मुश्किल में म्यांमार: एक, दो नहीं 36 बार और आया भूकंप; नमाज़ पढ़ रहे 700 लोगों की गई जान

म्यांमार में भीषण भूकंप के चलते करीब 1700 लोग मारे गए, 3400 घायल हुए और 300 लोग लापता हैं।

म्यांमार में भूकंप के चलते करीब 60 मस्जिदें क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गई हैं

म्यांमार में भूकंप के चलते करीब 60 मस्जिदें क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गई हैं

भूकंप की विभीषिका झेल रहे म्यांमार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक ओर जहां बीते शुक्रवार को आए विनाशकारी भूकंप में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,700 हो गई तो वहीं सोमवार को सुबह 2.8 से 7.5 तीव्रता वाले भूकंप के 36 झटके महसूस किए गए। IANS के मुताबिक, म्यांमार के मौसम विज्ञान एवं जल विज्ञान विभाग ने भूकंप से जुड़ी जानकारी दी है। म्यांमार की राज्य प्रशासन परिषद ने रविवार को जानकारी दी कि भीषण भूकंप में लगभग 1700 लोग मारे गए, 3400 घायल हुए और 300 लोग लापता हैं। भूकंप ने म्यांमार के साथ ही थाईलैंड में भी भारी तबाही मचाई थी और इसके झटके चीन, बांग्लादेश और भारत में महसूस किए गए थे।

म्यांमार के मांडले क्षेत्र में शुक्रवार को 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था और इसके कुछ ही मिनट बाद 6.4 तीव्रता का दूसरा झटका आया है। वहीं, शुक्रवार को अलविदा जुमा के दिन आए भूकंप को लेकर म्यांमार के एक मुस्लिम संगठन का कहना है कि देश में आए भूकंप में नमाज़ पढ़ रहे 700 से ज़्यादा नमाज़ियों की मौत हो गई है। स्प्रिंग रिवोल्यूशन म्यांमार मुस्लिम नेटवर्क से जुड़े लोगों ने बताया कि 7.7 तीव्रता के इस भूकंप में करीब 60 मस्जिदें क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गई हैं। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन मस्जिदों में मारे गए लोग 1,700 से अधिक की आधिकारिक संख्या में शामिल हैं या नहीं।

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में शनिवार को अधिकारियों ने बताया कि एक भीषण भूकंप में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 42 अन्य घायल हो गए और 78 लोग अब भी लापता हैं। आपदा के मद्देनजर, थाई प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा ने बैंकॉक में आपातकाल घोषित कर दिया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति ने सागाइंग, मांडले, मैगवे, शान राज्य के उत्तरपूर्वी हिस्से, ने प्यी ताव की राजधानी और बागो क्षेत्र में भी आपातकाल लागू कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं, जबकि अंतर्राष्ट्रीय सहायता भी तेज़ी से पहुंचाई जा रही है

भूकंप के कारण दक्षिण में मांडले और यांगून को जोड़ने वाली कई प्रमुख सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं या अवरुद्ध हो गईं। मांडले और ने प्यी ताव के हवाई अड्डों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, जिससे सभी उड़ानें रद्द कर दी गईं। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में मंडाले क्षेत्र में इमारतों, मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों को गंभीर नुकसान पहुंचा दिखाया गया है, जिनमें मंडाले पैलेस और महामुनि पैगोडा भी शामिल हैं। इस भूकंप के कुछ ही घंटों बाद, भारत ने मानवीय सहायता भेजकर और बचाव दल तैनात कर म्यांमार की मदद के लिए त्वरित कदम उठाए हैं।

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