“सौरव गांगुली को भाजपा ने हटवाया” ममता बनर्जी सभी को अपनी तरह समझती हैं

कोहली के फैन्स इस लेख को अवश्य पढ़ें!

BCCI अध्यक्ष

हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का बतौर बीसीसीआई अध्यक्ष कार्यकाल समाप्त हो गया। गांगुली के इस पद से हटने के बाद बोर्ड ने नये अध्यक्ष की भी नियुक्ति कर दी है। इस पद का कार्यभार 1983 विश्व कप के चैंपियन गेंदबाज रह चुके रोजर बिन्नी को सौंपा गया है। गांगुली ने अपने पद को अलविदा कहने के बाद इस पद पर आए नये अध्यक्ष को शुभकामनाएं भी दी। सौरव गांगुली ने कहा- ‘मैं रोजर बिन्नी को हार्दिक बधाई देता हूं। जो नया ग्रुप सिलेक्ट हुआ है वह चीज़ों को आगे ले जाने का कार्य करेगा। बीसीसीआई अच्छे हाथो में हैं। भारतीय क्रिकेट मजबूती के साथ आगे बढ़ता जा रहा है, हम उन्हें हार्दिक बधाई देते हैं।’ हालांकि जब से ही सौरव गांगुली ने BCCI का अध्यक्ष से हटे हैं, तब से ही इसको लेकर काफी चर्चाएं हो रही हैं। गांगुली के इस पद से बर्खास्त होने के बाद कोहली फैंस और ममता बनर्जी की अपनी अलग-अलग राय देखने को मिल रही हैं।

सौरव गांगुली तीन सालों तक BCCI अध्यक्ष रहे हैं। पहले अनुमान लगाए जा रहे थे कि उनको दोबारा मौका मिल सकता है, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सौरव गांगुली एक बार फिर से बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़ सकते है और CAB अध्यक्ष पद का चुनाव के लिए आगे आ सकते हैं।

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कोहली फैंस ने अलापा अलग राग

वहीं सौरव गांगुली द्वारा BCCI की कुर्सी छोड़ते ही विराट कोहली के फैंस ने सोशल मीडिया पर एक अलग ही राग अलापना आरंभ कर दिया है। क्योंकि सौरव गांगुली के BCCI अध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली के साथ उनके कई विवाद देखने को मिले थे। विराट कोहली के हाथों से भारतीय टीम की कप्तानी छिनी, जिसके बाद अब कोहली फैंस अब सौरव गांगुली के अध्यक्ष पद इसे कर्मा से जोड़ने के प्रयास कर रह हैं।

सौरव गांगुली ने वर्ष 2019 में BCCI अध्यक्ष का कार्यभार संभाला था। इसी क्रम में साल 2021 में विराट कोहली के साथ उनका एक विवाद छिड़ा था। टी20 वर्ल्ड कप साल 2021 के बाद कोहली ने भारतीय टी20 टीम की कप्तानी अपनी स्वेच्छा से छोड़ दी थी। इसके बाद BCCI ने अचानक से एक बड़ा निर्णय लिया और उन्हें वनडे कप्तानी से भी बर्खास्त कर दिया। उनके स्थान पर रोहित शर्मा को नया कप्तान बना दिया गया था। जब विराट कोहली को कप्तानी से हटा दिया गया था, तब सौरव गांगुली ने इस पर अपना बयान दिया था कि उन्होंने कोहली से कप्तान के पद पर बने रहने के लिए बात की थी। इस पूरे मामले को लेकर विवाद जब बड़ा तो कोहली ने मीडिया में आकर यह कह दिया कि उनसे तो किसी ने भी बात ही नहीं की। इसके बाद जो कुछ भी हुआ, वो सभी ने देखा ही था।

वहीं अब सौरव गांगुली के BCCI अध्यक्ष पद से हटने के बाद कई कोहली फैंस उनके ऊपर निशाना साधा हैं। एक यूजर ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा- “कर्मा वापस आ गया है।” वहीं दूसरे यूजर ने कहा- “जैसा व्यवहार आपने विराट कोहली के साथ किया है, अब वही समय आपके साथ दोहरा रहा है।”

