TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए।

    मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए।

    मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जब एक भारतीय पायलट ने अमेरिका को दिखा दी थी उसकी औकात

आज भी उस युवा पायलट की बहादुरी की कहानियां लोग सुनते-सुनाते हैं!

Deeksha Sharma द्वारा Deeksha Sharma
10 August 2022
in इतिहास
Wing commandar Arun Prakash

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

कहानी की शुरुआत होती है दिसंबर 1971 से, जब भयंकर ठंड में कोहरे की ऐसी चादर बिछी थी जिसमें कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था लेकिन खून में जोश और जज़्बा भी कम नहीं था. यह कहानी है एक भारतीय युवा पायलट की जिसने पकिस्तान की ओर से लड़ने के लिए भेजे गए एक मशहूर अमेरिकी पायलट के विमान की धज्जियां उड़ा दी थी. यूएसएएफ पायलट चक येजर के शब्दों में ‘यह अंकल सैम को उंगली दिखाने का भारतीय तरीका था’ (It was Indian way of giving Uncle Sam the finger). पाकिस्तान की ओर से लड़ने वाला अमेरिकी पायलट था चक येजर और उस पायलट के विमान की धज्जियां उड़ाने वाले वीर भारतीय युवा नौसेना पायलट लेफ्टिनेंट अरुण प्रकाश थे, जो आगे चलकर भारतीय नौसेना के प्रमुख भी बनें.

और पढ़ें: JFR Jacob – भारत के वो शूरवीर जिन्होंने 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के पराजय की पटकथा रची

संबंधितपोस्ट

भारत का वो ‘बहादुर’ जिसने एक मोटरसाइकिल के बदले लिया था आधा पाकिस्तान; कहानी फ़ील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की

और लोड करें

कौन था चक येजर?

चार्ल्स ई “चक येजर” अमेरिकी वायु सेना में कार्यरत और बहुत ही प्रसिद्ध परीक्षण पायलट थे. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने अपने 56 लड़ाकू अभियानों में 12 जर्मन विमानों (एक मिशन के दौरान पांच Me-109s) को मार गिराया. युद्ध के परीक्षण पायलट बनने के बाद चक येजर वायु सेना में बने रहें. येजर 14 अक्टूबर 1947 को 45,000 फीट (13,700 मीटर) की ऊंचाई पर रॉकेट-इंजन-संचालित विमान, एक्स-1 को उड़ाकर पहले ऐसे पायलट बने जिसने ध्वनि से भी तेज गति से विमान उड़ाया. अपने करियर के दौरान उन्होंने 330 विभिन्न प्रकार और विमान के मॉडल पर 10,000 घंटे से अधिक की उड़ान भरी. जब 1971 के युद्ध की शुरुआत हुई तो अमेरिका ने पकिस्तान को हरसंभव सहायता दी. उस सहायता में अमेरिका का मशहूर पायलट चक येजर भी शामिल थे. पाकिस्तान में अमेरिकी रक्षा प्रतिनिधि के रूप में उन्होंने 1971 के युद्ध में पीएएफ (पाकिस्तानी एयर फाॅर्स) की सहायता की और उनका मार्गदर्शन किया था.

‘It was Indian way of giving Uncle Sam the finger’ said legendary USAF pilot, Chuck Yeager when his private plane, Beechcraft Queen Air was bombed in Chaklala Raid by IAF. The man who blew his aircraft was a young naval pilot, Lt Arun Prakash who later became Indian Navy Chief.+ pic.twitter.com/VZlC0RfOBN

— 𝐒 𝐓 𝐀 𝐕 𝐊 𝐀 (@Maverickmusafir) August 8, 2022

अमेरिका ने पाकिस्तान का साथ क्यों दिया था?

1971 युद्ध का ज़िक्र चक येजर ने अपनी आत्मकथा “येजर, एन ऑटोबायोग्राफी” में भी किया है. जिसमे उन्होंने विस्तार से उल्लेख किया है कि कैसे पाक सेना भारत के नवीनतम सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों जैसे सुखोई Su-7 फाइटर-बॉम्बर और मिग-21 के मलबे को हटाती, जिन्हें मार गिराया गया था. फिर उन्हें क्रमबद्ध कर उनकी इंजन, रॉकेट पॉड्स और नए उपकरणों जैसे घटकों की पहचान करती. जब युद्ध समाप्त हो गया तो इन वस्तुओं को दो अमेरिकी वायु सेना कार्गो भारोत्तोलकों से उनके इंटेलिजेंस डिवीजन द्वारा विश्लेषण के लिए राज्यों में ले जाया गया था ताकि अमेरिका यह जान सके कि भारत ने यूएसएसआर से कैसे तकनीकी विमान लिए हैं.

