TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए।

    मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए।

    मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जब छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रति आकर्षित हुई थी औरंगजेब की पुत्री

ये बात औरंगजेब को बहुत खटकी।

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
15 February 2023
in इतिहास
When Aurangzeb's daughter Zeb-un-Nissa was attracted to Chhatrapati Shivaji Maharaj

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

​बादशाह औरंगजेब “आलमगीर” को हम उसके भारत को सम्पूर्ण रूप से इस्लामी बनाने की सनक एवं उसके अत्याचारों के लिए जानते हैं। उसकी क्रूरता का कोई अंत न था और उसने तो अपने परिवार तक को नहीं छोड़ा। परंतु वो कहते हैं न, जो औरों से न हारे, वो अपनों से हार जाए। औरंगजेब को वैसे तो कई लोगों ने धूल चटाई, परंतु जो सबसे ‘गहरे घाव’ उसे मिले, उसे अपनी ही ज्येष्ठ पुत्री Zeb-un-Nissa से मिले।
​
इस लेख में हम जानेंगे राजकुमारी जेबुन्निसा (Zeb-un-Nissa), जिसका सशक्त एवं रचनात्मक व्यक्तित्व ही उसके पिता औरंगजेब की आंखों में खटकता था, और जो छत्रपति शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व से भी काफी प्रभावित थी।

और पढ़ें: मिलिए इतिहासकार जेम्स मिल से, जो एक बार भी भारत नहीं आए लेकिन भारत का इतिहास लिख डाला

संबंधितपोस्ट

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

‘क्रूर था अकबर’: बाबर, अकबर, औरंगज़ेब और शिवाजी पर क्या कहती है NCERT की नई किताब?

दारा शिकोह: उपनिषद पढ़ने वाला मुगल जिसका सिर कटवाकर औरंगज़ेब ने पिता शाहजहां को किया था पेश

और लोड करें

औरंगजेब की प्रिय थी जेबुन्निसा

15 फरवरी 1638 में दौलताबाद के किले, जिसे अब देवगिरि के नाम से जाना जाता है, में जन्मी राजकुमारी जेबुन्निसा (Zeb-un-Nissa) एक समय पर औरंगजेब की प्रिय थी। हो भी क्यों न, वह उनकी पटरानी दिलरस बानू बेगम की सबसे बड़ी संतान थी। केवल तीन वर्ष की आयु में कुरान कंठस्थ कर ली थी और सात वर्ष की आयु में वह हाफिजा बन गई थीं।

इस अवसर को उनके पिता ने एक विशाल दावत और सार्वजनिक अवकाश के साथ मनाया था। राजकुमारी को उसके प्रसन्न पिता ने 30,000 स्वर्ण टुकड़े का इनाम भी दिया था। औरंगजेब ने अपनी जहीन पुत्री को अच्छी तरह से पढ़ाने के लिए उस्ताद बी को 30,000 स्वर्ण टुकड़ों की राजसी राशि का भुगतान किया।

जेबुन्निसा (Zeb-un-Nissa) ने मोहम्मद सईद अशरफ मज़ंधारानी नामक फारसी कवि से समय का विज्ञान भी सीखा। इसके अतिरिक्त राजकुमारी ने दर्शन, गणित, खगोल विज्ञान, साहित्य सीखा और सुलेख में भी उनकी अच्छी प्रतिष्ठा थी। यूं समझिए, राजकुमारी जेबुन्निसा बहुमुखी प्रतिभा की धनी थी और वह सभी मुग़लों में उस समय सबसे शिक्षित भी थी।

और पढ़ें: इस पूरे विश्व में कभी भी- कोई भी बीरबल नहीं था, जानिए, कैसे और क्यों गढ़ा गया ‘बीरबल का किरदार’?

औरंगजेब के राज में कला के लिए कोई स्थान नहीं था

उसने कई विद्वानों को अच्छे वेतन पर अपनी बोली में साहित्यिक कार्यों का निर्माण करने या उसके लिए पांडुलिपियों की प्रतिलिपि बनाने के लिए रोजगार दिया। जेबुन्निसा (Zeb-un-Nissa) का पुस्तकालय काफी समृद्ध था, जिसमे कुरान, हिंदू और जैन ग्रंथों, ग्रीक पौराणिक कथाएं, फारसी ग्रंथों, विद्वान अल्बरूनी के यात्रा के अकाउन्ट, बाइबल के अनुवाद और अपने पूर्वजों के बारे में समकालीन लेखन शामिल थे। उनकी लाइब्रेरी ने प्रत्येक विषय पर साहित्यिक काम भी प्रदान किए, जैसे कानून, साहित्य, इतिहास और धर्मशास्त्र इत्यादि। औरंगजेब ने इन कार्यों में कम ही हस्तक्षेप किया, परंतु किसे पता था कि उसकी यही बेफिक्री जी का जंजाल बन जाएगी।

अब राजकुमारी केवल विदुषी ही नहीं, अपितु एक उत्कृष्ट कवयित्री एवं रचनाकार भी थी। परंतु कला के लिए औरंगजेब के राज में कोई स्थान नहीं था और जेबुन्निसा उन सभी विधाओं की ज्ञाता थी, जिनसे औरंगजेब को सख्त चिढ़ थी। ऐसे में उसने मखफी के उपनाम से कविताएं लिखनी प्रारंभ की।