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सोशल मीडिया पर जाकर यदि हम विराट के फैंस के ट्वीट्स देखेंगे तो ऐसा लगेगा कि मानों उनकी वजह से ही सौरव गांगुली अध्यक्ष पद से हटें। परंतु ऐसा कुछ है नहीं। देखा जाए तो विराट कोहली के फैंस जहां पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के BCCI अध्यक्ष पद से हटने पर काफी खुश हैं, तो वहीं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस पूरे मामले को लेकर अपनी अलग ही राजनीति करती हुई नज़र आ रही हैं।

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ममता सेंक रही राजनीतिक रोटियां

सौरव गांगुली के बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हटने के पश्चात ममता बनर्जी बंगाली अस्मिता का राग अलापते हुए कह रही हैं कि उनके (सौरव गांगुली) साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है। ममता के अनुसार भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने एक सुनियोजित षड्यंत्र के अंतर्गत सौरव गांगुली को पदच्युत किया है और सौरव गांगुली के साथ ये अन्याय वो बिलकुल भी स्वीकार नहीं कर सकती है।

इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सौरव गांगुली को ICC अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ाने की वकालत की है। ममता बनर्जी के अनुसार- “मैं प्रधानमंत्री से अपील करती हूं कि गांगुली को आईसीसी चुनाव लड़ने की इजाजत मिलनी चाहिए… यह सुनिश्चित किया जाए।’ ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि गांगुली एक लोकप्रिय शख्सियत हैं, इसलिए उन्हें इससे वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘भारत सरकार से अपील करती हूं कि राजनीतिक तौर पर फैसला न लिया जाए, क्रिकेट और खेल को ध्यान में रखें। वह राजनीतिक दल के सदस्य नहीं हैं”।

परंतु ममता दीदी केवल इतने पर ही नहीं रुकी। उन्होंने आगे कहा- “सौरव गांगुली एक कुशल प्रशासक रहे हैं, लेकिन अमित शाह के बेटे BCCI में अभी भी बने हुए हैं और सौरव गांगुली को इस पद से हटा दिया गया। हम जानना चाहते हैं कि आखिर इरादा क्या है?”

इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के नेता मदन मित्रा ने ये आरोप लगाया था कि सौरव गांगुली को बीसीसीआई प्रमुख इसलिए बनाया गया था जिससे भाजपा उन्हें ममता बनर्जी के खिलाफ अपने संभावित मुख्यमंत्री के रूप में खड़ा कर सकने में सफल हो पाये। सौरव गांगुली वह नहीं कर पाए जो मिथुन चक्रवर्ती ने भाजपा के लिए किया। भाजपा में शामिल होने से इनकार करने वाले लोग जेल में बंद कर दिए जाते हैं, लेकिन गांगुली के साथ ऐसा नहीं किया क्योंकि वह एक राष्ट्रीय प्रतीक हैं।

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BCCI में नयी टीम

बीसीसीआई के चुनावों के बारे में बात करें तो लगभग सभी पदों पर चयन हो चुका है। रोजर बिन्नी जहां BCCI के अध्यक्ष पद पर नियुक्त हुए। वहीं राजीव शुक्ला को उपाध्यक्ष पद का कार्यभार सौंपा गया है। बीसीसीआई के सचिव के पद पर एक बार फिर से जय शाह को नियुक्त किया गया है, जबकि देवाजीत साइकिया को ज्वाइंट सेक्रेटरी और बोर्ड के कोषाध्यक्ष के पद पर आशीष शेलर का चयन किया गया है।

अब पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के BCCI अध्यक्ष पद से हटने के पीछे मीडिया से लेकर, कोहली फैंस और ममता दीदी तक सबकी अपनी-अपनी राय देते नजर आ रहे हैं। विराट कोहली के फैंस जहां सौरव गांगुली के BCCI अध्यक्ष पद से हटने पर काफी खुश हैं। वहीं ममता दीदी इसे लेकर इसकी आग में अपनी राजनीति की रोटी सेंकती हुई दिखाई दे रही हैं। इसके अलावा मीडिया रिपोर्ट्स में इसको लेकर अलग ही बातें सामने आ रही हैं। यानी सौरव गांगुली की आड़ में हर कोई अपना अपना एजेंडा चलाने में लगा हैं। परंतु इन सबसे विपरीत हकीकत यह है कि नियमों के हिसाब से सौरव गांगुली अध्यक्ष पद से हटे हैं और उन्होंने स्वेच्छा से इस पद को छोड़ा।

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