NAWADCO: अब स्मृति ईरानी चलाएंगी नेशनल वक्फ बोर्ड पर बुलडोजर

ये बड़ी अच्छी बात कही!

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NAWADCO: विगत कुछ माह से स्मृति ईरानी एक अलग ही मोड में है। उनका पूर्ववर्ती प्रोफ़ाइल बतौर राजनीतिज्ञ जैसा भी था, परंतु बतौर महिला विकास एवं अल्पसंख्यक मंत्री उन्होंने गदर मचा रखी है।

इस लेख में मिलिए स्मृति ईरानी के नये फॉर्म से, और जानिए कैसे वह इस समय वक्फ बोर्ड की हेकड़ी ठिकाने लगाने को उद्यत है।

समय के साथ बदलना आवश्यक है

हाल ही में रिपब्लिक द्वारा आयोजित एक विशिष्ट सम्मेलन का हिस्सा बनी तही स्मृति ईरानी। इसी में उन्होंने बातों ही बातों में संकेत दिया कि कैसे आने वाले समय में ‘राष्ट्रीय वक्फ विकास निगम लिमिटेड (NAWADCO)’ को भंग किया जा सकता है।

यह पूछे जाने पर कि क्या आने वाले समय में NAWADCO को खत्म कर दिया जाएगा? स्मृति ईरानी ने NAWADCO के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसकी स्थापना मनमोहन सरकार में आम चुनाव से पहले जनवरी 2014 में की गई थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि NAWADCO देश की अकेली सेक्शन 25 कंपनी है, जिसे टैक्सपेयर्स से रुपए प्राप्त करने का अधिकार दिया गया ताकि वक्फ की संपत्तियों का विकास और देखभाल हो सके। देश में दूसरी ऐसी कोई भी सेक्शन 25 संस्था नहीं है जो टैक्सपेयर्स के पैसों का इस्तेमाल किसी खास मजहब की निजी संपत्तियों की देखभाल करती हो।

स्मृति ईरानी ने यह भी कहा कि हम जानते हैं कि एक समिट में प्रशासनिक फैसले नहीं लिए जाते। लेकिन आपको इतना भरोसा दे सकती हूँ कि यदि किसी कारण से देश के दूसरे धर्म के मानने वालों के साथ भेदभाव होगा तो हम इसे निष्क्रिय करने का काम करेंगे। हम समानता स्थापित करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं यह सुनिश्चित करना चाहती हूँ कि सभी भारतीय कानून के नजर में समान हैं।

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नाक में दम कर दिया

स्मृति ईरानी ने रिपब्लिक समिट में हिस्सा लेते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय खतरे में नहीं है बल्कि अल्पसंख्यक तुष्टीकरण की राजनीति अब खतरे में है। स्मृति ईरानी ने कहा, “कॉन्ग्रेस अल्पसंख्यकों खासकर मुस्लिमों में डर फैलाकर उन्हें अलग थलग करने की कोशिश की। कॉन्ग्रेस ने हमेशा इस देश में धर्म के नाम पर राजनीति की है। यदि कॉन्ग्रेस के इस तरह के निर्णयों से जनता खुश होती तो लोग कभी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना समर्थन नहीं देते। लोगों ने दो बार उन्हें बदलावों के लिए ही अपना समर्थन दिया है और बदलाव किए जा रहे हैं”।

परंतु स्मृति ईरानी इतने पे नहीं रुकी। उन्होंने बातों ही बातों में ये भी बताया कि कैसे इस्लामिस्टों के कारण कई लोग चैन से बाहर भी नहीं निकल सकते। यहाँ उनका संकेत भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की ओर ही था।

स्मृति ईरानी के अनुसार, “देश में ऐसे मौके भी आए हैं जब एक महिला को अपने घर में कैद हो जाना पड़ा क्योंकि वो एक टीवी डिबेट का हिस्सा थीं। इसलिए आप इस तरह की बातें न करें जिससे मेरे खिलाफ भी इस तरह का वातावरण तैयार हो”। इस पर शो को होस्ट कर रहे अर्णब गोस्वामी ने कहा कि आप के खिलाफ पहले से ही ऐसी बातें हो रही हैं। आपको धमकियाँ दी जाती रही हैं।

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यही सही अवसर है

इसके अलावा स्मृति ईरानी ने अल्पसंख्यक के नाम पर हो रही राजनीति और अवधारणा पर बात की। उन्होंने कहा कि देश में मुस्लिमों को ही अल्पसंख्यक माना जाता है। सिख, पारसी और दूसरे धर्मों की चर्चा ही नहीं होती। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसी पार्टी का हिस्सा हूँ जो इस धारणा को दूर करती है।

वे गलत भी नहीं है। बतौर अल्पसंख्यक मंत्री इन्होंने कई ऐसे निर्णय लिए हैं, जो सुनने में कई लोगों को अतार्किक लगे, परंतु अंत में अल्पसंख्यक तुष्टीकरण के विरोध में जिस तरह भाजपा मोर्चा संभाले हुए हैं, उसी के अनुरूप उनकी कार्यशैली भी रही है। ऐसे में यदि राष्ट्रीय वक्फ बोर्ड के विरुद्ध ताबड़तोड़ एक्शन लिया जाता है, तो किसी को भी चौंकने की आवश्यकता नहीं!

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