यह तो सर्वविदित है कि अमेरिका बिना अपना फायदा देखे किसी की सहायता नहीं करता. इस युद्ध में अमेरिका को यूएसएसआर की तकनीकों के बारे में जानने का अवसर मिल रहा था, इसलिए उसने पाकिस्तान का साथ दिया. अपनी आत्मकथा में चक ने बताया है कि उन्होंने बंधक बनाए गए कई भारतीय वायुसेना के पायलटों से भी पूछताछ की. पूछताछ के दौरान वह भारतीय पायलटों को उनके द्वारा उड़ाए गए विमान और सोवियत संघ से सीखी गई रणनीति के बारे में दबाव डालता था.

विंग कमांडर धीरेंद्र एस. जाफा (सेवानिवृत्त) ने अपनी पुस्तक “डेथ वाज़ नॉट पेनफुल: स्टोरीज़ ऑफ़ इंडियन फाइटर पायलट्स फ्रॉम द 1971 वॉर” में बताया था कि कैसे एक पीओडब्ल्यू (युद्ध के बंदी) के रूप में उनसे तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से पूछताछ की गई थी. उनसे प्रश्न किये गए थे कि ऐसी कौन सी तकनीक भारतीय पायलटों को सिखाई गयी है जिसके कारण वे रात में भी लक्ष्यों को सटीक रूप से इंगित कर लेते हैं. ध्यान देने वाली बात है कि 3 दिसंबर 1971 की शाम को रेडियो से घोषणा की गई कि शाम 5.40 बजे, PAF ने भारत की पश्चिमी सीमा पर 9 भारतीय हवाई अड्डों पर एक समन्वित हमला किया था. उस रात तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राष्ट्र को बताया था कि भारत और पाकिस्तान में युद्ध छिड़ चुका है.

भारत का गरुड़

लेफ्टिनेंट अरुण प्रकाश, एक नवनिर्मित नौसेना एविएटर नंबर 20 स्क्वाड्रन “द लाइटनिंग्स” के साथ भारतीय वायुसेना में प्रतिनियुक्ति पर थे. युद्ध का बिगुल बजते ही उन्हें और उनके साथियों को बेस पर बुलाया गया. अपने विंगमैन के साथ वे बेस पर पहुंच गये और अब वे टेक ऑफ के लिए तैयार थे. सुबह का समय था लेकिन दिसंबर की कड़कड़ाती ठण्ड में कोहरे की चादर ने सूर्य के प्रकाश को भी ढक लिया था. लेकिन अब समय था पाकिस्तान पर जवाबी हमले का. मिशन था इस्लामाबाद से कुछ मील दक्षिण पूर्व में स्थित पीएएफ बेस, जिसपर हमला करना था.

कोहरे में भले ही कुछ और न दिख रहा हो लेकिन लम्बी इमारतों को देख पाना आसान था. पाकिस्तान के एयर ट्रैफिक कंट्रोल की इमारत पर लेफ्टिनेंट अरुण ने निशाना साधा लेकिन वह वाटर टावर निकला! लेकिन अनजाने में ही सही उन्होंने पाकिस्तानी वायु सैनिकों को एक दिन प्यासा रखने का इंतज़ाम कर दिया था. उन्होंने एयरफील्ड को स्कैन करना शुरू किया ताकि वो पाकिस्तानी विमानों पर हमला कर सकें लेकिन वहां एक भी पाकिस्तानी विमान नहीं था.