जेबुन्निसा (Zeb-un-Nissa) का जीवन कष्टों से परिपूर्ण थी। उसे चाहने वाले बहुत थे, परंतु वह किसी के साथ चाहकर भी संबंध नहीं रख पाई, क्योंकि सबसे बड़ी बाधा कहीं न कहीं औरंगजेब का क्रोध एवं उसकी बर्बरता भी थी। परंतु धीरे धीरे ये बर्बरता उसके लिए असहनीय बन गई, और वह समय समय पर उसका विरोध भी करती।

उदाहरणत जब औरंगजेब के व्यवहार से तंग आकर शहज़ादा मोहम्मद अकबर ने विद्रोह किया और राजपूताने में शरण ली, तब जेबुन्निसा ने अपेक्षाओं के विपरीत जाकर उसका समर्थन किया। मोहम्मद अकबर को औरंगजेब के सबसे कट्टर शत्रुओं में सम्मिलित राणा राज सिंह, एवं मारवाड़ के संरक्षक राव दुर्गादास राठौड़, दोनों ने ही शरण दी।

और पढ़ें: बचपन में चली गई थी एक आंख की रोशनी, फिर भी सर्वश्रेष्ठ शासक में से एक बने: महाराजा रणजीत सिंह की पूरी कहानी

छत्रपति शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व की ओर आकृष्ट हुई

परंतु यही एक कारण नहीं था, जिसके पीछे जेबुन्निसा (Zeb-un-Nissa) औरंगजेब के प्रिय से उसके आंखों में शूल की भांति चुभने लगी। आगरा में एक व्यक्ति का आगमन मुगल वंश में भूचाल की भांति आया। पुरंदर में हुई सुलह के बाद छत्रपति शिवाजी महाराज आगरा आए, जहां औरंगजेब ने स्वभाव अनुसार अपनी हेकड़ी दिखाने में कोई प्रयास अधूरा नहीं छोड़ा। परंतु छत्रपति शिवाजी महाराज को अपना अपमान स्वीकार्य नहीं था और उन्होंने औरंगजेब को चुनौती देते हुए मुगल दरबार का बहिष्कार किया, और इस कदम से राजकुमारी जेबुन्निसा भी प्रभावित हुई।

राजकुमारी जेबुन्निसा (Zeb-un-Nissa) छत्रपति शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व की ओर आकृष्ट हुई। परंतु ये आकर्षण सम्मान का था, या प्रेम का, ये आज भी वाद विवाद का विषय है। अब छत्रपति शिवाजी महाराज महिलाओं को सदैव सम्मान की दृष्टि से देखते थे, और जब एक योद्धा ने राजे को प्रसन्न करने हेतु एक मुस्लिम शासक की पत्नी / पुत्री को उनके समक्ष ‘उपहार’ के रूप में पेश किया, तो उन्होंने उस योद्धा को फटकार भी लगाई और उस महिला को ससम्मान के साथ लौट जाने दिया।

ऐसे में वे तो कभी भी राजकुमारी जेबुन्निसा की ओर आकर्षित नहीं होते, परंतु इस बात को नहीं नकारा जा सकता कि राजकुमारी जेबुन्निसा छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वभाव और उनके व्यक्तित्व से काफी प्रभावित थी, और ये बात भी औरंगजेब को बहुत खटकी। अंत में उसके विचारों एवं उसके स्वभाव से बौखलाकर औरंगजेब ने उसे भी बंदी बना लिया, और अपने जीवन के अंतिम 20 वर्ष उन्होंने शाहजहांनाबाद के सलीमगढ़ किले में एकांत में बिताए, जहां 1702 में उनका निधन हो गया। उनके लेखन को “दीवान ए मखफी” के नाम से संकलित कर 1724 में प्रकाशित किया गया, और ये कहना गलत नहीं होगा कि राजकुमारी जेबुन्निसा का व्यक्तित्व उनके जीवन की भांति एक अबूझ पहेली थी, और जिसके कारण जितना छत्रपति शिवाजी महाराज से वो भयभीत न रही हों, उससे भी अधिक औरंगजेब इससे भयभीत रही होंगी।

और पढ़ें: लिस्ट्रीन ने अपने माउथवॉश प्रोडक्ट को बेचने के लिए कैसे किया ‘प्लाक बीमारी’ का आविष्कार

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: औरंगजेबछत्रपति शिवाजी महाराजजेबुन्निसादीवान ए मखफी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पीएम मोदी गलत नहीं कहे थे : कांग्रेस के राशिद अल्वी ने पुनः सुप्रीम कोर्ट के अस्तित्व पर प्रश्न उठाया

अगली पोस्ट

एयरो इंडिया शो 2023 में एक मिनी वॉर चल रहा है

संबंधित पोस्ट

शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक
इतिहास

ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

26 June 2026

भारत के सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं। इन सभी...

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता
इतिहास

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

9 June 2026

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने...

गोवा राज्य स्थापना दिवस
इतिहास

गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

30 May 2026

गोवा क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे छोटा राज्य है। भारत के पश्चिमी तट पर स्थित गोवा करीब 450 वर्षों तक पुर्तगाल के शासन...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

00:03:48

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

00:04:03

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited