ऑस्कर के लिए अकेले ही आगे बढ़ रहे हैं एसएस राजामौली, वैश्विक पटल पर RRR को दिला रहे हैं प्रसिद्धि

प्रदर्शन के आठ माह बाद भी फिल्म RRR तालियां और सम्मान बराबर बटोर रही है और अब न्यूयॉर्क फिल्म क्रिटिक्स सर्कल में इसे सर्वश्रेष्ठ फिल्म निर्देशक का पुरस्कार भी प्राप्त हो गया है। अब रास्ता ऑस्कर की ओर है।

RRR at Oscars 2023

SOURCE TFI

RRR at Oscars 2023: बैटमैन की बहुचर्चित फिल्म ‘द डार्क नाइट’ में एक संवाद बहुत चर्चित है, “इफ यू आर गुड एट समथिंग, नेवर डू इट फॉर फ्री! [अगर किसी कार्य में आप निपुण हैं, तो कभी भी उसे मुफ़्त में न करें!] यह बात विपणन यानी मार्केटिंग के क्षेत्र में अति महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि हर वस्तु का एक मूल्य है और यदि आप उसे नहीं चुका रहे हैं तो आप स्वयं उत्पाद हैं। अर्थ स्पष्ट है कि अपने उत्पाद को ऐसे पेश करें कि बड़े से बड़ा तुरर्म खां भी देखकर चकित हो जाए कि क्या है यह और ऐसा ही किया है एसएस राजामौली ने।

इस लेख में जानेंगे कि कैसे एसएस राजामौली ने ‘रौद्रम रणम रुधिरम’ को वैश्विक पटल पर प्रसिद्धि दिलाने हेतु मार्केटिंग को लेकर अद्भुत प्रयोग किया है, जिसको देखकर आप भी एक बार इन्हें नमन करने पर विवश हो जाएंगे।

और पढ़ें- अमेरिकियों को RRR पसंद आई क्योंकि यह एक जबरदस्त ‘एंटी-वोक’ फिल्म है

सर्वश्रेष्ठ फिल्म निर्देशक का पुरस्कार

हाल ही में एसएस राजामौली द्वारा निर्देशित ‘रौद्रम रणम रुधिरम’ यानी RRR ने अमेरिकी फिल्म साम्राज्य में भी अपना गढ़ स्थापित कर लिया है। इसकी लोकप्रियता कहीं से भी कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। प्रदर्शन के आठ माह बाद भी यह फिल्म तालियां और सम्मान बराबर बटोर रही है और इसी बीच न्यूयॉर्क फिल्म क्रिटिक्स सर्कल में इसे सर्वश्रेष्ठ फिल्म निर्देशक का पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

तो इसमें खास बात क्या है? स्वयं अमेरिकी मीडिया भी इस उपलब्धि से भौंचक्का है, क्योंकि इस पुरस्कार समारोह में जो भी विजयी रहा है, उसे कुछ नहीं तो एक ऑस्कर नॉमिनेशन तो अवश्य प्राप्त होता ही है। ऐसे में कुछ नहीं तो 2023 के Oscars पुरस्कारों की श्रेणी में ‘रौद्रम रणम रुधिरम’ (RRR) अपना प्रभाव अवश्य छोड़ेगी, क्योंकि बहुप्रतिष्ठित एक्शन एवं साइंस से संबंधित फिल्म अवार्ड्स समारोह यानी सैटर्न अवार्ड्स में जब इस फिल्म को तीन नामांकन और सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म के लिए पुरस्कार प्राप्त होना कोई मज़ाक नहीं है बंधु।

और पढ़ें- एस एस राजामौली वो फिल्मकार हैं जिनके लिए भारतीय सिनेमा तरस रहा था

RRR at Oscars 2023: अकेले ही आगे बढ़ रहे हैं राजामौली

परंतु यह सब हुआ कैसे? ‘RRR’ तो भारत की ओर से आधिकारिक ऑस्कर एंट्री नहीं है न? वो कहते हैं न कि जो दिखता है, वही बिकता है और एसएस राजामौली ने इस बात को काफी गंभीरता से लेते हुए अपने आप को पूर्णतया आत्मनिर्भर बनाया कि यदि कुछ लोगों की कुंठा से देश के उचित फिल्मों को प्रतिनिधित्व न मिले तो स्वयं अपने आप को आगे बढ़ाओ, माने अपनी इज्जत अपने हाथ।

इसी का परिणाम है कि RRR अभी भी देश विदेश में छाए हुए हैं। न इसने लोकप्रियता के लिए कोई वोक पद्धति अपनाई, न इसने भारत को नीचा दिखाया, और तो और अभी भी इससे कई अंग्रेज़ खार खाए हुए हैं। परंतु ‘रौद्रम रणम रुधिरम’ के कलाकारों या इसके निर्माताओं को तनिक भी फर्क नहीं पड़ता, उलटे अब वे अपने आप इस फिल्म को प्रोमोट करने हेतु जमीन आसमान एक कर रहे हैं। इसका असर भी दिख रहा है, क्योंकि क्या रूस, क्या जापान, स्वयं अमेरिका के बड़े से बड़े फिल्म क्रिटिक, रचयिता तक इस फिल्म का प्रभुत्व मानने को विवश हैं।

और पढ़ें- बाहुबली प्रभास निभाएंगे आदिपुरुष श्रीराम की भूमिका, VFX के लिए अजय देवगन आएंगे साथ, ये फिल्म धूम मचा देगी

चर्चित मैगज़ीन Variety इसे ऑस्कर 2023 के संभावित नामांकन सूची में एक प्रबल दावेदार भी मानता है और यदि ये सत्य में परिवर्तित हुआ, तो अपने दम पर भारत के आत्मसम्मान बचाए रखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सिनेमा को गौरवान्वित करेंगे एसएस राजामौली, जिनके विचार उनकी फिल्म से ही परिलक्षित होते हैं, चाहे RRR हो या फिर बाहुबली।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Exit mobile version