TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी में बदलाव

    हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

    शुभेंदु अधिकारी के केबिनेट ममं मंत्रियों का विस्तार

    West Bengal Cabinet Expansion: शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार, नबान्न में 35 मंत्रियों ने ली शपथ

    सीएम योगी का बड़ा फैसला

    सीएम योगी का बड़ा तोहफा: पाकिस्तान से आए 1645 विस्थापित परिवारों को आज यूपी में मिलेगा जमीन का मालिकाना हक

    विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में

    सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी में बदलाव

    हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

    शुभेंदु अधिकारी के केबिनेट ममं मंत्रियों का विस्तार

    West Bengal Cabinet Expansion: शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार, नबान्न में 35 मंत्रियों ने ली शपथ

    सीएम योगी का बड़ा फैसला

    सीएम योगी का बड़ा तोहफा: पाकिस्तान से आए 1645 विस्थापित परिवारों को आज यूपी में मिलेगा जमीन का मालिकाना हक

    विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में

    सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

एडविना को भारत क्यों लाया गया था?

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
14 August 2022
in ज्ञान
Jawaharlal Nehru

Source- Google

Share on FacebookShare on X

व्यक्ति गलतियों का पुतला होता है। जब विभाजन के घाव भारत के मन मस्तिष्क में उभरते हैं तो हम सदैव उन कारणों और उन लोगों को स्मरण करते हैं, जिनके कारण युगों युगों से एक हमारी माटी रातों रातों खंड-खंड हो गई। आपको क्या लगता है, जिन्ना ने इस देश को तोड़ा? नहीं, अल्लामा मुहम्मद इकबाल ने? नहीं। सर सैय्यद अहमद खान? कदापि नहीं। ये तो मात्र चिंगारी थे, जिन्हें समय रहते नष्ट किया जा सकता था पर जिसने उसे दावानल में परिवर्तित किया और जिसके कारण हमारे देश को विभाजन का दंश झेलना पड़ा, उसका दोष केवल एक व्यक्ति पर जाता है – जवाहरलाल नेहरू। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर आज हम उन तीन महत्वपूर्ण कारणों से अवगत होंगे, जिनके पीछे न केवल भारत का विभाजन हुआ अपितु रातों रात भारत के कई क्षेत्र बलपूर्वक पाकिस्तान का हिस्सा बना दिए गए और लाखों करोड़ों की संख्या में हिंदुओं और सिखों को उनके मूल अधिकारों से वंचित कर दिया गया, केवल इसलिए ताकि नेहरू जैसा एक स्वार्थी, अंधलोलुप व्यक्ति सत्ता का सुख भोग सके।

और पढ़ें: गुमनाम नायक: रासबिहारी बसु भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ‘गॉड फादर’

संबंधितपोस्ट

दांडी मार्च और वायसराय लॉर्ड इरविन को लिखा गया गांधी का वो ऐतिहासिक पत्र

वंदे मातरम् के 150 वर्ष: बंकिमचंद्र की वेदना से जनमा गीत, जिसने भारत को जगाया और मोदी युग में पुनः जीवित हुआ आत्मगौरव

सरदार पटेल: लौहपुरुष जिन्होंने मातृभूमि के लिए अपना सबकुछ कुर्बान कर दिया

और लोड करें

इस कथा की उत्पत्ति होती हैं 1937 के क्षेत्रीय चुनावों से, जहां कांग्रेस ने विजय प्राप्त की और उसे टक्कर देने वाली मुस्लिम लीग को किसी ने पानी भी नहीं पूछा। परंतु भारत छोड़ो आंदोलन के पश्चात स्थिति इसके ठीक उलट हो गई। द्वितीय विश्व युद्ध के समय कांग्रेस ने तय कर लिया था कि इन चुनावों में कोई भाग नहीं लेगा और 1939 में ही सभी ने अपने अपने पदों से त्यागपत्र सौंप दिया था।