और पढ़ें: विजय दिवस पर PM मोदी ने किया साफ़, 1971 युद्ध “इंदिरा विजय” नहीं “सेना विजय” है

लेकिन फिर एक बड़े आम के बाग में उन्हें एक लंबे विमान के पंख की आकृति नज़र आयी. वह विमान था अमेरिका का हरक्यूलस सी-130. उन्होंने हरक्यूलस के चारों ओर अपना लड़ाकू विमान उड़ाया और उस पर 30 मिमी के गोले दागने शुरू कर दिए. कुछ ही दूरी पर उन्हें छोटे परिवहन विमानों की एक पंक्ति दिखाई दी और अपने विमान को उनकी ओर मोड़ते हुए उन्होंने धुंआधार फायरिंग शुरू कर दी ताकि दुशमन को जितना हो सके उतना नुक्सान पहुंचाया जा सके. जल्द ही पाकिस्तानी सेना हरकत में आ गयी और उन्होंने एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलें दागना शुरू किया लेकिन अरुण और उनके साथी विंगमैन तीव्र एंटी-एयरक्राफ्ट फायर के बीच से बचते हुए चकलाला से विदा हुए और सुरक्षित अपने बेस पर पहुंच गए. बेस पर पहुंचकर उन्होंने हरक्यूलस विमान और दुश्मन की तैयारियों के बारे में अन्य ज़रूरी जानकारी दी.

अरुण प्रकाश ने कर दिया था काम तमाम

उस समय पाकिस्तान में तैनात एक अमेरिकी राजनयिक एडवर्ड सी. इंग्राहम द्वारा लिखित “द राइट स्टफ इन द रॉन्ग प्लेस” शीर्षक वाला लेख बताता है कि चक येजर को हमेशा इस बात का गिला और गुस्सा रहा कि उन्हें युद्ध में उस पक्ष से लड़ाई लड़नी पड़ी जो हारने वाला था. अपने हमले की पूर्व संध्या पर पाकिस्तानियों ने अपने विमानों को भारतीय सीमा के पास के हवाई क्षेत्रों से निकाल कर उन्हें वापस पकिस्तान ले जाने की समझदारी की थी क्योंकि वे जानते थे कि भारत हमला करेगा. लेकिन वे चक येजर को यह चेतावनी देना भूल गए. इस प्रकार जब भारत ने अपनी ओर से पहली जवाबी कार्रवाई की तो भारतीय पायलट अरुण प्रकाश को केवल दो विमान दिखे थे, जिनमें से एक  येजर का बीचक्राफ्ट था और दूसरा था हरक्यूलस. जिसका इस्तेमाल संयुक्त राष्ट्र की सेना द्वारा कश्मीर में युद्धविराम की निगरानी करने वाले गश्ती दल को आपूर्ति करने के लिए किया जाता था और अरुण प्रकाश ने उन दोनों विमानों को 20 मिलीमीटर की कैनन फायर से मार गिराया.

भले ही लेफ्टिनेंट अरुण प्रकाश ने अनजाने में अमेरिकी पायलट के विमान को क्षतिग्रस्त किया था लेकिन चक येजर ने कभी इस बात पर विश्वास नहीं किया. वो भारत और पकिस्तान की इस लड़ाई को कुछ अधिक ही व्यक्तिगत रूप से लेने लग गए. उनका मानना था कि भारतीय पायलट अच्छे से जानते थे कि जिस विमान पर उन्होंने हमला किया वह एक मशहूर अमेरिकी पायलट का है. साथ ही उनका यह कहना भी था कि इंदिरा गांधी ने पायलट को येजर के विमान को विस्फोट करने का निर्देश दिया था. उन्होंने पकिस्तान को भी उसकी कायरता के लिए फटकारा और जमकर हंगामा किया. खैर, भारत युद्ध में विजयी हुआ और हवाई कार्रवाई में लेफ्टिनेंट अरुण प्रकाश को उनकी वीरता के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया.

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: 1971 युद्धअरुण प्रकाशचक येजर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मुस्लिम देश UAE में बन रहे भव्य हिंदू मंदिर से इस्लामिस्टों की जल क्यों रही है?

अगली पोस्ट

नीतीश कुमार विपक्ष के पीएम उम्मीदवार बनें, इससे अच्छा मोदी के लिए कुछ नहीं हो सकता

संबंधित पोस्ट

शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक
इतिहास

ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

26 June 2026

भारत के सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं। इन सभी...

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता
इतिहास

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

9 June 2026

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने...

गोवा राज्य स्थापना दिवस
इतिहास

गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

30 May 2026

गोवा क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे छोटा राज्य है। भारत के पश्चिमी तट पर स्थित गोवा करीब 450 वर्षों तक पुर्तगाल के शासन...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

00:04:03

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited