अमेरिका को भूल जाइए, अब भारत और जापान मिलकर QUAD को चलाएंगे

अमेरिका QUAD देशों के विरुद्ध ही षड्यंत्र रचता रहा जिसके कारण वह इन देशों के भरोसे को खो चुका है। ऐसी स्थिति में भारत और जापान मिलकर QUAD का नेतृत्व करने को पूर्ण रूप से तैयार हैं।

QUAD भारत जापान

SOURCE TFI

इन दिनों जापान अपनी रक्षा क्षमता और बजट को दोगुना करने में जुटा हुआ है। चीन की ओर से बढ़ते सैन्‍य खतरे, उत्तर कोरिया की परमाणु हथियारों को बढ़ाने की अभिलाषा और रूस की ओर से खतरे की आशंका को भापते हुए जापान ने अपनी रक्षा तैयारियों और खर्च को दोगुना करने का निर्णय लिया है। इतना ही नहीं जापान साल 2028 तक रक्षा बजट पर दोगुना खर्च भी करता रहेगा। एक ओर जहां हमले की भयानक स्थिति से बचाव के लिए जापान बेहतर संसाधनों को जुटा रहा है, तो वहीं किसी भी तरह के जवाबी हमले के लिए भी जापान खुद को तैयार करने की पूर्ण कोशिश कर रहा है।

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जापान बढ़ाएगा अपनी सैन्य क्षमता

ज्ञात हो कि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद से जापान की ये सबसे बड़ी तैयारी है। पहले जापान को अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर निर्भर होना पड़ता था क्योंकि उसकी स्वयं की कोई स्थायी सेना नहीं थी। लेकिन अब जापान अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी तरह से अमेरिका पर निर्भर नहीं रहना चाहता है,  इतना ही नहीं चीन का मुकाबला करने के लिए जापान ने भारत के साथ भी अपने रक्षा सहयोग को बढ़ाने का निर्णय लिया है। जापान ने इस संबंध में अभी हाल ही में अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति जारी की है, जिसके अनुसार हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक राष्ट्र के रूप में जापान अपनी सक्रियता को बढ़ाता हुआ दिख रहा है। इससे प्रतीत होता है कि अब भारत और जापान चीन विरोधी QUAD का नेतृत्व करने वाले हैं और अब अमेरिका को तो भूल ही जाइए।

दूसरे विश्व युद्ध के बाद से लेकर अभी तक अमेरिका जापान का भरोसा जितने में कामयाब नहीं हो पाया है, भला हो भी कैसे अमेरिका ने समय-समय पर अपना रंग जो बदला है। अमेरिका की मौजूदा स्थिति की बात करें तो रूस-यूक्रेन युद्ध होने के बाद से ही अमेरिका पूर्ण रूप से अप्रासंगिक हो चुका है। अमेरिका के साझेदार जैसे देश अब उस पर किसी भी तरह से भरोसा नहीं करना चाहते है क्योंकि रूस यूक्रेन युद्ध में उसने यूक्रेन का कितना साथ दिया है ये तो सभी ने देख लिया। ऐसे में जापान अब अमेरिका पर किसी भी तरह से निर्भर नहीं रहना चाहता है और भारत के साथ मिलकर वो QUAD में मुख्य भूमिका निभाने को पूर्ण रूप से तैयार होना चाहता है।

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अमेरिका का षड्यंत्र

QUAD चार देशों अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया का समूह है जिसका उदेश्य चीन के नापाक इरादों को ध्वस्त करना था। इस समूह में अमेरिका मुख्य भूमिका में था लेकिन समूह के देशों के विरुद्ध ही षड्यंत्र रचता रहा और समूह के देशों के दुश्मन देशों का हित करता रहा। यही कारण है कि वह समूह में पिछड़ता चला जा रहा है। उदाहरण के लिए अभी हाल ही में अमेरिका ने पाकिस्तान को 200 मिलियन डॉलर (US allots $200 million Pakistan) देने का फैसला किया है। भारत और रूस की नजदीकियों से तिलमिलाए अमेरिका ने भारत को नीचा दिखाने के लिए यह फैसला लिया है। अमेरिका पाकिस्तान को इतनी बड़ी सहायता राशि पाकिस्तान में महिलाओं और पुरुषों के बीच समानता को स्थापित करने के नाम पर दे रहा है।

पहले भी अमेरिका ने बाढ़ ग्रस्त पाकिस्तान को तीन करोड़ डॉलर की मानवीय सहायता राशि देने की घोषणा की थी। यही नहीं कुछ महीने पहले ही डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी किए गये पूर्ववर्ती फैसले को उलटते हुए जो बाइडेन प्रशासन ने पाकिस्तान को 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर के F-16 लड़ाकू जेट बेड़े के रखरखाव कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है।

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विश्व का नेतृत्व

यही कारण है कि QUAD में अमेरिका की प्रासंगिकता समाप्त हो चुकी है और अब जापान और भारत एक साथ मिलकर QUAD का नेतृत्व करने वाले हैं। जापान इस बात से पूर्ण रूप से अवगत हो चुका है कि एशिया में एकलौती ताकत भारत ही है। आज के समय में दुनिया भारत को एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरते हुए देख रही है जो हर क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।

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