भारत जोड़ो यात्रा की “अपार सफलता” के बाद राहुल गांधी फिर से “लोकतंत्र के अभाव” पर रोने लगे

उधर कांग्रेस पूर्वोत्तर खो दी, और इधर ये महोदय.

Rahul Gandhi Cambridge speech

Rahul Gandhi Cambridge speech: कुछ लोग स्वभाव से कभी नहीं बदल सकते। वे संकेत भले दें कि वे सबकी सुनते हैं, पर करेंगे अपने मन की ही। कांग्रेस के सर्वेसर्वा और भाजपा के “स्टार प्रचारक” राहुल गांधी भी इन्ही में से एक है। भारत जोड़ो यात्रा की ‘अपार सफलता’ के पश्चात अब महोदय पुनः “कैम्ब्रिज यात्रा” पे निकल पड़े, जहां वे भारत में “लोकतंत्र के अभाव” पर पुनः अपना दुखड़ा रोने लगे।

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भारत की अखंडता पर प्रश्नचिन्ह

जहां एक ओर कांग्रेस पूर्वोत्तर में अपनी कब्र खोद रही है, तो वहीं कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में महोदय एक व्याख्यान (Rahul Gandhi Cambridge speech) देने आए थे, जहां उन्होंने दावा किया कि भारत में लोकतंत्र खतरे में है। परंतु उससे पूर्व महोदय ने पुनः भारत की अखंडता पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा कि भारत बिल्कुल वैसे है, जैसे यूरोप। उनके अनुसार, “भारत कई राज्यों का एक समूह है, जैसे यूरोप है, और जैसा हमारे संविधान में लिखा है, इंडिया इज़ ए यूनियन ऑफ स्टेटस”।

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विपक्ष के पास कोई आवाज़ नहीं है : राहुल गांधी 

Rahul Gandhi Cambridge में अपनी speech में  उतने पर नहीं रुके। जिस पेगासस सॉफ्टवेयर के मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट से सिरे से नकार दिया था, उसी को पुनः दोहराते हुए ये कहे, “आपको पता है कि हमारे देश में विपक्ष के पास कोई आवाज़ नहीं है? उन्हे सदैव निगरानी में रखा जाता है? मोदी सरकार ने कई विपक्षी नेताओं के फोन और लैपटॉप पर पेगासस सॉफ्टवेयर लगाया हुआ है, मेरे फोन पर भी था। आपको पता नहीं कि कैसे भारत में विपक्ष को उसके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है!” बता दें कि पेगासस के माध्यम से विपक्ष पर जासूसी के विषय को कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने उठाया था, जिसे काफी जांच पड़ताल के बाद निराधार बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को रद्द कर दिया था।

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