परंतु इस अवसर का लाभ मुस्लिम लीग के सदस्यों ने उठाया क्योंकि उनके लिए यह किसी स्वर्णिम अवसर से कम नहीं था। जिन्ना ने तो 22 दिसंबर 1939 को ‘मुक्ति दिवस’ (Day of Deliverance) के रूप में मनाने का निर्णय किया, जिस दिन ‘मुसलमानों’ को कांग्रेस के अत्याचारी शासन से आजादी मिली। यहीं से विभाजन की नींव पड़नी प्रारंभ हो चुकी थी पर इसके बारे में एक्शन लेना तो दूर नेहरू ने चर्चा करना तक उचित नहीं समझा।

ध्यान देने वाली बात है कि यही एक कारण नहीं था, एक और भी कारण था जिसके पीछे भारत का विभाजन सुनिश्चित हुआ और जिसके पीछे आज भी नेहरू कोपभाजन के दोषी हैं और रहेंगे। वह थी उनकी सत्ता लोलुपता, जिसके लिए तब कथित रुप से कांग्रेस के सर्वेसर्वा मोहनदास करमचंद गांधी भी कम दोषी नहीं थे! जवाहरलाल नेहरू योग्य हो या नहीं नहीं परंतु कांग्रेस में शीर्ष पद पर आसीन रहने के लिए सदैव लालायित रहते थे और वो किन्हीं कारणों से गांधी के प्रिय भी थे।

परंतु ऐसा भी नहीं था कि उनसे श्रेष्ठ कोई नहीं था। उनसे श्रेष्ठ कई लोग थे, जिनमें कई तो ऐसे थे जिन्हें जवाहरलाल नेहरू के समक्ष रख दें तो वो कुछ बोलने योग्य भी न रहें, जैसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस। परंतु स्वतंत्रता के समय वो गायब हो चुके थे और यदि वो जीवित थे तो उनका कोई अता पता नहीं था। फिर भी देश में प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे लोकप्रिय दावेदार नेहरू नहीं थे। कुछ अतिउत्साही लोग जिन्ना को पद पर देखना चाहते थे तो कुछ लोग गांधी को परंतु अधिकतम लोग चाहते थे कि सरदार पटेल पदभार संभालें।

RRR में गांधी और नेहरू की भूमिका को हटाने के विषय पर लेखक वी विजयेन्द्र प्रसाद ने इसी ऐतिहासिक विषय पर प्रकाश डालते हुए बताया था कि “जब अंग्रेज़ भारत छोड़कर जाने वाले थे, उस समय 17 PCC (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) थी। गांधी तब स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख थे तो अंग्रेज़ों ने उन्हें कांग्रेस पार्टी से प्रधानमंत्री बनाने के लिए एक प्रमुख व्यक्ति चुनने को कहा। गांधी ने उन 17 पीसीसी को बुलाया और किसी एक को प्रधानमंत्री के रूप में चुनने के लिए कहा।”

और पढ़ें: हम देखेंगे – एक हिन्दू विरोधी, इस्लामपरस्त गीत जिसे भारत अब जाकर समझने लगा है

तब गांधी ने कहा था कि “प्रधानमंत्री बनने के लिए खादी पहनना काफी नहीं है, शिक्षा जरूरी है, विदेशी राष्ट्रों से बात करना जरूरी है, इसलिए मेरी पसंद नेहरू हैं।” गांधी ने 17 पीसीसी से अपनी पसंद के व्यक्ति का नाम लिखने को कहा, पर आपको पता है परिणाम क्या था? 15 कमेटियों ने सरदार पटेल को चुना, 1 वोट खाली गया और 1 ने आचार्य जेबी कृपलानी को वोट दिया। नेहरू को एक भी वोट नहीं गया। अगर गांधी को लोकतंत्र का तनिक भी सम्मान होता तो वो निर्विरोध सरदार पटेल को देश का प्रधानमंत्री बनने देते। किन्तु उन्होंने पटेल से शपथ ले ली कि वो नेहरू को ही प्रधानमंत्री बनवाएंगे और उनके रहते कभी इस पद पर दावा नहीं करेंगे!

नेहरू की सत्ता लोलुपता इतनी विकट और उद्विग्न थी कि वह स्वतंत्रता के पश्चात भी जारी रही। सरदार पटेल के बेहद करीबी सचिव रहे एम के के नायर के अनुसार अपनी अंध लोलुपता के कारण ही जवाहरलाल नेहरू ने विभाजन को भारत पर थोपा और यही काम वो हैदराबाद तक घसीटना चाहता थे। लेकिन जब सरदार पटेल ने भारत के इस ‘सम्पूर्ण इस्लामीकरण’ का विरोध किया तो नेहरू ने उन्हें अपमानित करते हुए कहा, “आप एक सांप्रदायिक व्यक्ति हैं और मैं आपके कार्यों का भाग कभी नहीं बनूंगा।” तत्पश्चात सरदार पटेल ने भी शपथ ली कि वो नेहरू की निजी कैबिनेट मीटिंग का भाग तो कतई नहीं बनेंगे और मृत्यु तक उन्होंने उस वचन को निभाया।

परंतु कथा यहीं पर समाप्त नहीं होती। विभाजन के दंश के पीछे एक कारण और भी है, जिसके पीछे खुसफुसाहट बहुत होती है परंतु चर्चा बहुत कम – द माउंटबेटन फाइल्स। ये वो कड़ी है, जिसके पीछे आज भी न भारत सरकार खुलकर कुछ बोलने को तैयार है और न ही यूके और नेटफ्लिक्स पर ‘द क्राउन’ नामक शो में कुछ कहा गया, जिसके उल्लेख मात्र से ही कुछ समय के लिए सोशल मीडिया पर सनसनी भी मची थी –

Disgusting description of our beloved Nehru ji in The Crown web series. pic.twitter.com/7ObyP3kzm3

— Kana Sir🕉️ (@Kanatunga) May 22, 2021

परंतु नेहरू ने ऐसा भी क्या किया जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का सर शर्म से पानी पानी हो जाए? दरअसल, भारत के अंतिम वायसरॉय थे लॉर्ड लुईस एडवर्ड माउंटबेटन, जिन्होंने माउंटबेटन प्लान की नींव रखी, जिसके आधार पर भारत का विभाजन हुआ। परंतु इसे लागू कराया नेहरू ने और वो भी एक महिला के प्रभाव में, और वो महिला कोई और नहीं लॉर्ड माउंटबेटन की पत्नी एडविना ही थी, जिनके साथ नेहरू के संबंध थे। इन संबंधों के पीछे नेहरू ने नैतिकता, शिष्टाचार, संस्कृति, सब कुछ ताक पर रखा, यहाँ तक कि धर्म और नीति को भी और परिणाम निकला- भारत का विभाजन। यहां तक कि नेटफ्लिक्स का ‘द क्राउन’ भी इसका उल्लेख करने से पीछे नहीं रह पाया।

ऐसे में भारत का विभाजन वो त्रासदी थी जो स्वाभाविक नहीं थी परंतु रोकी जा सकती थी पर एक अधीर, हठी और कुटिल व्यक्ति की लोलुपता के पीछे लाखों, करोड़ों लोगों के घर, धर्म, सम्मान, सब एक रात में जलकर राख हो गए और रह गया तो सिर्फ एक वस्तु, सत्ता – नेहरू की सत्ता।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: जवाहर लाल नेहरुभारत विभाजनमहात्मा गाँधीविभाजन विभीषिका दिवस
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कम्युनिस्ट भारत विरोधी हैं क्योंकि उनकी निष्ठा ‘एक मात्र पितृभूमि’ से है

अगली पोस्ट

विभाजन विभीषिका दिवस पर विशेष: अखण्ड भारत एक वास्तविकता

संबंधित पोस्ट

गोवा राज्य स्थापना दिवस
इतिहास

गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

30 May 2026

गोवा क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे छोटा राज्य है। भारत के पश्चिमी तट पर स्थित गोवा करीब 450 वर्षों तक पुर्तगाल के शासन...

1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)
इतिहास

अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

28 May 2026

जब विनायक दामोदर सावरकर यानी वीर सावरकर को ब्रिटिश सरकार ने अंडमान की सेलुलर जेल में कैद किया, तब उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी...

हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?
चर्चित

हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

27 May 2026

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद इस बार जो अभूतपूर्व माहौल बना है, उसने बोर्ड की पूरी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited