CAG रिपोर्ट सामने आने के बाद दिल्ली की राजनीति में बवाल मचा हुआ है। यही हाल अब झारखंड का होता दिख रहा है। झारखंड विधानसभा में पेश की गई CAG रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे हुए हैं। सबसे बड़ा खुलासा यह है कि कोरोना महामारी के दौरान सरकार पूरा बजट खर्च नहीं कर पाई। इसके अलावा राज्य में स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी पाई गई है। इसके अलावा, ‘मातृत्व लाभ योजना’ में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का भी खुलासा हुआ है। CAG रिपोर्ट को लेकर JDU नेता सरयू राय ने सोरेन सरकार पर घटिया दवाओं की खरीद और रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया है।
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने गुरुवार (27 फरवरी, 2025) को विधानसभा में CAG रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद से ही सूबे की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। चूंकि CAG रिपोर्ट में हुए खुलासे चौंकाने वाले हैं, ऐसे में राजनीति होना लाजिमी है। रिपोर्ट में सामने आया है कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को 483.54 करोड़ रुपए दिए गए थे। वहीं राज्य सरकार को अपने कोटे से 272.88 करोड़ रुपए खर्च करने थे।
कुल मिलाकर देखें तो हेमंत सोरेन सरकार के पास कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए 756.42 करोड़ रुपए थे। हालांकि सरकार यह बजट खर्च करने में असफल रही और सिर्फ 436.97 करोड़ रुपए की राशि की खर्च कर पाई। इतना ही नहीं, राज्य आपदा कोष से सोरेन सरकार को 754.61 करोड़ रुपए मिले थे। लेकिन सरकार इसमें से 539.56 करोड़ रुपए की राशि ही खर्च कर पाई।
4 महीने में महिलाओं को हो गए 2 बच्चे:
CAG रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि झराखंड में मातृत्व योजना के तहत महिला श्रमिकों को दी जाने वाली राशि में बड़ा घोटाला हुआ है। घोटाला इस स्तर का है कि कहा जा रहा है कि महिलाओं को 4 महीने में 2 बार बच्चे हो गए और मातृत्व योजना के तहत मिलने वाली राशि का भुगतान भी कर दिया गया। धनबाद जिले में स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के सीनियर रेजिडेंट द्वारा जारी प्रमाण पत्र को देखें तो एक महिला के पहले बच्चे का जन्म 27 सितंबर 2020 को हुआ, तो वहीं दूसरे बच्चे का जन्म 30 जनवरी 2021 को हुआ।
हालांकि दूसरे बच्चे के जन्म से जुड़ा प्रमाण पत्र पीएचसी, टुंडी के चिकित्सा पदाधिकारी ने जारी किया था। इस तरह महिला को 2 बच्चों के लिए 30 हजार रुपए की राशि जारी की गई। यही हाल बोकारो जिले का भी रहा। वहां भी एक महिला को 4 महीने के भीतर 2 बच्चों के लिए 30 हजार रुपए का भुगतान किया गया। इसके अलावा साइकिल वितरण में अनियमितता बरती गई, राज्य में 45 वर्ष से अधिक आयु के कामगारों को भी साइकिलें दी गईं हैं, जबकि 18 से 45 वर्ष की आयु के कामगारों को ही इसका लाभ मिलना था।
CAG रिपोर्ट को JDU नेता सरयू राय ने आरोप लगाते हुए कहा है कि कोविड महामारी के दौरान केंद्र सरकार द्वारा दी गई धनराशि का सही इस्तेमाल नहीं हुआ और घटिया दवाओं की खरीदी की गई। सरयू राय ने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में घटिया दवाओं की खरीदारी, रेमडेसिविर की कालाबाजारी और हॉस्पिटल के निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ। सरयू राय ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को जेल भेजने की मांग की और मुख्यमंत्री से CAG रिपोर्ट के आधार पर उन पर कार्रवाई करने की अपील की।