाइटडांस ने 2021 की शुरुआत में कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। उस समय चर्चा थी कि कोई टिकटॉक के इंडिया बिजनेस को खरीद लेगा। जापानी निवेशक सॉफ्टबैंक और ऐसे ही कई अन्य लोगों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन कई जटिलताओं के कारण, सौदा कभी हो ही नहीं पाया।

तब से लेकर अब तक इस सेगमेंट में कई भारतीय स्टार्टअप सामने आए हैं। ऐसे ही कुछ भारतीय स्टार्टअप में Moj और MX TakaTak भी शामिल हैं, जिनका इस वर्ष की शुरूआत में मर्जर हुआ था। ऐसे में अगर टिकटॉक भारत वापस आता है, तो उसे मेटा के इंस्टाग्राम रील्स से भी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा क्योंकि इस समय भारत में मेटा की इंस्टाग्राम रील्स सबसे अधिक पॉपुलर हो चुकी है। ध्यान देने वाली बात है कि इन ऐप्स ने वर्ष 2021 की शुरुआत तक टिकटॉक के 97% उपयोगकर्ता आधार पर कब्जा जमा लिया था।

हालांकि, हीरानंदानी समूह के साथ बाइटडांस का गंठजोड़ एक तकनीकी निर्णय से अधिक एक राजनीतिक निर्णय हो सकता है। चीन के साथ भारत के संबंध के बारे में जितनी कम बात की जाए, उतना ही सही है। भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच एक प्रमुख सीमा झड़प के बाद सरकार ने चीनी ऐप्स पर एक्शन लिया था और टिकटॉक भी उसी लपेटे में आ गया था। इसलिए यह कहा जा सकता है कि भारत में वापसी के रास्ते में टिकटॉक के समक्ष सिर्फ एक नियामक बाधा ही नहीं है।

वर्ष 2020 में भारत में टिकटॉक को पहले चार महीनों में लगभग 611 मिलियन बार डाउनलोड किया गया था जो की पूरी दुनिया में टिकटॉक एप के डाउनलोड का 30.3 % है। भारत टिकटॉक के लिए सबसे बड़े बाजारों में से एक था। ET की एक रिपोर्ट के अनुसार टिकटॉक के भारत में बैन लगने के बाद बीते सालों में कंपनी का 6 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। ऐसे में अगर अभी ByteDance अपने टिकटॉक के साथ भारत में एक बार फिर से प्रवेश करना चाहता है तो उसे भारत सरकार के सभी नियम और शर्तों को मानना होगा, क्योंकि जो मुनाफा टिकटॉक को भारत में मिला वह दुनिया के किसी और देश में मिले इसकी दूर-दूर तक कोई संभावना नहीं है।

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